Google को एंड्राइड Q का पहला बीटा जारी किए एक महीने से भी कम ही समय हुआ है और अब एंड्राइड के अगले बड़े अपग्रेड की जानकरी सामने आ रही है। अब गूगल ने एंड्राइड Q का दूसरा बीटा जारी कर दिया है और जैसे कि उम्मीद थी यह दो बड़े फीचर्स के साथ आया है जो कि एंड्राइड फोंस में बड़ा बदलाव लाएंगे। बीटा 2 अधिक प्राइवेसी विकल्पों पर फोकस करता है और डेवलपर्स को उनके एप्प्स को टेस्टिंग का नया तरीका भी मिलता है जो कि इस साल आने वाले फोल्डिंग फोंस के लिए लग रहा है।
अगर आप अपने पिक्सल डिवाइस में पहले से एंड्राइड Q का पहला बीटा यूज़ कर रहे हैं तो दूसरा बीटा अपडेट ऑटोमेटिकली OTA अपडेट के ज़रिए आपको मिल जाएगा। अगर आपने एंड्राइड Q उपयोग नहीं किया है तो आपको बता दें इसके लिए आपके पास पिक्सल डिवाइस होना ज़रूरी है चाहे पहली जनरेशन का ही क्यों न हो। इसके बाद आपको एंड्राइड बीटा प्रोग्राम में गूगल अकाउंट से रजिस्टर करना होगा और इसके बाद आपके पिक्सल डिवाइस को ऑटोमेटिकली लेटेस्ट एंड्राइड बीटा के लिए नोटिफिकेशन प्राप्त होगी। आपको बता दें, बीटा वर्जन में बहुत से बग्स पाए जाते हैं इसलिए आपको अपने सेकेंडरी डिवाइस में ही यह अपडेट इंस्टाल करना चाहिए।
बीटा 2 में कई नए फीचर्स और फिक्सेज़ शामिल किए गए हैं जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं।
फेसबुक मैसेंजर में आपने जिस तरह पॉप अप नोटिफिकेशन आता देखा होगा जिस पर क्लिक कर के आप चैट पर पहुँच जाते हैं और इस पॉप अप को आप मूव भी कर सकते हैं। एंड्राइड Q बीटा 2 में यह फीचर सभी एप्प्स के लिए लाया गया है।
अगर आप फोन में कोई दूसरा एप्प यूज़ कर रहे हैं स्क्रीन पर एक बबल पॉप अप करेगा जिस पर टैप करने पर एक छोटे टेक्स्ट बॉक्स के साथ नई विंडो खुलेगी जहां से आप रिप्लाई कर सकते हैं। एप्प डेवलपर्स नो-चैट एप्प्स की नोटिफिकेशन दिखने के लिए भी इसका उपयोग कर सकते हैं। आप अगर ये नोटिफिकेशन या मैसेज इग्नोर करना चाहते हैं तो बबल को डिसमिस भी कर सकते हैं।
एंड्राइड Q डाटा प्राइवेसी को बढ़ाएगा और गूगल ने यह कदम एप्पल के iOS से प्रेरित होकर उठाया है। अगर आपने आईफोन यूज़ किया तो आप iOS के इस मेथड के बारे में जानते होंगे कि हर एप्प को डिवाइस में स्टोरेज का अपना शेयर मिलता है और एंड्राइड Q में गूगल भी कुछ इस तरह का फीचर ला रहा है।
स्कोप्ड स्टोरेज डिवाइस में सभी एप्प्स के लिए डेडिकेटेड स्टोरेज स्पेस निर्धारित करेगा। एप्प्स पूरे कॉन्टेंट को अपने लिए अलोकेट हुए स्पेस में स्टोर कर सकते हैं और कॉन्टेंट एक्सेस करने के लिए परमिशन भी नहीं लेनी होगी। हालांकि, अगर एप्प को शेयर्ड स्टोरेज में से कॉन्टेंट एक्सेस करना होता है तो इसे परमिशन की आवश्यकता होगी। इसलिए आपकी फ़ोटोज़ और विडियो को गैलरी से एक्सेस करने के लिए परमिशन की ज़रूरत पड़ने वाली है।
कई सालों से एंड्राइड OS पर एप्प्स को वर्चुअल वर्जन में टेस्ट करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण टूल एंड्राइड एमुलेटर रहा है। लेटेस्ट अपडेट में डेवलपर्स फोल्डिंग डिस्प्ले के साथ एप्प्स टेस्ट कर सकते हैं। एप्प्स को फोल्डिंग डिवाइसेज़ में दो साइज़ में टेस्ट किया जा सकता है। यह Samsung Galaxy Fold और Huawei Mate X जैसे डिवाइसेज़ के लिए एप्प्स डेवलप करना आसान बनाएगा।
Android Q के साथ डेवलपर्स डायरेक्ट एप्प्स डिवाइस पर स्पेसिफिक माइक्रोफोन यूज़ करने के लिए डायरेक्ट कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, सेल्फी मोड में कैमरा एप्प एंड्राइड Q केवल फ्रंट माउंटेड माइक्रोफोन का उपयोग करता है।
नोट: डिजिट हिंदी अब टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है, दिन भर की टेक से जुड़ी ताज़ातरीन खबरों के लिए हमें Telegram पर भी सब्सक्राइब करें!
OPPO Reno के कलर और स्टोरेज वैरिएंट्स आए सामने