Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 सिर्फ कैलेंडर की एक सामान्य तारीख नहीं है. इस दिन आसमान में साल का पहला Lunar Eclipse दिखाई देगा. इसे चंद्र ग्रहण भी कहा जाता है. यह ऐसा खगोलीय घटना है जिसे देखने के लिए किसी खास उपकरण या किट की जरूरत नहीं होती. बस शाम के समय कुछ मिनट और साफ आसमान चाहिए.
भारत के कई हिस्सों में यह ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई देगा, जबकि पूर्वोत्तर के कुछ शहरों में पूर्ण अवस्था देखने को मिल सकती है.
पेनुम्ब्रल चरण की शुरुआत: 4:58 PM IST
पूर्ण अवस्था की शुरुआत: 4:58 PM IST
पूर्ण अवस्था का अंत: 5:32 PM IST
पेनुम्ब्रल चरण का अंत: 7:53 PM IST
हालांकि, भारत में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कई स्थानों पर चंद्रमा उदय होते समय पहले से ही ग्रहण की अवस्था में होगा. इसका मतलब है कि यहां ग्रहण का केवल अंतिम हिस्सा ही साफ तौर पर देखा जा सकेगा. शाम के समय सूर्यास्त के आसपास लगभग 20 मिनट का दृश्य समय मिल सकता है, जब चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया से बाहर आता दिखेगा.
Time and Date के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पूर्वोत्तर भारत के कुछ शहरों में 100 प्रतिशत आच्छादन यानी पूर्ण अवस्था दिखाई दे सकती है.
डिब्रूगढ़, असम
दिसपुर, असम
गुवाहाटी, असम
ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश
शिलांग, मेघालय
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. जब चंद्रमा पूरी तरह छाया में चला जाता है, तो वह सामान्य से ज्यादा गहरा दिख सकता है. कभी-कभी उसमें हल्का लाल रंग भी नजर आता है. हर साल कुछ चंद्र ग्रहण होते हैं, लेकिन सभी भारत से दिखाई नहीं देते. यही वजह है कि 3 मार्च 2026 का यह ग्रहण खास माना जा रहा है.
चंद्र ग्रहण देखना बिल्कुल सुरक्षित है. इसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है. सौर ग्रहण की तरह इसमें किसी खास चश्मे की जरूरत नहीं होती. अगर आसमान साफ हो तो बस सूर्यास्त के समय बाहर निकलें और उगते चंद्रमा को देखें. दूरबीन से देखने पर दृश्य और स्पष्ट हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है.
मार्च के महीने में यह एक ऐसा खगोलीय पल होगा, जिसे कई लोग याद रखना चाहेंगे. समय भले ही कम हो, लेकिन आसमान की एक झलक भी खास महसूस हो सकती है.
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