खाना बनाने वाली पर नजर रखने के लिए बनाया AI..आ गई ऐसी सच्चाई सामने की उड़ गए होश! फौरन निकाला काम से

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक शख्स का दावा तेजी से वायरल हो रहा है. पंकज नाम के यूजर ने कहा कि उन्होंने अपने किचन के लिए एक बेसिक लेकिन काम करने वाला AI मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया, जिसकी मदद से उन्होंने अपने कुक को फ्रिज से फल और सब्जियां लेते हुए पकड़ लिया. पंकज के मुताबिक उनका यह “AI रूममेट” रोजाना की गतिविधियों पर नजर रखता है और रियल टाइम में उन्हें अलर्ट भेजता है.

कैसे काम करता है AI मॉनिटरिंग सिस्टम?

पंकज के पोस्ट के अनुसार, किचन में कैमरा सेटअप लगाया गया है जिसे एक AI विजन मॉडल से जोड़ा गया है. जब कुक फ्रिज से कोई चीज निकालती है, तो सिस्टम उसे ट्रैक करता है और तुरंत नोटिफिकेशन भेज देता है. पंकज का कहना है कि इसी तरह उन्होंने कथित चोरी को “रेड हैंडेड” पकड़ा.

उन्होंने बताया कि AI सिर्फ खाने-पीने की चीजों पर नजर नहीं रखता. इसे इस तरह ट्रेन किया गया है कि यह अन्य व्यवहार भी पहचान सके, जैसे:

  • क्या कुक खाना बनाने से पहले हाथ धोती है
  • क्या काम खत्म होने के बाद किचन स्लैब साफ करती है
  • सिस्टम हर हफ्ते एक रिपोर्ट भी तैयार करता है, जिससे उन्हें किचन की गतिविधियों का व्यापक आकलन मिल सके.

पंकज ने दावा किया कि एक हफ्ते में सिस्टम ने दो बार बिना जानकारी के खाना लिए जाने की घटनाएं फ्लैग कीं, जिसके बाद उन्होंने कुक को हटा दिया.

कौन सा AI मॉडल इस्तेमाल हुआ?

तकनीकी जानकारी साझा करते हुए पंकज ने बताया कि वह विजुअल एनालिसिस के लिए Claude Haiku 4.5 नाम के AI मॉडल का उपयोग कर रहे हैं.

प्राइवेसी को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि फेस डिटेक्शन लोकल डिवाइस पर ही होता है और आगे प्रोसेसिंग से पहले चेहरों को ब्लर कर दिया जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि वह पूरे सिस्टम को भविष्य में Raspberry Pi पर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं, ताकि यह पूरी तरह ऑफलाइन काम कर सके. आगे चलकर वह गैस लीक डिटेक्शन और किचन में खाली समय की ट्रैकिंग जैसे फीचर्स भी जोड़ने की तैयारी में हैं.

ऑनलाइन मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने घरेलू निगरानी के लिए AI के इस इस्तेमाल की सराहना की. वहीं कई यूजर्स ने घरेलू कामगारों की प्राइवेसी और निगरानी को लेकर चिंता जताई. यह घटना दिखाती है कि AI टूल्स अब तेजी से रोजमर्रा की जिंदगी में जगह बना रहे हैं. लेकिन साथ ही यह भी साफ है कि तकनीक के साथ नैतिक और प्राइवेसी से जुड़े सवाल भी उतनी ही तेजी से सामने आ रहे हैं.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं.

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