क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आपका कंप्यूटर चलते चलते अटक जाता है, Wi-Fi बार-बार कटने लगता है या कोई भी डिवाइस अजीब सा बर्ताव करने लगता है? तो इस स्थिति में आपको सबसे पहले क्या करना चाहिए! मैं तो अगर इस तरह की समस्या में पड़ता हूँ तो एक बार उस प्रोडक्ट या डिवाइस को एक बार बंद करके फिर से चालू कर देता हूँ। और अक्सर मैंने ऐसा पाया है कि इतना करने मात्र से समस्या दूर हो जाती है। यही बात आपके स्मार्टफोन पर भी लागू होती है, चाहे वो iPhone हो या Android। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कितनी बार फोन को रीस्टार्ट करना चाहिए? रोज़? हफ्ते में एक बार? या जब मन हो तब? यहाँ हम आपको सबसे सही टाइमिंग के अलावा यह भी बताने वाले हैं कि इसके फायदे क्या होने वाले हैं।
यह समझना बेहद ज़रूरी है कि जब आप फोन को रीस्टार्ट करते हैं तो पर्दे के पीछे क्या होता है। असल में, जब फोन लगातार चलता रहता है तो बैकग्राउंड में ढेरों ऐसी प्रोसेस चलती रहती हैं जिनकी आपको ज़रूरत ही नहीं होती। ये बेकार की चीज़ें RAM को दबाती रहती हैं और धीरे-धीरे फोन की रफ्तार कम करने लगती हैं। इसके अलावा छोटे-मोटे सॉफ्टवेयर ग्लिच भी जमा होते रहते हैं जो बैटरी को चुपचाप चूसते रहते हैं।
रीस्टार्ट करते ही यह सब साफ हो जाता है। फोन एक तरह से फ्रेश शुरुआत करता है। परफॉरमेंस बेहतर होती है, बैटरी लाइफ सुधरती है और अनजाने में जमा हुए ग्लिच भी गायब हो जाते हैं। मुझे जो समझ में आता है, वह यही है कि यह उतनी ही ज़रूरी आदत है जितना रोज़ सुबह उठकर मुँह धोना और ब्रश करना आदि है।
आपको सबसे पहले एक बात को ध्यान में रखने की जरूरत है कि यहाँ मैं उस ऑटो-रीस्टार्ट की बात नहीं कर रहा हूँ जो सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद होता है। वो तो कभी-कभार होता है। यहाँ बात है उस रीस्टार्ट की जो आपको खुद करना है, अपनी मर्जी और एक रूटीन के तौर पर।
Apple का iPhone एक बेहतरीन डिवाइस है और कंपनी खुद भी मानती है कि कई बार ऐप बंद करने के बाद भी अगर दिक्कत न जाए, तो एक बार फोन रीस्टार्ट करके देखना चाहिए। नए iPhone में साइड बटन और वॉल्यूम बटन को एक साथ दबाकर Power Off का ऑप्शन आता है, वहीं पुराने मॉडल में सिर्फ पावर बटन से काम हो जाता है।
अब सवाल उठता है कि आपको अपने फोन को कितनी बार रीस्टार्ट करना चाहिए? कोई पत्थर पर लिखा नियम तो नहीं है, लेकिन हफ्ते में एक बार या 10 से 15 दिन में एक बार iPhone को रीस्टार्ट करना एक अच्छी आदत मानी जा सकती है। इससे फोन स्मूद चलता रहता है और आपको यह भी पता रहता है कि ज़रूरत पड़ने पर इसे रीस्टार्ट कैसे करना है। असल में, बहुत से लोगों को तो इसके बारे में जानकारी ही नहीं है।
Android की दुनिया थोड़ी अलग है। यहाँ हर कंपनी अपना Custom UI लेकर आती है जिससे कभी-कभी बग्स और हैंग जैसी समस्याएं आ ही जाती हैं। Google खुद मानता है कि Pixel फोन में बहुत से आम इश्यू सिर्फ रीस्टार्ट से ठीक हो जाते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि Samsung ने तो इसे साफ-साफ कहा है कि अपने Galaxy फोन को नियमित रूप से रीस्टार्ट करना एक अच्छी आदत है। यह फोन को स्लो या फ्रीज़ होने से बचाता है।
Samsung ने तो यहाँ तक सुविधा दे दी है कि उनके फोन में ‘Auto Restart’ का ऑप्शन भी मिलता है। इसे एक बार सेट कर दें और फिर आपका फोन खुद तय समय पर रीस्टार्ट होता रहेगा। अगर रोज़ रीस्टार्ट करना आपको थोड़ा ज़्यादा लग रहा है और लगना भी चाहिए तो हर कुछ दिन में या हफ्ते में एक बार भी यह आदत काफी है। असल में, इसमें कुछ बड़ा नहीं करना है, बस 30 सेकंड का काम है जो आपके फोन को घंटों बेहतर रख सकता है।
अगर आसान भाषा में समझा जाए तो रोज़ रीस्टार्ट करने की कोई ज़रूरत नहीं है। हाँ, अगर आपका फोन हेवी यूज़ में रहता है जैसे गेमिंग, लंबी वीडियो कॉल्स, कई ऐप्स एक साथ तो हर 2-3 दिन में एक बार रीस्टार्ट करना फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि, अगर फोन का यूज उतना ज्यादा नहीं है तो आप हफ्ते में एक बार भी ऐसा कर सकते हैं। अगर आपका फोन बिना किसी परेशानी के एकदम सही चल रहा है तो भी 15 दिन में एक बार इसे जरूर रीस्टार्ट कर दें।
महीने में एक बार करना बेहद कम हो सकता है, उससे आपको ज्यादा फायदा नहीं होने वाला है। इसे आप जितना नियमित तौर पर करने वाले हैं, उतना ही आपको फायदा होने वाला है, उतना ही आपका फोन ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने वाला है। इसे अपनी हफ्तेभर की एक छोटी सी टेक रूटीन का हिस्सा बना लें और देखें कि आपका फोन कितना बेहतर महसूस करता है।
इस आर्टिकल में AI से निर्मित इमेज इस्तेमाल हुई हैं।
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