UPI New Rules: भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लेकर एक बड़ा बदलाव लागू किया गया है. 1 अप्रैल से Reserve Bank of India ने नए नियम लागू किए हैं, जो UPI, कार्ड और वॉलेट ट्रांजैक्शन को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने पर फोकस करते हैं. अब ज्यादातर डिजिटल पेमेंट्स के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा यानी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी कर दी गई है. इसका मतलब यह है कि सिर्फ UPI PIN डालकर पेमेंट पूरा नहीं होगा.
जब तक दोनों स्टेप पूरे नहीं होंगे, ट्रांजैक्शन प्रोसेस नहीं होगा.
सीधी बात करें तो पेमेंट अब थोड़ा धीमा जरूर होगा, लेकिन ज्यादा सुरक्षित भी होगा. अगर किसी को आपका PIN पता भी चल जाए, तब भी वह बिना दूसरे वेरिफिकेशन के पेमेंट नहीं कर पाएगा. हालांकि, हर ट्रांजैक्शन में यह सख्ती लागू नहीं होगी. बैंक “ट्रस्टेड डिवाइस” के लिए प्रोसेस को आसान रख सकते हैं, जबकि नए डिवाइस या बड़े अमाउंट वाले पेमेंट्स पर ज्यादा सिक्योरिटी चेक होंगे.
एक और बदलाव यह है कि अब UPI के जरिए ATM से निकाले गए पैसे को सामान्य ATM ट्रांजैक्शन की तरह गिना जाएगा. अगर आप अपने फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट को पार कर लेते हैं, तो हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये (टैक्स अलग) का चार्ज लगेगा.
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