पिछले कुछ समय ऐसा देखा जा रहा है कि हर महीने की पहली तारीख के साथ कुछ न कुछ नियम बदल जाते हैं, आमतौर पर कुछ सालों पहले तक ऐसा देखा जाता था कि नियम 1 अप्रैल को हर साल बदलते थे, लेकिन अब यह प्रथा साल के स्थान पर महीने तक आ पहुँकी है। अब 1 मार्च को 2026 का नया महीना शुरू होने जा रहा है और खबर मिल रही है कि इस महीने भी कुछ बड़े प्रशासनिक बदलाव होने का रहे हैं, आसान शब्दों में कहें तो नए महीने की पहली तारीख केस साथ ही UPI, SIM, LPG के अलावा रेलवे ऐप के अलावा बैंकिंग आदि के भी कुछ पुराने नियम हट जाएंगे और उनके स्थान पर नए नियम लागू हो जाने वाले हैं। अब यह देखना दिलचस्प होने वाला है कि आखिर इन बदलावों के बाद आपके यानि आम लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ने वाला है। क्या आम लोगों की जेब का खर्च बढ़ सकता है? क्या मोबाइल का खर्च बढ़ने वाला है? क्या बैंक अकाउंट के अलावा रेलवे से यात्रा करने वालों को झटका लग सकता है। इसके अलावा क्या आपको LPG गैस खरीदते समय अपनी जेब की ओर देखना होगा? या सबकुछ इसके उलट होने वाला है, यानि नुकसान की जगह आपको आम लोगों को नए नियमों के कारण फायदा मिलने वाला है। यहाँ हम आपको सभी कुछ बड़ी ही डीटेल में बताने वाले हैं। आइए शुरू करते हैं और जानते हैं कि आम लोगों पर इन नियमों का कैसे असर पड़ने वाला है।
मोबाइल यूजर्स के लिए सबसे बड़ा बदलाव मैसेजिंग ऐप्स से जुड़ा हो सकता है। असल में, नए नियम लागू हो रहे हैं ऐसे में एक नई व्यवस्था आएगी जिसके तहत WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप उसी फोन में ऐक्टिव रहने वाले हैं जिससे सिम लिंक होगा। आसान शब्दों में कहें तो अगर आप किसी एक फोन में WhatsApp एक सिम के साथ चला रहे हैं और अगर सिम किसी भी कारण से निकाल लेते हैं तो इसमें व्हाट्सएप सिम निकलने के बाद चलना बंद हो जाएगा। इसके अलावा वेब/डेस्कटॉप लॉगिन भी 6 घंटे बाद ऑटो-लॉगआउट हो जाने वाला है। अब आप समझ सकते हैं कि अगर आपने अपने फोन से सिम को निकालकर किसी अन्य फोन में डालने के बाद यह चाह कि आप OTP के साथ पिछले फोन में भी व्हाट्सएप या अन्य ऐप्स चला सकते हैं तो ऐसा नहीं होने वाला है। जिस फोन में सिम रहेगा उसमें ही आप मैसेजिंग ऐप्स को इस्तेमाल कर पाने वाले हैं।
कुलमिलाकर आम लोगों और समाज में रहने वाले शरीफ लोगों को इससे कोई दिक्कत नहीं होने वाली है, लेकिन जाहिर तौर पर फर्जीवाड़ा करने वालों को बड़ी समस्या हो सकती है। हाँ इससे एक फायदा जरूर होगा कि साइबर फ्रॉड और फर्जी अकाउंट्स रोक लग जाने वाली है।
1 मार्च से पुराना UTS ऐप बंद किया जा सकता है? इसके स्थान पर टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट के लिए नया RailOne ऐप इस्तेमाल में आ सकता है। इसका मतलब है कि आपको नए एप पर इन कामों के लिए जाना पड़ेगा। आइए अब जानते हैं, ऐसा होने से आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा, या नहीं भी पड़ेगा। जाहिर तौर पर आपको नए ऐप को डाउनलोड करने की जरूर होने वाली है। अगर आप इस ऐप को पहले बार इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको कुछ तकनीकी समस्या आ सकती है। हालांकि, नए ऐप में आपको छूट और ऑफर मिल सकते हैं? नए ऐप को लेकर रेलवे का कहना है कि यह पुराने ऐप के मुकाबले तेज और ज्यादा सुरक्षित है।
पिछले लंबे समय से ऐसा देखा जा रहा है कि आए महीने या हफ्ते में LPG के दामों में बढ़ोत्तरी या गिरावट आ जाती है। अब जब 1 मार्च को कुछ नए नियम लागू हो रहे हैं तो ऐसा हो सकता है कि LPG Gas cylendar की कीमत में भी कुछ बढ़ोत्तरी या गिरावट देखने को मिल जाए। अभी के लिए आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, कयास जरूर लगाए जा रहे हैं कि ऐसा हो सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होने वाला है कि LPG के प्राइस बढ़ते या घटते हैं, या कीमत ज्यों की त्यों रहती है।
कुछ सरकारी बैंक मिनिमम बैलेंस पेनल्टी के नियम बदल सकते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर हो क्या सकता है। इसके अलावा अभी तक के लिए इसके लिए क्या नहीं थे।
अभी तक के नियम की बात करें तो एक दिन भी बैलेंस कम हुआ तो जुर्माना लगता था। हालांकि, नए नियम के अनुसार, Average Monthly Balance (AMB) के आधार पर पेनल्टी तय की जा सकती है। अभी के लिए इस नियम को लेकर ज्यादा सही और सटीक जानकारी मौजूद नहीं है।
अभी तक हम देखते हैं आए हैं कि UPI के माध्यम से लेनदेन के लिए चाहे वह छोटी हो या बड़ी मात्र एक PIN से काम बन जाता है। अब यह कितना सुरक्षित है, यह तो बढ़ते UPI Scam हमें बता ही रहे हैं, ऐसे में इस ओर ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा की जरूरत थी। 1 मार्च से लागू हो रहे नए नियम इसमें कुछ बदलाव कर सकते हैं और UPI को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि UPI सुरक्षा को लेकर 1 मार्च से क्या बदल सकता है।
अंत में जो भी कहीं न कहीं आम लोगों के जीवन पर असर करने वाला ही है, फिर चाहे वह पाज़िटिव हो या नेगटिव। ऐसा भी कह सकते हैं कि यह सभी बदलाव कहीं न कहीं आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़े होने वाले हैं। तकनीकी सुरक्षा बढ़ने के साथ साथ बैंकिंग में कुछ राहत के आसार नजर आ रहे हैं, इसके अलावा UPI की सुरक्षा को ज्यादा दुरुस्त किया जा सकता है। इसके अलावा सबसे जरूरी और सभी के जीवन से जुड़ा बदलाव सिम कार्ड को लेकर होने वाला है।
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