प्रतीकात्मक फोटो
भारत में पासपोर्ट सेवा अब पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक हो रही है. पासपोर्ट सिस्टम में कई बदलावों की घोषणा की गई. इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सेवा को तेज, पारदर्शी और आम लोगों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाना है. अब भारत में ई-पासपोर्ट (e-Passport) की सुविधा शुरू हो चुकी है जो एक चिप आधारित, बायोमैट्रिक और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड से लैस पासपोर्ट होगा.
भारत सरकार के Passport Seva Programme Version 2.0 (PSP V2.0) के तहत पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया में तकनीकी बदलाव किए गए हैं. यह अपग्रेड अब देशभर में लागू हो चुका है और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी इसका पायलट फेज शुरू कर दिया गया है.
पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए mPassport Police App का इस्तेमाल किया जा सकता है. जिससे वेरिफिकेशन अब सिर्फ 5-7 दिनों में हो रहा है.
ई-पासपोर्ट एक स्मार्ट पासपोर्ट है जिसमें कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है ताकि आपकी पहचान और ट्रैवल सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो सके. इसमें पासपोर्ट के फ्रंट कवर में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है, जिसमें आपकी पूरी बायोमैट्रिक जानकारी होती है. आपके फिंगरप्रिंट्स, आईरिस स्कैन और चेहरे की तस्वीर चिप में सुरक्षित होती है.
इसको बिना छुए स्कैन की जा सकती है, जिससे एयरपोर्ट पर फास्ट एंट्री और एक्सिट संभव हो पाती है. सरकार ने बताया है कि इसको इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन के मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है. इसके साथ डेटा की फोर्जरी और डुप्लिकेशन के खतरे बेहद कम है. यह तकनीक विदेशों में काम कर रहे प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए खासतौर पर मददगार साबित होगी.
ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले जैसे ही है, लेकिन अब आप नए PSP 2.0 के माध्यम से और भी तेज और सरल अनुभव पा सकते हैं. इसके लिए Passport Seva पोर्टल पर जाएं. passportindia.gov.in पर अगर पहले से अकाउंट है तो लॉगिन करें, वरना नया अकाउंट बनाएं.
इसके बाद e-Passport के विकल्प का चयन करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें. फिर अपने निकटतम PSK या POPSK का चयन करें. इसके बाद डेबिट/क्रेडिट कार्ड, UPI या नेटबैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान करें. अपनी सुविधा के अनुसार बायोमेट्रिक और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए स्लॉट बुक करें. तय समय पर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ केंद्र पर पहुंचें.
इस योजना का मकसद सिर्फ पासपोर्ट बनवाना आसान बनाना नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया, ग्लोबल कनेक्टिविटी और सशक्त नागरिक सेवा को बढ़ावा देना भी है. अब वेरिफिकेशन और अपॉइंटमेंट जैसी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी हो रही हैं. गांव और छोटे कस्बों में भी मोबाइल वैन और POPSK केंद्रों की मदद से लोग पासपोर्ट सेवाओं तक पहुंच पा रहे हैं.
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