Truecaller के दिन खत्म! BSNL ला रहा है CNAP, कॉल आते ही दिखेगा असली नाम, स्कैमर्स के नहीं होंगे शिकार

Truecaller के दिन अब लद गए हैं. भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) जल्द ही अपने यूजर्स के लिए CNAP यानी Caller Name Presentation फीचर लाने की तैयारी कर रही है. देश की निजी टेलीकॉम कंपनियां पहले ही इस फीचर को लागू कर चुकी हैं. अब BSNL भी इसे पूरे देश में शुरू करने के करीब पहुंच गया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सर्विस का बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही तैयार किया जा चुका है. CNAP, Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) की एक पहल है, जिसका मकसद यूजर्स को कॉल आने पर कॉलर का नाम दिखाना है, ताकि वे कॉल उठाने से पहले सही फैसला ले सकें. इसमें जिस नाम पर सिम लिया गया था वह दिखाया जाता है.

BSNL इंटीग्रेट कर रहा है CNAP सिस्टम

ETTelecom की रिपोर्ट के अनुसार, BSNL इस समय अपने CNAP सिस्टम को निजी टेलीकॉम नेटवर्क्स के साथ जोड़ने की प्रक्रिया में है. इंडस्ट्री से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea इस तकनीक को पहले ही लागू कर चुके हैं, जबकि BSNL के लिए यह समाधान तैयार है और अब इसे अलग-अलग जोन में इंटीग्रेट किया जा रहा है.

3-4 महीने में दिखेगा असर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे ही यह इंटीग्रेशन पूरा होगा, BSNL अगले तीन से चार महीनों के भीतर पूरे देश में CNAP फीचर रोलआउट कर सकता है. इस तकनीक को Centre for Development of Telematics (C-DoT) ने डेवलप और लागू किया है, जो भारत सरकार के अंतर्गत काम करने वाला संस्थान है.

CNAP फीचर को खासतौर पर स्पैम कॉल्स और फ्रॉड से बचाव के लिए तैयार किया गया है. यह फीचर यूजर्स को बिना किसी अतिरिक्त ऐप या इंटरनेट कनेक्शन के कॉलर का नाम दिखाता है. इसके लिए किसी सब्सक्रिप्शन की जरूरत नहीं होती, जबकि Truecaller जैसे ऐप के लिए इंटरनेट और कई बार प्रीमियम सर्विस की जरूरत पड़ती है.

CNAP की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह KYC-verified डिटेल्स के आधार पर कॉलर का नाम दिखाता है, जिससे जानकारी ज्यादा भरोसेमंद होती है. हालांकि, फिलहाल यह फीचर तब बेहतर काम करता है जब कॉल करने वाला और रिसीव करने वाला दोनों एक ही नेटवर्क पर हों. अलग-अलग नेटवर्क के बीच इसे पूरी तरह से सुचारू बनाने के लिए अभी काम जारी है.

सरकार ने इस फीचर को 2025 के दूसरे हिस्से में चरणबद्ध तरीके से शुरू किया था और Department of Telecommunications (DoT) ने 4G और 5G नेटवर्क पर इसके ट्रायल भी किए थे. हालांकि, यह सुविधा अभी फीचर फोन यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है.

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Sudhanshu Shubham

सुधांशु शुभम मीडिया में लगभग आधे दशक से सक्रिय हैं. टाइम्स नेटवर्क में आने से पहले वह न्यूज 18 और आजतक जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं. टेक में रूचि होने की वजह से आप टेक्नोलॉजी पर इनसे लंबी बात कर सकते हैं.

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