खेल का मैदान हो या जंग का मैदान, जीत उसी की होती है जिसके इरादे फौलादी हों. क्या होता है जब एक फुटबॉल खिलाड़ी, जिसका सपना लंदन के बड़े स्टेडियम में खेलना है, अचानक आजादी की लड़ाई के बीच फंस जाता है? Netflix पर रिलीज हुई फिल्म ‘Champion’ इसी जज्बे और संघर्ष की कहानी है. यह सिर्फ गोल करने की कहानी नहीं, बल्कि इतिहास के पन्नों में दबी उस क्रांति की दास्तान है जिसने हैदराबाद की तकदीर बदल दी.
अगर आप स्पोर्ट्स ड्रामा और ऐतिहासिक फिल्मों के शौकीन हैं, तो Champion अब आपके लिए Netflix पर उपलब्ध है. यह फिल्म मूल रूप से तेलुगु में है, लेकिन आप इसे तमिल, कन्नड़ और मलयालम में भी देख सकते हैं. इसे साउथ इंडिया के दर्शकों को ध्यान में रखकर कई भाषाओं में रिलीज किया गया है.
फिल्म की कहानी आजादी से पहले (Pre-independence) के सिकंदराबाद की है. फिल्म में Roshan Meka ने ‘माइकल विलियम्स’ का किरदार निभाया है, जो एक बेहतरीन फुटबॉल खिलाड़ी है और लंदन जाकर खेलना चाहता है. उसकी जिंदगी तब बदल जाती है जब वह ‘बैरांपल्ली विद्रोह’ के दौरान रजाकारों के खिलाफ प्रतिरोध में फंस जाता है. यह कहानी दिखाती है कि कैसे एक खिलाड़ी की महत्वाकांक्षा इतिहास की एक बड़ी घटना से टकराती है.
नेशनल अवॉर्ड विजेता डायरेक्टर प्रदीप अद्वैतम (Pradeep Advaitham) ने इस फिल्म का निर्देशन किया है.
फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इसकी कहानी और रोशन मेका की एक्टिंग की काफी तारीफ हो रही है. IMDb पर इसे 7.4/10 की रेटिंग मिली है, जो इसे एक ‘मस्ट वॉच’ (Must Watch) फिल्म बनाती है.