अगर आप इस साल फेस्टिव सीज़न या नए लॉन्च में अपने लिए एक चमचमाता हुआ नया आईफोन (iPhone) खरीदने का प्लान बना रहे थे, तो आपके लिए एक बड़ी और थोड़ी परेशान करने वाली खबर इस समय इंटरनेट पर बसेरा कर चुकी है। अभी तक टेक इंडस्ट्री में जब भी कोई कंपनी अपने फोन के दाम बढ़ाती थी, तो हम सब यही सोचते थे कि Apple के नए फोन के लॉन्च होने के बाद पुराने यानि पिछले फोन के दाम बढ़ने के स्थान पर घट जाते हैं। ऐसा भी कुछ समय से लोग कहना शुरू कर चुके हैं कि Apple खासतौर पर अपने फोन्स के दाम नहीं बढ़ाता है, लेकिन ऐसा कहा जा सकता है कि अब वो दिन गए जब आप ऐसा सोच रहे थे। असल में, Apple के वर्तमान CEO Tim Cook ने खुद ऐसा कह दिया है कि एप्पल आने वाले समय में अपने iPhones के साथ साथ अन्य प्रोडक्टस के दाम बढ़ाने वाला है। इस खबर को सुनकर आप दंग रह सकते हैं। असल में, कोई भी चौंक सकता है, क्योंकि सभी यही सोचने वाले हैं कि Apple के iPhones तो पहले से ही महंगे हैं ये और कितने महंगे होने वाले हैं? आज हम प्राइस बढ़ने के पीछे के कारण और अन्य पहलूओं पर नजर डालने वाले हैं। आइए शुरू करते हैं।
एप्पल के सीईओ टिम कुक ने अब यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय iPhones के अलावा Apple कुछ अन्य प्रोडक्टस के दाम बढ़ सकते हैं। अब अगर इसकी वजह को देखते हैं तो यह कोई चोटी-मोटी नहीं है। इसका मुख्य कारण इस समय ग्लोबल मार्केट में चल रही मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की भारी किल्लत यानि Memory Shortage है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा का पूरा माजरा क्या है?
हाल ही में The Wall Street Journal (WSJ) को दिए एक इंटरव्यू में टिम कुक ने दिल खोलकर अपनी मजबूरी सामने रखी। उन्होंने कहा, “कीमतों में बढ़ोतरी को अब रोकना नामुमकिन सा हो गया है।” कुक का कहना है कि सप्लायर्स की तरफ से जो भारी-भरकम लागत बढ़ाई जा रही है, एप्पल उसे अब तक खुद झेल रहा था ताकि ग्राहकों पर बोझ न पड़े। लेकिन अब स्थिति बिगड़ चुकी है और यह सस्टेनेबल नहीं बच है।
असल में, इस बयान को इसलिए भी हल्के में नहीं लिया जा सकता है, क्योंकि एक तो कुछ समय में टीम कूक एप्पल के CEO पद पर नहीं रहने वाले हैं, इसके अलावा हम देख चुके हैं कि Xiaomi, OnePlus और Oppo जैसे स्मार्टफोन ब्रांडस अपने फोन्स के दाम चुपके से पहले ही महंगे कर चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक Apple ने अपने Flagship Models के प्राइस नहीं बढ़ाए हैं। हालांकि, अब कुक ने साफ कह दिया है कि जब तक मेमोरी चिप्स के दाम और सप्लाई दोबारा नॉर्मल नहीं होते, तब तक कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन जाएगा।
अभी तक के लिए Apple अपनी iPhones 17 Series के फोन्स को लॉन्च कर चुका है और आने वाले समय में कंपनी यानि इस साल सितंबर में कंपनी अपने iPhone 18 Series के फोन्स को लॉन्च करने वाली है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि कि आगामी iPhone 18 Series के प्राइस बढ़ सकते हैं। हालांकि, अभी कुछ समय पहले ही एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें ऐसा माना गया था कि Apple की आगामी iPhone 18 Series में रैम बढ़ने के बाद भी इसके दाम नहीं बढ़ेंगे, लेकिन अब कंपनी के CEO के इस बयान से पहले वाली बार सच होती और प्राइस बढ़ते नजर आ रहे हैं। अब देखना है कि आखिर कुछ महीने बाद होने क्या वाला है।
