पिछले कुछ समय से ऐसा देखा जा रहा है कि दस्तावेजों को ऑनलाइन किया जा रहा है। ऐसा देखने में आया है कि फिज़िकल दस्तावेज कहीं न कहीं गलत तरीके से इस्तेमाल किये जा सकते हैं, ऐसा भी कह सकते है कि इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। अगर आप किसी फोटोकॉपी वाले के पास गए तो उसने आपके किसी भी दस्तावेज की एक कॉपी अपने पास रख ली और इसके बाद उसका गलत इस्तेमाल कर लिया? ऐसा पिछले कुछ समय में देखा गया है, इसी कारण अब सिम लेने के लिए भी eKYC को बढ़ाया मिलने के बाद इसे ऑनलाइन किया गया है, ताकि आपके नाम पर कोई अन्य व्यक्ति गलती आईडी दिखाकर ऐसा न कर सके। हमने ऐसा ही कुछ वोटर आईडी कार्ड और आधार कार्ड के साथ भी देखा है। हालांकि, ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं लेकिन इसके बाद भी इसे ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है। हालांकि, अब एक नया कदम भी सरकार की ओर से उठाया जा रहा है, यह पासपोर्ट को लेकर उठाया जा रहा है। आइए इसकी डिटेल्स को देख लेते हैं।
असल में भारत में किसी भी नागरिक की पहचान और उसकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ई-पासपोर्ट की शुरुआत की गई है, जो अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट तकनीक को पारंपरिक कागजी पासपोर्ट के साथ जोड़ रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ई-पासपोर्ट पहल की शुरुआत एक पायलट प्रोग्राम के तहत पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) वर्जन 2.0 के साथ 1 अप्रैल, 2024 को शुरू हुई थी।
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अब जब आप देख रहे है कि इसकी शुरुआत काफी समय पहले ही हो चुकी थी, इसी कारण से अब ई-पासपोर्ट जारी करने भी शुरू हो गए हैं। आपको जानकारी दे देते है कि नागपुर, भुवनेश्वर, जम्मू, गोवा, शिमला, रायपुर, अमृतसर, जयपुर, चेन्नई, हैदराबाद, सूरत और रांची के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय इस समय भारत के लोगों को ई-पासपोर्ट जारी कर रहे हैं। अगर आप इन शहरों में रहते हैं तो इस सेवा का लाभ ले सकते हैं।
अगर आप अन्य शहरों में रहते हैं तो आने वाले समय में इस सेवा को देश के लगभग लगभग हर शहर और कस्बे में ले जाया जाने वाला है। इसका मतलब है कि यह सेवा आपको भी आपके शहर में मिल जाने वाली है। अगर आप चाहते हैं कि आपके पास भी एक ई-पासपोर्ट होना चाहिए, इन शहरों में अगर आप रहते हैं तो बनवा सकते हैं लेकिन अगर इनके अलावा आप देश में किसी अन्य स्थान पर रहते हैं तो यह सेवा आपको जल्द मिल सकती है।
एक जानकारी आपको और दिए देते है कि अभी हाल ही में एक महीने पहले ही तमिलनाडु में ई-पासपोर्ट कार्यालय शुरू किया गया है, अगर डेट की बात करें तो यह कार्यालय 3 मार्च, 2025 को चेन्नई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में शुरू किया गया है। इसके अलावा अगर अभी तक इस राज्य में मार्च के आँकड़े को ही देखा जाए तो 22 मार्च, 2025 तक, यहाँ कुल 20,729 ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।
आपको जानकारी के लिए बता देते है कि ई-पासपोर्ट में एक एंटीना और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप है, जो एक इनले में एकीकृत होती है। शायद इसी कारण से इसे एक स्टैन्डर्ड पासपोर्ट के मुकाबले सामने के कवर के नीचे छपे एक विशिष्ट सुनहरे रंग के प्रतीक से पहचाना जा सकता है। या खास बात जो ई-पासपोर्ट को अलग बना रही है, आपको जानना बेहद जरूरी है।
असल में, इसके डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एक घटक का इस्तेमाल किया गया है, जिसे पब्लिक की इन्फ्रास्ट्रक्चर (PKI) कहा जा रहा है। इसका काम ई-पासपोर्ट के लिए एक मजबूत ढांचा बनाने, निजी डेटा की सुरक्षा करने, और चिप में स्टोर बायोमेट्रिक और निजी व्यक्तिगत जानकारी की सटीकता और वैधता को सत्यापित करने में सक्षम बनाना है।
ई-पासपोर्ट का सबसे पहला लाभ तो यही है कि यह आपके डेटा की सुरक्षा को ज्यादा बेहतर तरीके से सुनिश्चित करता है। इसके द्वारा पासपोर्ट धारक की जानकारी की सुरक्षा ज्यादा बेहतर तरीके से की जाती है, और जालसाजी तथा कहीं आने जाने, बॉर्डर चेकिंग के दौरान नकली पासपोर्ट बनाने जैसी धोखाधड़ी गतिविधियों के जोखिम को कम भी कम किया जा रहा है।
जब कोई व्यक्ति पासपोर्ट के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसके लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय या पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) में अपॉइंटमेंट बुक करना आवश्यक है। यह पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन करके, पासपोर्ट आवेदन पत्र भरने और अपेक्षित शुल्क का भुगतान करके किया जा सकता है। एक बार अपॉइंटमेंट बुक हो जाने के बाद, आवेदक को ARN रसीद का प्रिंटआउट प्राप्त करना होगा और उस स्थान पर जाना होगा जहां नियुक्ति के लिए पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया निर्धारित की जा चुकी है।
नोट: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ई-पासपोर्ट पर स्विच करना अनिवार्य नहीं है। भारतीय सरकार द्वारा जारी सभी पासपोर्ट अपने एंड डेट तक वैलिड रहने वाले हैं।