Android यूजर्स को सावधान हो जाने की जरूरत है. एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है जिसे यूजर्स को इग्नोर नहीं करना चाहिए. अगर आप इस चेतावनी को अनदेखा करते हैं तो हैकर्स पूरा सिस्टम तक हाइजैक कर सकते हैं. सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने दुनिया भर के एंड्रॉयड (Android) यूजर्स के लिए एक ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है.
Google ने दिसंबर 2025 का अपना लेटेस्ट सिक्योरिटी बुलेटिन जारी किया, जिसमें कुल 107 खामियां (Vulnerabilities) को ठीक करने की जानकारी दी गई है. ये खामियां केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये फोन के हार्डवेयर चिपसेट को भी प्रभावित करती हैं.
एंड्रॉइड सिक्योरिटी बुलेटिन के अनुसार, यह पैच एंड्रॉइड इकोसिस्टम के तीन प्रमुख स्तंभों फ्रेमवर्क, सिस्टम और कर्नेल में मौजूद समस्याओं का समाधान करता है. Google ने केवल अपने सॉफ्टवेयर को ही नहीं सुधारा, बल्कि MediaTek, Qualcomm, Arm और Unisoc जैसे प्रमुख चिपसेट निर्माताओं द्वारा सप्लाई किए गए कंपोनेंट्स में मिली खामियों को भी ठीक किया है.
इन 107 फिक्स में से दो खामियां बेहद खतरनाक (Higher Risk Level) श्रेणी में रखी गई हैं, जो सीधे एंड्रॉइड फ्रेमवर्क से जुड़ी हैं.
रिपोर्ट में दो स्पेशल खामियां (CVEs) का जिक्र किया गया है, जो किसी भी यूजर की नींद उड़ा सकती हैं.
एक्सपर्ट्स ‘फ्रेमवर्क-लेवल’ की समस्याओं को लेकर इतने चिंतित क्यों हैं? इसे समझना जरूरी है.
Google ने यह अपडेट उन डिवाइसेज के लिए जारी किया है जो नीचे दिए गए एंड्रॉइड वर्जन पर चल रहे हैं.
कंपनी ने कहा है कि इन फिक्स का सोर्स कोड बुलेटिन जारी होने के दो दिनों के भीतर एंड्रॉइड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट (AOSP) में दिखाई देगा. पिक्सेल (Pixel) और सैमसंग (Samsung) जैसे ब्रांड्स के यूजर्स को यह अपडेट सबसे पहले मिलने की उम्मीद है.
कई यूजर्स को लगता है कि अपडेट से फोन धीमा हो जाता है, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है.
साइबर हमलों से बचाव: सुरक्षा अपडेट उन सॉफ्टवेयर खामियों को रिपेयर करते हैं जिनका उपयोग हैकर्स हानिकारक प्रोग्राम (Malware) इंस्टॉल करने के लिए करते हैं.
जीरो-क्लिक हमले: देरी करने से आपका फोन उन हमलों के लिए खुला रह सकता है जिनमें यूजर इंटरैक्शन की भी जरूरत नहीं होती है.
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