भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम में एक बड़ा बदलाव हुआ है। National Payments Corporation of India (NPCI) ने UPI सिस्टम में नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। 28 फरवरी 2026 से यूजर्स अब पेमेंट करने के लिए मैन्युअली UPI ID या मोबाइल नंबर दर्ज नहीं कर पाएंगे। इस तरीके को आम तौर पर UPI Collect कहा जाता था। इसका मतलब है कि अगर आप अभी तक UPI ID या Mobile Number पर पेमेंट कर रहे तो अब ऐसा नहीं होने वाला है, इस सेवा को बंद कर दिया गया है। नई व्यवस्था को अगर देखा जाए तो पेमेंट अब मुख्य रूप से QR कोड स्कैन करने या सीधे ऐप आइकन पर क्लिक करने के जरिए ही की जा सकती है। इससे ट्रांजैक्शन प्रक्रिया फास्ट और अधिक सुरक्षित बन जाने वाला है, और यही इसका लक्ष्य भी है।
UPI Collect वह तरीका था जिसमें पेमेंट करने वाला व्यक्ति खुद से UPI ID या मोबाइल नंबर टाइप करके पेमेंट रीक्वेस्ट भेजता था। इस प्रक्रिया में क्या होता था आइए जानते हैं।
NPCI के नए नियम लागू होने के बाद ज्यादातर प्लेटफॉर्म पर पेमेंट करने के अब दो मुख्य तरीके होने वाले हैं।
यूजर सीधे पेमेंट ऐप के आइकॉन पर क्लिक करेगा। इससे संबंधित UPI ऐप खुल जाएगा और पेमेंट तुरंत किया जा सकेगा।
यूजर वेबसाइट या दुकान पर दिखाए गए QR कोड को स्कैन करेगा और पेमेंट पूरा करेगा।
हालांकि UPI Collect को ज्यादातर जगहों पर बंद किया जा रहा है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में यह तरीका अभी भी काम करने वाला है, आइए इसके बारे में भी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।
NPCI के अनुसार यह बदलाव डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित और सरल बनाने के लिए किया जा रहा है।
मैन्युअल तरीके से UPI ID डालने पर कई बार:
QR कोड और ऐप आइकॉन आधारित भुगतान इन जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
UPI भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन चुका है। आज देश में लाखों व्यापारी और करोड़ों यूजर्स रोजाना UPI का इस्तेमाल करते हैं। Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स के जरिए हर दिन करोड़ों ट्रांजैक्शन होते हैं। NPCI के नए नियम से उम्मीद है कि UPI ट्रांजैक्शन और ज्यादा सुरक्षित और तेज हो जाएंगे।
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