आधार कार्ड आज के समय में सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ों में से एक है. यह न केवल पहचान पत्र के रूप में काम करता है, बल्कि सिम कार्ड खरीदने के लिए भी आवश्यक माना जाता है. हालांकि, अब आधार कार्ड से खरीदे जाने वाले सिम कार्ड की एक सीमा तय की गई है. अगर आप इस सीमा से ज़्यादा सिम खरीदते हैं, तो आपको कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक आधार कार्ड पर ज्यादा से ज्यादा 9 सिम खरीदे जा सकते हैं. वहीं, मशीन-टू-मशीन (M2M) सेवाओं के लिए यह संख्या 18 तक हो सकती है. M2M सेवाओं का इस्तेमाल खासतौर पर स्मार्ट होम डिवाइस और वाहनों में इस्तेमाल होने वाले IoT सिस्टम को जोड़ने के लिए किया जाता है.
अगर आप 9 से ज़्यादा सिम खरीदते हैं या बिना ज़रूरत के उनका इस्तेमाल करते हैं, तो आपको इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
सरकार ने इसके लिए TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection) पोर्टल शुरू किया है, जिसके ज़रिए आप अपने नाम पर दर्ज सभी सिम कार्ड्स की जानकारी ले सकते हैं. ये रहा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका:
– TAFCOP वेबसाइट पर जाएं.
– अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें.
– ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद आपके नाम पर दर्ज सभी सिम कार्ड्स की लिस्ट सामने आ जाएगी.
आधार कार्ड पर सीमित संख्या में सिम कार्ड लेने का नियम आपकी सुरक्षा और डिजिटल सिस्टम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बनाया गया है. इसलिए ज़रूरत से ज़्यादा सिम लेने से बचें और समय-समय पर अपने सिम कार्ड्स की लिस्ट ज़रूर चेक करते रहें.
अगर आपके नाम पर कोई ऐसा सिम कार्ड जुड़ा हुआ दिखे जिसे आप पहचानते नहीं हैं, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है. इन नंबरों को हटाने के लिए नीचे दिए गए तरीके अपनाएं.
ये नंबर टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर के पास दोबारा वेरिफिकेशन के लिए भेज दिए जाएंगे. अगर यह पाया गया कि कनेक्शन अनधिकृत हैं, तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा और आपकी पहचान के दुरुपयोग से सुरक्षा हो जाएगी.
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