Starlink
एलन मस्क की कंपनी Starlink को भारत में इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए आखिरी मंजूरी मिल गई है. IN-SPACe (इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर) ने Starlink को अगले पांच सालों के लिए भारत में कमर्शियल तौर पर ऑपरेट करने का लाइसेंस दे दिया है. इसके साथ ही Starlink, OneWeb और Reliance Jio के बाद भारत की तीसरी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी बन गई है.
Starlink को देश में अपनी Gen1 सैटेलाइट कंस्टीलेशन के जरिए इंटरनेट सेवा देने की अनुमति मिली है, जो कि 7 जुलाई 2030 तक वैलिड रहेगी. हालांकि, अभी कमर्शियल लॉन्च में थोड़ा समय लग सकता है क्योंकि Starlink को ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेटअप करना होगा. इसके अलावा स्पेक्ट्रम भी अलॉट करवाना होगा. उम्मीद है कि साल के अंत तक इसकी सर्विस शुरू हो सकती है.
Starlink सैटेलाइट्स के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी देता है. यानी दूर-दराज इलाकों में भी जहां ब्रॉडबैंड या मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंचता है, वहां भी यह इंटरनेट काम करेगा. इसके लिए कोई ग्राउंड केबल या टावर की जरूरत नहीं होती है.
Starlink की स्पीड और लो लेटेंसी की वजह इसके हजारों छोटे सैटेलाइट्स हैं जो एक-दूसरे से लेजर टेक्नोलॉजी के जरिए जुड़े रहते हैं. Viasat, HughesNet जैसे पुराने प्लेयर्स की तुलना में Starlink काफी बेहतर अनुभव देता है.
Starlink की कीमत का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इंटरनेशनल प्राइसिंग के हिसाब से स्टैंडर्ड हार्डवेयर $349 (लगभग ₹30,000) और पोर्टेबल मिनी किट $499 (लगभग ₹43,000) में मिल सकता है.
मंथली सब्सक्रिप्शन की बात करें तो शुरुआती ऑफर $10 (₹900) से शुरू हो सकता है. वहीं, अनलिमिटेड डेटा प्लान की कीमत करीब ₹3,000 प्रति माह हो सकती है. TRAI ने शहरी इलाकों में Starlink के लिए ₹500 का अतिरिक्त चार्ज लगाने का प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन अभी इसे लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है.
Jio ने Starlink के साथ पार्टनरशिप करके भारत में इसके इक्विपमेंट रिटेल स्टोर्स के जरिए बेचने का ऐलान किया है. वहीं, BSNL भी Direct-To-Device तकनीक पर काम कर रहा है, जो मोबाइल नेटवर्क और सैटेलाइट नेटवर्क को जोड़कर रिमोट एरिया में कनेक्टिविटी देगा.
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