गर्मी आते ही सभी केवल इससे बचने के लिए भागते हैं, रीमोट उठाते हैं और एसी को ऑन कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महीनों से बंद पड़े एसी को अचानक ही केवल गर्मी से बचने मात्र के लिए ऑन कर देने से आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं। आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसके अलावा यह आपके लिए बेहद नुकसानदेह हो सकता है? अगर आप किसी ऐसे इलाके में एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां सर्विस के लिए कोई समाधान नहीं मिलता है, ऐसा भी कह सकते हैं कि जिन इलाकों में सर्विस तुरंत नहीं मिलती, वहां थोड़ी सी लापरवाही पूरी गर्मी खराब कर सकती है। ऐसा हम किसलिए कह रहे हैं, वह आपको आगे पता चल जाने वाला है। हालांकि, हम आपको सलाह देते है कि आपको आप चाहे कहीं भी रहते हैं गर्मियों में एसी ऑन करने से पहले आपको 7 बातों का खास ध्यान रखना चाहिए, इन 7 पॉइंट्स को जाँचे बिना आपको अपने एसी को ऑन नहीं करना चाहिए, चाहे गर्मी कितनी भी बढ़ जाए। आइए पहले जानते हैं कि एसी कैसे काम करते हैं, गर्मियों में एसी का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए और एसी के सबसे जरूरी 5 मॉडस कौन से होते हैं। इसके बाद आपको उन 7 बातों के बारे में जानकारी मिलने वाली है, जो आपको एसी को ऑन करने से पहले जरूर चेक करनी चाहिए।
गर्मी में एसी यानी एयर कंडीशनर वह मशीन है जो कमरे की गर्म हवा को खींचकर उसे ठंडी हवा में बदल देता है। यह प्रक्रिया रेफ्रिजरेंट गैस, कंप्रेसर और कंडेंसर की मदद से होती है। आसान भाषा में समझें तो एसी कमरे की गर्मी बाहर फेंककर अंदर ठंडक भर देता है।
सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि एसी को 16 या 18 डिग्री पर सेट कर देते हैं। ऐसा करने से कमरा ठंडा तो होना शुरू कर देता है, लेकिन मशीन पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है। इसी कारण अपने एसी को आपको 24–26 डिग्री पर ही चलाना चाहिए। इन गर्मियों में आपको इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
आजकल लगभग हर एसी में अलग-अलग मोड मिलते हैं, जो मौसम और जरूरत के हिसाब से काम करते हैं। हम यहाँ आपको 5 मॉडस के बारे में जानकारी देने वाले हैं।
आइए अब जानते हैं गर्मियों में एसी ऑन करने से पहले आपको किन 7 बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
एसी की ठंडी हवा का असली राज़ रेफ्रिजरेंट गैस में छिपा होता है। यही गैस कमरे की गर्मी सोखकर बाहर निकालती है। अगर गैस कम हो जाए तो एसी ठंडक नहीं देगा और कंप्रेसर पर दबाव बढ़ेगा। अक्सर गैस कम होने का मतलब कहीं न कहीं लीकेज होता है। अगर आपको खुद जांच करना न आता हो तो किसी अनुभवी टेकनीशियन को बुलाकर सबसे पहले एसी की गैस की जांच करवानी चाहिए।
एसी पूरी तरह इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर चलता है। ढीली वायरिंग, जली हुई केबल या ढीला प्लग आगे चलकर शॉर्ट सर्किट या आग लगने जैसी समस्या पैदा कर सकता है। आउटर यूनिट और इनडोर यूनिट दोनों की वायरिंग पर एक नज़र जरूर डालें। अगर किसी तरह की जलने की स्मेल या स्पार्क का निशान दिखे तो एसी शुरू न करें, पहले इसे ठीक करवाएं और फिर ही एसी ऑन करें।
कंडेंसर और इवैपोरेटर कॉइल एसी की कार्यक्षमता को तय करते हैं, अगर यही सही नहीं होंगे तो एसी कैसे सही प्रकार से काम करें। इनके खराब या डैमिज होने की स्थिति में एसी में बड़ी समस्या भी बन सकती है। इनके डैमिज होने की स्थिति में मशीन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है, ऐसे में बिजली की खपत बढ़ जाने वाली है और आपकी टेंशन भी। ऐसे में, सीजन शुरू होने से पहले इनकी सफाई कर लेना अच्छा रहता है, खासकर अगर आपका घर सड़क या खुले मैदान के पास है जहां धूल ज्यादा उड़ती है।
एसी की मोटर लगातार घूमती है और उसे सही चिकनाई की जरूरत होती है। कई पुराने मॉडल में समय-समय पर ऑयलिंग करनी पड़ती है। अगर मोटर सूखी रहे तो आवाज़ बढ़ सकती है और पार्ट्स जल्दी घिस सकते हैं। सही क्वालिटी का ऑयल इस्तेमाल करना जरूरी है, वरना फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है।
कई बार एसी ठीक होने के बावजूद ठंडक कम लगती है, जिसकी वजह गलत थर्मोस्टेट सेटिंग होती है। अगर थर्मोस्टेट सही तरह कैलिब्रेट न हो तो एसी जरूरत से ज्यादा देर तक चलता रहता है। इससे बिजली की खपत बढ़ती है। अपने मॉडल के हिसाब से उसकी सेटिंग जांच लें या जरूरत हो तो किसी प्रोफेशनल की मदद लें।
आउटर यूनिट अक्सर धूप, बारिश और धूल आदि को लंबे समय के लिए झेलते हैं। उसके आसपास धूल या कचरा जमा हो जाए तो हवा का फ्लो रुक जाता है। इससे कूलिंग कम हो सकती है। सीजन शुरू होने से पहले उसके आसपास की जगह साफ कर दें।
एसी का फिल्टर सबसे ज्यादा काम करता है, लेकिन अक्सर उसी को नजरअंदाज किया जाता है। गंदा फिल्टर हवा के बहाव को रोक देता है और कमरे में एलर्जी फैलाने वाले कण बढ़ा देता है। गर्मी शुरू होने से पहले फिल्टर को साफ या बदल देना सबसे आसान और असरदार कदम है।
यह भी पढ़ें: दमदार है BSNL का ये 90 दिन चलने वाला प्लान..इस तरह के यूजर्स के लिए है वरदान, देखें क्यों है सबसे खास