आजकल AI टूल्स की कोई कमी नहीं है। एक को तलाशों सैंकड़ों मिल जाते हैं। इनका काम करने का तरीका भी बेहद ही अलग है, आप बस एक सवाल पूछिए और सेकंडों में इसका जवाब आपको यह दे देते हैं। लेकिन इन ज़्यादातर AI चैटबॉट्स की एक बड़ी कमजोरी है, चैट खत्म होते ही यह सब भूल जाते हैं। न पुरानी बातें याद रहती हैं, न आपका काम करने का तरीका इनके जहन में रहता है। इसी कमी को दूर करने के लिए टेक वर्ल्ड में अचानक एक नया नाम चर्चा में आ गया है Clawdbot। पिछले कुछ दिनों में इसका नाम कई बार बदल चुका है, लेकिन यह एक ऐसा AI है जिसे लेकर इस समय इंटरनेट पर सनसनी मची हुई है। आइए इसके बारे में सबकुछ जानते हैं, क्या यह आपके लिए फायदेमंद है या आपको सबसे बड़ी टेंशन में डालने वाला एक नया शिकारी?
Clawdbot कोई आम AI चैटबॉट नहीं है, बल्कि एक ऐसा पर्सनल AI असिस्टेंट है जो आपके सिस्टम को कंट्रोल नहीं करता, बल्कि उसे समझना और संभालना सीखता है। यही वजह है कि टेक एक्सपर्ट्स इसे बाकी AI टूल्स से ज्यादा ईमानदार, ताकतवर और साथ साथ सबसे ज्यादा खतरनाक भी मान रहे हैं।
Clawdbot न तो किसी बड़ी टेक कंपनी का प्रोडक्ट है और न ही इसका आपको कहीं कोई बड़ा ऐड आपने देखा होगा। इसके बावजूद डेवलपर्स, प्रोग्रामर्स और हार्डकोर AI यूजर्स इसके बारे में लगातार बात कर रहे हैं। असल में Clawdbot एक लोकल पर्सनल AI है, यानी यह किसी क्लाउड सर्वर पर नहीं, बल्कि सीधे आपके अपने कंप्यूटर पर चलता है। कई लोग इसे Mac Mini जैसे छोटे सिस्टम पर 24×7 ऑन रखते हैं, ताकि यह हर वक्त बैकग्राउंड में काम करता रहे।
अब तक आपने जिन AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल किया है, वे बातचीत खत्म होते ही सब कुछ भूल जाते हैं। लेकिन Clawdbot की सबसे बड़ी ताकत है इसकी याददाश्त। अगर आप इसे परमिशन देते हैं, तो यह आपके काम करने के तरीके को धीरे-धीरे समझने लगता है।
यह आपके ईमेल पढ़ सकता है और उनका जवाब भी दे सकता है!
यह आपके ईमेल पढ़ सकता है, कैलेंडर चेक कर सकता है, आपकी मीटिंग्स को ट्रैक कर सकता है और यह भी याद रख सकता है कि आप किस तरह काम करते हैं। नतीजा यह होता है कि अगली बार यह आपको बिल्कुल उसी कॉन्टेक्स्ट में मदद देता है।
सीधे शब्दों में कहें तो Clawdbot एक साइलेंट असिस्टेंट की तरह काम करता है, जो बैकग्राउंड में रहकर आपकी जरूरतों का ख्याल रखता है। हालांकि, यहाँ एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है, क्या यह सही है?
Clawdbot के वायरल होने की एक बड़ी वजह इसका Open-Source होना है। इसका मतलब यह है कि कोई भी देख सकता है कि यह AI कैसे काम करता है और चाहें तो इसमें अपनी जरूरत के हिसाब से बदलाव भी कर सकता है।
इसी कारण ट्विटर और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग अपने कस्टमाइज्ड Clawdbot सेटअप के स्क्रीनशॉट, टिप्स और यहां तक कि मीम्स भी शेयर कर रहे हैं। डेवलपर्स के लिए यह एक ऐसा AI बन गया है जिसे वे अपने तरीके से ढाल सकते हैं।
Clawdbot जितना पावरफुल है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। इसे आपके कंप्यूटर की फाइल्स पढ़ने, ब्राउज़र कंट्रोल करने और सिस्टम लेवल पर काम करने की क्षमता मिल सकती है। अगर इसे गलत तरीके से सेटअप किया जाए या बिना सोचे-समझे परमिशन दे दी जाए, तो डेटा लीक और प्राइवेसी का खतरा काफी बढ़ सकता है। इसके डेवलपर भी साफ कह चुके हैं कि यह कोई खिलौना नहीं, बल्कि एक ऐसा टूल है जिसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है।
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