ई-पासपोर्ट बनवाने से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब! फीस से लेकर दस्तावेज और आवेदन कैसे करें से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी

Updated on 09-Jan-2026

भारत में पासपोर्ट सिस्टम अब तेजी से डिजिटल और ज्यादा सुरक्षित होता जा रहा है। इसी दिशा में Ministry of External Affairs ने e-Passport को देशभर में लागू करना शुरू किया है। e-Passport दरअसल एक बायोमेट्रिक पासपोर्ट होता है, जिसमें एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है। यह चिप पासपोर्ट होल्डर की पर्सनल और बायोमेट्रिक जानकारी को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करती है। इसकी शुरुआत भारत में 2022 में हुई थी और 2025 तक यह सुविधा देश के कई बड़े शहरों में लाइव हो चुकी है।

क्या डाउनलोड किया जा सकता है ई-पासपोर्ट?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या e-Passport को मोबाइल या PDF के रूप में डाउनलोड किया जा सकता है। इसका सीधा जवाब है, नहीं। e-Passport कोई डिजिटल फाइल नहीं, बल्कि एक फिजिकल पासपोर्ट बुकलेट ही होता है, बस फर्क इतना है कि इसमें ICAO-कंप्लायंट इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है। हां, आप अपने आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन जरूर चेक कर सकते हैं, इसके लिए आपको Passport Seva Portal पर जाना होगा।

क्या है ई-पासपोर्ट का मतलब?

अगर आसान शब्दों में समझें, तो e-Passport एक स्मार्ट पासपोर्ट है। इसके कवर में लगी चिप में आपकी फोटो, फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और जरूरी डेमोग्राफिक डिटेल्स सुरक्षित रूप से सेव रहती हैं। यह तकनीक इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) के स्टैंडर्ड्स पर आधारित है, जिससे छेड़छाड़ या फर्जी पासपोर्ट बनने की संभावना काफी हद तक खत्म हो जाती है।

कैसे ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन करें?

e-Passport के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बिल्कुल सामान्य पासपोर्ट जैसी ही है। आपको Passport Seva की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है, फॉर्म भरना होता है और PSK या POPSK में अपॉइंटमेंट लेना होता है। बायोमेट्रिक और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के बाद अगर आपका शहर e-Passport रोलआउट में शामिल है, तो आपको अपने-आप चिप वाला पासपोर्ट जारी कर दिया जाता है।

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ई-पासपोर्ट के लिए जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट

  • ई-पासपोर्ट के लिए सबसे पहले पहचान प्रमाण (Identity Proof) देना होता है। इसके तहत आप अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड जमा कर सकते हैं। आधार कार्ड सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला दस्तावेज है, क्योंकि यह UIDAI द्वारा जारी किया जाता है और इसमें आपकी बायोमेट्रिक जानकारी पहले से मौजूद रहती है।
  • इसके बाद आता है पते का प्रमाण (Address Proof)। इसके लिए आप बिजली का बिल, पानी का बिल या अन्य मान्य एड्रेस प्रूफ दे सकते हैं, जिसमें आपका वर्तमान पता साफ-साफ लिखा हो। एक चीज का ध्यान रखें कि यह डिटेल्स ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
  • तीसरा और सबसे अहम डॉक्यूमेंट होता है जन्मतिथि का प्रमाण (Date of Birth Proof)। इसके लिए जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) को सबसे मजबूत सबूत माना जाता है। आप अपने 10वीं के मार्कशीट को भी इस दस्तावेज के तौर पर जमा कर सकते हैं। हालांकि, इसमें अन्य दस्तावेज भी शामिल हो सकते हैं जो आपकी सही उम्र को बताते हों।

इन सभी डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन आवेदन के दौरान Passport Seva Portal पर अपलोड करना होता है। अपॉइंटमेंट के दिन इन्हीं दस्तावेजों की ओरिजिनल कॉपी लेकर नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK/POPSK) जाना होता है, जहां वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की जाती है।

ई-पासपोर्ट बनवाने में आने वाला खर्च?

अगर फीस की बात करें, तो 36 पेज वाली सामान्य पासपोर्ट बुकलेट के लिए 1,500 रुपये देने होंगे, जबकि ज्यादा पन्नों वाली 60 पेज की बुकलेट के लिए 2,000 रुपये फीस लगने वाली है। वहीं, जिन लोगों को जल्दी पासपोर्ट की जरूरत होती है और वे तत्काल सेवा का ऑप्शन चुनते हैं, उनके लिए यह शुल्क बढ़कर 3,500 रुपये (36 पेज) और 4,000 रुपये (60 पेज) तक हो सकता है। यानी तकनीक बदली है, लेकिन सरकार की ओर से कीमत वही रखी गई है।

किस आयु के लोग कर सकते हैं आवेदन?

योग्यता को लेकर भी सरकार ने कोई सख्ती नहीं दिखाई है। भारत का कोई भी नागरिक e-Passport के लिए आवेदन कर सकता है, चाहे वह नवजात शिशु हो या फिर 75 साल का वरिष्ठ नागरिक। खास बात यह है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपॉइंटमेंट के समय प्राथमिकता दी जाती है, जिससे उन्हें लंबा इंतजार न करना पड़े।

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कैसे चेक करे सकते हैं ई-पासपोर्ट बनने में कितना समय लगेगा?

अगर आप ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कर चुके हैं और अब देखना चाहते हैं कि आखिर इसका स्टेटस क्या है तो आपको जानकारी के लिए बता देते है कि इसके लिए कोई अलग सिस्टम सरकार की ओर से नहीं दिया गया है। Passport Seva स्टेटस ट्रैकर पर फाइल नंबर और जन्मतिथि डालकर आप रियल-टाइम अपडेट देख सकते हैं। डाउनलोड का ऑप्शन इसलिए नहीं दिया जाता क्योंकि पूरी सुरक्षा इसी बात में है कि डेटा सिर्फ चिप और सरकारी सिस्टम में ही रहे।

ई-पासपोर्ट के फायदे

इमिग्रेशन के दौरान e-Passport का फायदा साफ नजर आता है। एयरपोर्ट पर स्कैन होते ही चिप वायरलेस तरीके से एन्क्रिप्टेड डेटा भेजती है, जिसे लाइव बायोमेट्रिक स्कैन से मैच किया जाता है। इससे वेरिफिकेशन फास्ट हो जाती है, e-Gate जैसी सुविधाओं का रास्ता भी खुलता है।

किन शहरों में जारी किए जा रहे हैं ई-पासपोर्ट?

फिलहाल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे कई शहरों में e-Passport जारी किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, अगर आप नए पासपोर्ट या रिन्यूअल के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो e-Passport भारत में इंटरनेशनल ट्रैवल को ज्यादा सुरक्षित, फास्ट और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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