इस साल के अंत में एप्पल अपनी बहुप्रतीक्षित iPhone 18 Pro, Pro Max और साथ ही अपना पहला फोल्डेबल आईफोन (Foldable iPhone) लॉन्च करने की तैयारी में है। फोल्डेबल फोन में वैसे ही कल-पुर्जों का खर्च बहुत ज़्यादा होता है, और ऊपर से इस ग्लोबल किल्लत का असर सीधे तौर पर iPhone 18 की पूरी लाइनअप पर देखने को मिल सकता है। कुक ने यह भी साफ किया कि एप्पल इस समस्या से निपटने के लिए अपना पैसा लगाने को तैयार है, लेकिन वो खुद का मेमोरी प्लांट (Manufacturing Facility) नहीं खोलेंगे, बल्कि नए सप्लायर्स की तलाश करेंगे।
अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक रातों-रात ये मेमोरी और स्टोरेज चिप्स महंगी क्यों होती जा रही हैं? आखिर क्या कारण है जो इस संकट को जन्म दे रहा है। अगर इस समय रिपोर्ट आदि पर ध्यान दिया जाए तो इसका मुख्य कारण इस समय दुनिया भर में फैले AI के जाल को बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि AI यानि आर्टिफ़िशियल इन्टेलिजेन्स के चलते चिप्स के दाम बढ़ते जा रहे हैं।
पिछले एक साल में दुनिया भर में AI सर्वर्स और डेटा सेंटर्स की मांग में नए नए रिकॉर्ड बना चुकी है। इन सर्वर्स को चलाने के लिए बहुत ही हाई-क्वालिटी DRAM और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की ज़रूरत होती है। अब जो चिप बनाने वाली कंपनियां हैं, उन्हें आम ग्राहकों के फोन से ज़्यादा मुनाफा इन बड़े-बड़े एआई प्रोजेक्ट्स में दिख रहा है। नतीजा यह हुआ कि स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के हिस्से की चिप्स कम हो गईं और दाम आसमान छूने लगे।
हालांकि, चिप्स के दाम बढ़ने का कारण केवल और केवल AI ही नहीं है, कुछ अन्य कारण भी जिन्हें हमें देखना चाहिए। जैसे स्मार्टफोन्स के साथ साथ इलेक्ट्रानिक्स आइटम आदि की मांग भी निरंतर बढ़ रही है। ऐसा होने से साफ तौर पर ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर आ रहा है, दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा अब कंपनी AI Chips को ज्यादा तवज्जो दे रही हैं। इन सभी कारणों को भी साथ ही साथ देखा जाना चाहिए।
अब यहाँ चिंता की बात यह है कि इसका असर सिर्फ आईफोन पर नहीं, बल्कि आने वाले समय में कार, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर भी बड़े पैमाने पर बढ़ने वाला है। नथिंग (Nothing) के को-फाउंडर कार्ल पेई ने भी हाल ही में इशारा किया था कि चिप्स के दामों की यह आग अभी शांत होने वाली नहीं है।
अंत में आपको जानकारी के लिए बता देते हैं कि एप्पल ने अभी तक किसी खास मॉडल की कीमत बढ़ाने की तारीख या कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अभी यह मात्र संकेत ही है। लेकिन हां, अगर आप इस साल के अंत में आने वाले नए आईफोन, आईपैड या मैकबुक (Mac) आदि के लिए पैसे जोड़ने शुरू कर चुके हैं, जो इस बजट को आपको अभी से कुछ ज्यादा देखना चाहिए, ऐसा करने से आपको एकदम अपने बजट पर ज्यादा फोकस करने की जरूरत नहीं होगी और अगर प्राइस बढ़ जाते हैं तो भी आप उसके लिए तैयार रहेंगे।
आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज इस्तेमाल हुई हैं।