Apple ने लिया बड़ा फैसला! इन दो iPhone को बना दिया ‘कबाड़’, नहीं मिलेगा कोई सपोर्ट, कई यूजर्स पर पड़ेगा असर

Apple ने अपने दो पुराने iPhone मॉडल्स iPhone 5 और iPhone 4 (8GB वैरिएंट) को आधिकारिक तौर पर ऑब्सोलेटे कैटेगरी में डाल दिया है. इसका मतलब है कि अब इन डिवाइस के लिए कंपनी की तरफ से कोई भी सर्विस या रिपेयर सपोर्ट उपलब्ध नहीं होगा. पहले ये दोनों मॉडल Apple की विंटेज लिस्ट में शामिल थे, लेकिन अब इन्हें पूरी तरह ऑब्सोलेटे घोषित कर दिया गया है, जिससे इनका सर्विस लाइफसाइकिल खत्म हो गया है.

कब माना जाता है विटेंज और ऑब्सोलेटे?

Apple के अनुसार, कोई भी डिवाइस तब “विटेंज” माना जाता है जब उसे कंपनी द्वारा बंद किए जाने के 5 साल पूरे हो जाते हैं, जबकि “ऑब्सोलेटे” तब घोषित किया जाता है जब उसे बंद हुए 7 साल से ज्यादा समय हो जाता है. विटेंज डिवाइस के लिए कुछ सीमित सर्विस मिल सकती है, लेकिन यह उपलब्ध पार्ट्स पर निर्भर करती है, जबकि ऑब्सोलेटे डिवाइस के लिए कंपनी कोई सपोर्ट नहीं देती.

साल 2012 में आया था iPhone 5

iPhone 5 को 2012 में लॉन्च किया गया था और यह Apple के लिए उस समय एक बड़ा अपग्रेड था, क्योंकि इसमें 4-इंच Retina डिस्प्ले और A6 चिप दी गई थी. यह डिवाइस 2013 में बंद कर दिया गया था और 2018 में इसे विंटेज लिस्ट में डाल दिया गया था. अब इसे ऑब्सोलेटे घोषित किए जाने के बाद इसके लिए कोई भी आधिकारिक रिपेयर सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.

इसी तरह iPhone 4 का 8GB वेरिएंट 2011 में लॉन्च हुआ था और 2013 में बंद कर दिया गया था. Apple के इस नए अपडेट के बाद यह मॉडल भी पूरी तरह सर्विस सपोर्ट से बाहर हो गया है.

पुराने फोन का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स पर पड़ेगा असर

इस फैसले का सीधा असर उन यूजर्स पर पड़ेगा जो अभी भी इन पुराने iPhone मॉडल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब उन्हें किसी भी हार्डवेयर समस्या के लिए Apple स्टोर या अधिकृत सर्विस सेंटर से मदद नहीं मिलेगी और उन्हें थर्ड-पार्टी रिपेयर विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ेगा.

भारत में iPhone 5 की शुरुआती कीमत लगभग 45,500 रुपये थी और यह 16GB, 32GB और 64GB स्टोरेज ऑप्शन में आता था. इसमें 8MP का रियर कैमरा और 1.2MP का फ्रंट कैमरा दिया गया था, जो उस समय के हिसाब से अच्छा माना जाता था. कुल मिलाकर, Apple के इस फैसले के साथ इन दोनों डिवाइस का आधिकारिक जीवनचक्र पूरी तरह खत्म हो गया है, और अब ये सिर्फ सेकेंडरी या कलेक्शन डिवाइस के तौर पर ही उपयोगी रह गए हैं.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं.

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