Top Trending Film On OTT: नेटफ्लिक्स पर इन दिनों सस्पेंस और रहस्य का एक ऐसा बवंडर आया है जिसने दर्शकों की नींद उड़ा रखी है. अगर आप उन लोगों में से हैं जो स्क्रीन के सामने बैठकर जासूस बनने का शौक रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. रिलीज होते ही इस फिल्म ने OTT की दुनिया में तहलका मचा दिया है.
इसने देश भर में ‘टॉप 10’ की लिस्ट में अपनी जगह पक्की कर ली. हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं वह कोई और नहीं बल्कि ‘रात अकेली है: द बंसल मर्डर्स’ (Raat Akeli Hai: The Bansal Murders) है. 2025 में रिलीज हुई इस फिल्म ने साबित कर दिया है कि एक अच्छी कहानी और दमदार एक्टिंग का कोई तोड़ नहीं होता. छह खून, एक बंद हवेली और अनगिनत झूठ, इस फिल्म का हर फ्रेम आपको एक नई पहेली में उलझा देगा.
कहानी की पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में सेट है, जहाँ के सबसे प्रभावशाली और अमीर ‘बंसल परिवार’ के घर में एक ऐसी घटना घटती है जो पूरे शहर को दहला देती है. फिल्म की शुरुआत ही बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य से होती है. हवेली के अंदर एक साथ छह परिवार के सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी जाती है. यह कोई साधारण अपराध नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश, पुरानी रंजिशें और दबे हुए पारिवारिक राज छिपे हैं.
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दर्शक महसूस करते हैं कि इस घर की दीवारों में सिर्फ दौलत नहीं, बल्कि खौफनाक रहस्य भी दफन हैं. हर किरदार के चेहरे पर एक नकाब है, और कोई भी दूध का धुला नहीं लगता. यह फिल्म एक साधारण मर्डर मिस्ट्री से शुरू होकर एक डार्क साइकोलॉजिकल थ्रिलर में बदल जाती है.
इस पेचीदा और हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने का जिम्मा मिलता है इंस्पेक्टर जटिल यादव को, जिसका किरदार अभिनय के उस्ताद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाया है. जटिल यादव एक ऐसा पुलिसवाला है जो अपनी ही इनसिक्योरिटी से जूझ रहा है, लेकिन अपराध की नस पकड़ना बखूबी जानता है. फिल्म की स्टारकास्ट इतनी भारी-भरकम है कि आप पलक नहीं झपका पाएंगे.
नवाजुद्दीन के साथ राधिका आप्टे, चित्रांगदा सिंह, संजय कपूर और रजत कपूर जैसे मंझे हुए कलाकार हैं. वहीं, इला अरुण, रेवती और दीप्ति नवल जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों ने अपने अभिनय से फिल्म को एक अलग ही ऊंचाई दी है. हर अभिनेता का किरदार शक के दायरे में है, जो जांच को और भी मुश्किल बना देता है.
फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है और इसकी कसी हुई पटकथा स्मिता सिंह ने लिखी है. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘पेसिंग’ है. यह फिल्म आपको सांस लेने का मौका नहीं देती. हर 10 मिनट में एक नया सुराग सामने आता है जो पिछले सुराग को झूठ साबित कर देता है. क्या यह हत्या जायदाद के लिए हुई? क्या यह कोई पुराना बदला है? या फिर मामला कुछ और ही है? इंस्पेक्टर जटिल यादव जैसे-जैसे परतों को हटाते हैं, दर्शकों का शक एक किरदार से दूसरे किरदार पर शिफ्ट होता रहता है. हनी त्रेहान ने जिस तरह से छोटे शहर के माहौल, पुलिसिया जांच की बारीकियों और हवेली के तनावपूर्ण सन्नाटे को दिखाया है, वह काबिले तारीफ है.
किसी भी थ्रिलर फिल्म की जान उसका अंत (Ending) होता है, और ‘रात अकेली है: द बंसल मर्डर्स’ इस मामले में पूरे नंबर ले जाती है. फिल्म का क्लाईमेक्स इतना शॉकिंग और अनप्रिडिक्टेबल है कि आप दंग रह जाएंगे. जब असली कातिल का चेहरा बेनकाब होता है, तो पूरी कहानी के बिखरे हुए टुकड़े एक साथ जुड़ जाते हैं. IMDb पर इसे 10 में से 6.9 की रेटिंग मिली है, जो इसकी गुणवत्ता को दर्शाती है. अगर आप घिसी-पिटी कहानियों से बोर हो चुके हैं और कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपको दिमागी तौर पर चुनौती दे, तो इस वीकेंड नेटफ्लिक्स पर इसे बिल्कुल भी मिस न करें.