Smartphone tips to improve Battery life and how to fix battery drain
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। बातचीत, मनोरंजन, कामकाज और यहां तक कि रास्ता ढूंढने तक, हर काम के लिए हम फोन पर निर्भर हो गए हैं। इसके बावजूद, बैटरी का जल्दी खत्म हो जाना लगभग हर यूज़र की एक आम समस्या है। हालांकि मॉडर्न स्मार्टफोन्स में दमदार बैटरियां होती हैं, लेकिन कुछ बैकग्राउंड सेटिंग्स चुपचाप बैटरी की खपत बढ़ा देती हैं। नीचे बताए गए पांच ज़रूरी सेटिंग्स में बदलाव करके आप अपने फोन की बैटरी लाइफ को बेहतर बना सकते हैं, जिसके बाद वह एक बार चार्ज करने पर पहले से ज्यादा चलेगा।
किसी भी स्मार्टफोन में सबसे ज्यादा बैटरी डिस्प्ले खर्च करता है। ज्यादा ब्राइटनेस और लंबे समय तक स्क्रीन ऑन रहने से बैटरी तेजी से खत्म होती है। बैटरी बचाने के लिए ब्राइटनेस को मैन्युअली कम रखें या ऑटो-ब्राइटनेस चालू करें, जिससे रोशनी के अनुसार स्क्रीन की चमक अपने आप एडजस्ट हो जाए। साथ ही स्क्रीन टाइमआउट को 15 या 30 सेकंड पर सेट करें, ताकि इस्तेमाल न होने पर डिस्प्ले जल्दी बंद हो जाए। यह छोटा सा बदलाव दिनभर में काफी बैटरी बचा सकता है।
नेविगेशन और डिलीवरी ऐप्स के लिए लोकेशन या जीपीएस जरूरी होता है, लेकिन यही फीचर बैकग्राउंड में चलकर बैटरी की खपत भी बढ़ाता है। सेटिंग्स में जाकर उन ऐप्स के लिए लोकेशन एक्सेस सीमित करें, जिन्हें हर समय इसकी जरूरत नहीं है। “Always allow” की जगह “Allow only while using the app” का विकल्प चुनें। अगर बिल्कुल जरूरत न हो तो जीपीएस पूरी तरह बंद करना भी बैटरी बचाने में मददगार होता है।
कई ऐप्स, खासकर सोशल मीडिया, ईमेल और मैसेजिंग ऐप्स, इस्तेमाल न होने पर भी बैकग्राउंड में अपडेट होते रहते हैं। इससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। फोन की सेटिंग्स में जाकर बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश को सीमित करें। आप चाहें तो इसे पूरी तरह बंद कर सकते हैं या केवल जरूरी ऐप्स को ही अनुमति दें। इसके अलावा, गैर-ज़रूरी नोटिफिकेशन बंद करने से भी बैटरी की खपत काफी हद तक कम हो जाती है।
आजकल लगभग हर स्मार्टफोन में बैटरी सेवर या पावर सेविंग मोड मौजूद होता है। इसे चालू करने पर फोन की परफॉर्मेंस थोड़ी कम हो जाती है, बैकग्राउंड डेटा सीमित हो जाता है और डिस्प्ले की ब्राइटनेस घट जाती है, जिससे बैटरी ज्यादा देर तक चलती है। आप इसे मैन्युअली ऑन कर सकते हैं या बैटरी एक तय प्रतिशत से नीचे आते ही अपने आप चालू होने के लिए सेट कर सकते हैं। लंबे सफर या व्यस्त दिन में यह फीचर काफी उपयोगी साबित होता है।
वाई-फाई, ब्लूटूथ, मोबाइल डेटा और हॉटस्पॉट जैसे फीचर्स जरूरत न होने पर भी चालू रहने से बैटरी तेजी से खत्म होती है। इसलिए जब इनका इस्तेमाल न हो रहा हो, तो इन्हें बंद करना बेहतर है। उदाहरण के लिए, हेडफोन हटाने के बाद ब्लूटूथ बंद कर दें या चलते-फिरते समय वाई-फाई ऑफ रखें। कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में एयरप्लेन मोड भी फायदेमंद होता है, क्योंकि ऐसे समय में फोन नेटवर्क खोजने में ज्यादा एनर्जी खर्च करता है।
इन छोटी-छोटी सेटिंग्स में बदलाव करके आप अपने स्मार्टफोन की बैटरी को जल्दी खत्म होने से बचा सकते हैं और बिना बार-बार चार्जर खोजे ज्यादा समय तक फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। समय-समय पर बैटरी सेटिंग्स और ऐप्स की खपत पर नजर रखने से आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-से फीचर्स ज्यादा बैटरी खर्च कर रहे हैं, जिससे आप अपने डिवाइस को और ज्यादा प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर पाएंगे।
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