अभी बीते कल ही साइबर दुनिया से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, इस खबर के अनुसार दुनिया में 16.9 बिलियन यूजरनेम और पासवर्ड का लीक, जो अब तक का सबसे बड़ा डेटा ब्रीच है। यह लीक इन्फो-स्टीलर (Infostealer) सॉफ्टवेयर्स के जरिए हुआ, जो Facebook, Gmail, Instagram, Telegram, और सरकारी वेबसाइट्स जैसे प्लेटफॉर्म्स से डेटा चुरा रहे हैं। साइबरन्यूज की रिसर्च के मुताबिक, यह डेटा 30 अलग-अलग डेटासेट्स में है, जिसमें लाखों से लेकर 3.9 बिलियन तक यूजर रिकॉर्ड्स शामिल हैं। इस लीक में यूजरनेम, पासवर्ड, और URL का सटीक फॉर्मेट है, जिससे हैकर्स आसानी से अकाउंट्स को टारगेट कर सकते हैं। यह स्थिति ऑनलाइन सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है।
ऐसे में, मजबूत पासवर्ड बनाना और ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। हम यहाँ आपको बताएंगे कि एक स्ट्रॉंग पासवर्ड कैसे बनाएं, अपनी ऑनलाइन सुरक्षा कैसे बढ़ाएं, और किसी भी डेटा ब्रीच से कैसे बचें।
एक मजबूत पासवर्ड आपकी ऑनलाइन पहचान की पहली सुरक्षा रेखा है। नीचे हम आपको कुछ उपाय या ट्रिक्स बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आप सुरक्षित और हैक-प्रूफ पासवर्ड बना सकते हैं।
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पासवर्ड कम से कम 12-16 कैरेक्टर्स का जरूर होना चाहिए। इसमें आप अपरकेस (A-Z), लोअरकेस (a-z), नंबर (0-9), और स्पेशल कैरेक्टर्स (@, #, $, %) आदि का मिश्रण ले सकते हैं।
उदाहरण: A3kur3#2026@ASH (रैंडम, लेकिन याद रखने योग्य)।
हर प्लेटफॉर्म (Gmail, Facebook, बैंकिंग, आदि) के लिए अलग-अलग पासवर्ड बनाएं। 16.9 बिलियन पासवर्ड लीक में ज्यादातर यूजर्स ने एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल किया था, जिससे एक अकाउंट हैक होने पर बाकी भी खतरे में पड़ गए।
विश्वसनीय पासवर्ड मैनेजर डाउनलोड करें, जो मजबूत पासवर्ड जनरेट और स्टोर करता है। आप Google Password Manager का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपको हर अकाउंट के लिए यूनिक पासवर्ड याद रखने की परेशानी से बचाता है और सिक्योर स्टोरेज देता है।
अपने अकाउंट्स (Gmail, Instagram, बैंकिंग) पर MFA या 2FA एक्टिवेट करें। यह पासवर्ड के अलावा दूसरा सिक्योरिटी लेयर जोड़ता है, जैसे OTP, बायोमेट्रिक, या सिक्योरिटी की। अगर आपका पासवर्ड लीक भी हो जाए, तो MFA हैकर्स को अकाउंट एक्सेस करने से रोकेगा।
उदाहरण: आप Google Authenticator, Microsoft Authenticator, या SMS-based OTP यूज करें।
Google और Apple पासकी को बढ़ावा दे रहे हैं। यह फिजिकल डिवाइस (फोन) और बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट, फेस ID) का उपयोग करता है, जिससे पासवर्ड की जरूरत खत्म हो जाती है। पासकी फिशिंग, क्रेडेंशियल स्टफिंग, और ब्रूट फोर्स अटैक्स से बचाते हैं, क्योंकि वे डिवाइस-स्पेशल होते हैं।
क्या करें: Gmail, YouTube, और Apple ID पर पासकी सेटअप करें। डिवाइस को पासकोड या बायोमेट्रिक लॉक से सुरक्षित रखें।
हर 3-6 महीने में महत्वपूर्ण अकाउंट्स (बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया) के पासवर्ड अपडेट करें। अगर आपका डेटा लीक हो चुका है, तो पुराने पासवर्ड बदलने से हैकिंग का खतरा कम होता है।
समय-समय पर अकाउंट्स की सिक्योरिटी सेटिंग्स चेक करें। अनावश्यक ऐप परमिशन्स (कैमरा, लोकेशन, माइक्रोफोन) हटाएं। 16.9 बिलियन डेटा लीक में कई यूजर्स की जानकारी ऐसी ऐप्स और वेबसाइट्स से चुराई गई, जिन्हें अनावश्यक परमिशन्स दी गई थीं।
16.9 बिलियन पासवर्ड लीक ने ऑनलाइन सुरक्षा की गंभीरता को उजागर किया है। मजबूत पासवर्ड, पासवर्ड मैनेजर, MFA, और पासकी जैसे उपाय आपकी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रख सकते हैं। ऊपर दिए गए टिप्स अपनाकर आप फिशिंग, अकाउंट टेकओवर, और साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं।
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