आधार कार्ड देश के हर एक नागरिक के लिए एक जरूरी दस्तावेज बन चुका है। इसका इस्तेमाल और जरूरत अब सिम से लेकर बैंक अकाउंट तक को खोलने में होने लगी है। ऐसा कह सकते है कि जो काम पहले कई दस्तावेजों से किए जाते थे, अब वे सभी अकेले आधार कार्ड के साथ हो जाते हैं। इस जरूरी दस्तावेज को लेकर एक नए नियम ने कहाँ ग्राहकों की टेंशन बढ़ा दी है, वहीं फ्रॉड करने वालों को सचेत भी कर दिया है। असल में, डेट ऑफ बर्थ के अपडेशन को लेकर एक नया नियम लागू किया जा चुका है। आइए जानते है कि आखिर आधार धारकों पर इसका क्या असल होने वाला है।
डेट ऑफ बर्थ को लेकर UIDAI ने पिछले कुछ समय में यह पाया है कि इसे बार बार अपडेट किया जा रहा था। अब ऐसा जाहिर है कि किसी ना किसी संदिग्ध काम के लिए ही या किसी ना किसी फ्रॉड के लिए ही किया जा रहा होगा। हालांकि, पुख्ता तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है, लेकिन बार बार डेट ऑफ बर्थ की प्रक्रिया को इस्तेमाल में लेना UIDAI को सही नहीं लग रहा था, ऐसे में UIDAI की ओर से इसे लेकर एक नई SOP को जारी कर दिया है।
इस नए SOP को आने के बाद अब कुछ विशेष परिस्थितियों में ही आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ को अपडेट किया जा सकेगा। असल में, UIDAI का मानना है कि किसी भी व्यक्ति की डेट ऑफ बर्थ एक ही होती है, इसी कारण इसे बा बार चेंज करने की जरूरत ही नहीं पड़नी चाहिए। हालांकि, कई मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि ऑपरेटर की गलती से ऐसा हो जाता था, कई बार टायपिंग मिस्टेक के कारण भी ऐसा हो जाता था। अगर ऐसा कोई मामले है तो इसमें डेट ऑफ बर्थ को चेंज करने की अनुमति मिलने वाली है। हालांकि, इसके लिए भी प्रमाणित और सत्यापन के लिए आपको एक संबंधित दस्तावेज को मुहैया करवाना होगा।
नया नियम 24 दिसंबर 2025 से प्रभावी है। UIDAI के नए नियम के अनुसार अगर आप डेट ऑफ बर्थ में अपडेट करवाना चाहते हैं तो सबसे मान्य और कानूनी दस्तावेज के तौर पर जन्मतिथि के प्रमाण पत्र को ही सबसे ज्यादा मान्यता दी गई है। अगर शुरुआत में ही इसका इस्तेमाल आधार कार्ड बनवाने में किया जा चुका है तो उसके बाद आप किसी भी परिस्थिति में दोबारा डेट ऑफ बर्थ को चेंज नहीं करवा सकते हैं।
UIDAI की ओर से कुछ नए SOP जारी कर दिए गए हैं। यहाँ हम आपको इनके बारे में बताने वाले हैं।
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