Chandra Grahan 2026: लगने जा रहा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए कब से कब कर लगेगा, नोट कर लें डेट और टाइम

Updated on 03-Feb-2026

Lunar Eclipse 2026: क्या आप आसमान में होने वाले उस जादू को देखने के लिए तैयार हैं जब चाँद लाल रंग में रंगा नजर आएगा? 2026 का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) बस एक महीने दूर है और खगोल विज्ञान के दीवानों के बीच इसका उत्साह चरम पर है. इसे ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) भी कहा जाता है, जो एक दुर्लभ खगोलीय घटना है. भारत के कई हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा, तो अपनी छत पर जाने के लिए तैयार हो जाइए!

क्या है ब्लड मून?

2026 का पहला चंद्र ग्रहण अब से बस एक महीने की दूरी पर है. इस घटना में (पूर्ण चंद्र ग्रहण), पृथ्वी सीधे सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे उपग्रह (चंद्रमा) पर एक काली छाया पड़ती है और वह लाल दिखाई देता है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि ऐसा साल में केवल एक या दो बार ही होता है.

भारत में कब दिखेगा?

भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार, 2026 का यह ब्लड मून 2 मार्च, 2026 को देखा जाएगा. इसकी शुरुआत दोपहर 3:22 बजे से हो जाएगी. जबकि इसकी समाप्ति शाम 6:47 PM बजे को होगी.

कहाँ-कहाँ देगा दिखाई?

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ब्लड मून देश के लगभग सभी हिस्सों में दिखाई देगा.

विजिबिलिटी: ग्रहण पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जिसमें असम, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं. यह पश्चिम बंगाल के पूर्वी हिस्सों जैसे गुवाहाटी, आइजोल, ईटानगर और कोलकाता में भी दिखाई देगा.

आंशिक फेज: चंद्र ग्रहण का आंशिक चरण बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे अन्य शहरों में दिखाई देगा.

ग्लोबल विजिबिलिटी: भारत के अलावा, यह एशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अन्य जगहों पर भी दिखाई देगा.

कैसे देखें यह नजारा?

2026 के ब्लड मून के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इसे किसी भी विशेष उपकरण (Special Equipment) के बिना देखा जा सकता है. इसे देखने के लिए आपको किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, दूरबीन (Binoculars) की एक जोड़ी निश्चित रूप से आपको ब्लड मून का बेहतर दृश्य देगी.

यह कहा जा रहा है कि चंद्र ग्रहण की दृश्यता मौसम, बादलों और प्रदूषण जैसे बाहरी कारकों पर निर्भर करेगी. सबसे अच्छा दृश्य प्राप्त करने के लिए, इच्छुक व्यक्तियों को ऐसी जगह खोजने का सुझाव दिया जाता है जहां प्रदूषण कम हो और खुले आकाश की दृश्यता अधिक हो.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं.

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