5 सितंबर 2016 भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र के लिए एक ख़ास तारीख है। इसी दिन Reliance Jio ने देश में अपनी सेवाओं की शुरुआत की थी और देखते ही देखते इसने पूरे टेलीकॉम बाजार में अपना दबदबा जमा लिया। फ्री वॉइस कॉल, बेहद सस्ता इंटरनेट और 4G कनेक्टिविटी के साथ Jio की एंट्री सिर्फ एक नई टेलीकॉम कंपनी का लॉन्च नहीं थी, बल्कि भारत के डिजिटल बदलाव की शुरुआत भी थी। आज 5 सितंबर 2026 को Jio अपनी 10वीं सालगिरह मना रहा है। इन 10 वर्षों में कंपनी सिर्फ एक मोबाइल नेटवर्क नहीं रही, बल्कि टेलीकॉम से लेकर ब्रॉडबैंड, एंटरटेनमेंट, डिवाइस, डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स, क्लाउड और AI तक फैले एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम में बदल चुकी है।
Jio की शुरुआत उस दौर में हुई, जब भारत में मोबाइल डेटा काफी महंगा माना जाता था। कंपनी ने 5 सितंबर 2016 को अपनी सेवाओं की शुरुआत करते हुए ‘Jio Welcome Offer’ पेश किया। इसके तहत ग्राहकों को डेटा, वॉइस, वीडियो कॉलिंग और Jio के ऐप्स का इस्तेमाल मुफ्त में करने का मौका मिला। यह ऑफर 31 दिसंबर 2016 तक जारी रहा।
Jio की सबसे बड़ी घोषणा फ्री वॉइस कॉल थी। कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि Jio ग्राहकों को भारत में वॉइस कॉल के लिए अलग से भुगतान नहीं करना होगा और देशभर में रोमिंग शुल्क भी खत्म कर दिया गया। साथ ही बेहद कम कीमत पर 4G डेटा उपलब्ध कराया गया। इसका असर तुरंत दिखाई दिया। सितंबर 2016 में अपने पहले ही महीने में Jio ने 1.6 करोड़ ग्राहक जोड़ लिए और कंपनी ने इसे दुनिया के किसी टेलीकॉम ऑपरेटर या स्टार्टअप द्वारा हासिल की गई सबसे तेज शुरुआती वृद्धि बताया।
Jio की एंट्री का सबसे बड़ा असर मोबाइल डेटा की कीमतों पर पड़ा। इस कंपनी के सस्ते डेटा प्लान की वजह से इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी। Jio के मुताबिक, उसके आने से पहले भारत में डेटा की कीमत करीब 250 रुपये से 10,000 रुपये प्रति GB तक थी, जबकि बाद में डेटा की कीमतों में भारी गिरावट आई। कंपनी के अनुसार भारत का प्रति व्यक्ति डेटा इस्तेमाल भी कई गुना बढ़ा।
Jio की तेज ग्रोथ का एक और बड़ा कारण उसका पूरी तरह 4G नेटवर्क था। कंपनी ने शुरुआत से ही डेटा-केंद्रित नेटवर्क तैयार किया, जिससे स्मार्टफोन के जरिए वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा।
सिर्फ सस्ता डेटा उपलब्ध कराना ही Jio की रणनीति नहीं थी। कंपनी ने ऐसे यूजर्स को भी डिजिटल दुनिया से जोड़ने की कोशिश की, जो महंगे स्मार्टफोन नहीं खरीद सकते थे। 2017-18 में Jio ने Reliance Retail के साथ मिलकर JioPhone लॉन्च किया। यह फीचर फोन होने के बावजूद 4G कनेक्टिविटी और कई डिजिटल सेवाओं के साथ आया। Jio के अनुसार, JioPhone ने 10 करोड़ से ज्यादा 2G यूजर्स को 4G की ओर बढ़ने में मदद की।
इसके बाद JioPhone Next भी सामने आया, जिसे Google के साथ मिलकर डेवलप किया गया था। इसका उद्देश्य कम कीमत में स्मार्टफोन और डिजिटल सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।
2019 में Jio ने अपनी अगली बड़ी छलांग लगाई। 5 सितंबर 2019 को JioFiber की शुरुआत की गई। इसका लक्ष्य घरों तक हाई-स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड पहुंचाना था। कंपनी ने शुरुआत में 100 Mbps से लेकर 1 Gbps तक की स्पीड वाले प्लान पेश किए और ब्रॉडबैंड के साथ OTT, टीवी, गेमिंग और दूसरी डिजिटल सेवाओं को एक ही इकोसिस्टम में जोड़ने की कोशिश की।
यानी Jio अब सिर्फ एक मोबाइल इंटरनेट कंपनी नहीं रह गई थी। वह घर के डिजिटल अनुभव का भी हिस्सा बनने लगी।
Jio की कहानी में 2020 सबसे महत्वपूर्ण वर्षों में से एक रहा। इसी दौरान Reliance ने अपने डिजिटल कारोबार को Jio Platforms के तहत संगठित किया। इसका उद्देश्य टेलीकॉम कनेक्टिविटी के साथ अलग-अलग डिजिटल सेवाओं को एक बड़े प्लेटफॉर्म में बदलना था।
कोरोना महामारी के दौरान Jio ने JioMeet, JioMart, JioHaptik, JioGames, JioUPI और दूसरी डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया। वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल शॉपिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बढ़ते चलन ने इन सेवाओं के लिए बड़ा बाजार तैयार किया।
Jio की अगली बड़ी चुनौती 5G थी। 2022 में भारत में 5G सेवाओं की शुरुआत हुई और Jio ने अक्टूबर 2022 में Jio True 5G की शुरुआत की। शुरुआती चरण में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और वाराणसी समेत चुनिंदा शहरों में बीटा सेवा शुरू की गई। इसके बाद 5G रोलआउट तेजी से हुआ। 2023-24 तक Jio ने देशभर में True 5G नेटवर्क का रोलआउट पूरा कर लिया था और 10.8 करोड़ से ज्यादा ग्राहक उसके 5G नेटवर्क पर माइग्रेट हो चुके थे।
सितंबर 2023 में Jio ने JioAirFiber लॉन्च किया। इसका उद्देश्य बिना पारंपरिक फाइबर लाइन बिछाए 5G तकनीक के जरिए घरों और ऑफिस तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना था। इससे उन क्षेत्रों में भी ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने की कोशिश हुई जहां फाइबर बिछाना मुश्किल था।
आज Jio के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कारोबार में JioFiber और JioAirFiber दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मार्च 2026 तक कंपनी के अनुसार इनके कुल 2.71 करोड़ सब्सक्राइबर थे।
10 साल पूरे होने तक Jio का आकार उस कंपनी से कई गुना बड़ा हो चुका है जिसने 2016 में सिर्फ मोबाइल डेटा और कॉलिंग सेवाओं के साथ शुरुआत की थी। मार्च 2026 तक Jio के पास 52.44 करोड़ ग्राहक थे। कंपनी के पास 3.60 लाख से ज्यादा नेटवर्क टावर और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क था।
हाल ही में Jio ने JioPC को भी एक स्टैंडअलोन क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा के रूप में लॉन्च किया है, जिससे पुराने कंप्यूटरों पर भी क्लाउड के जरिए ज्यादा क्षमता वाले कंप्यूटिंग संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अब Jio की नजर अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं पर है। कंपनी 6G, AI, क्लाउड, IoT, प्राइवेट 5G और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर रही है।
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