स्पोर्ट्सवेयर और फिटनेस इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी Under Armour इन दिनों एक बड़े साइबर सुरक्षा संकट का सामना कर रही है। कंपनी पर आरोप है कि उसके करोड़ों ग्राहकों का निजी डेटा हैक करके डार्क वेब पर बिकने के लिए डाल दिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब एक साइबर अपराधी ने हैकर फोरम पर लाखों यूजर रिकॉर्ड्स पोस्ट करने का दावा किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डेटा नवंबर 2025 में हुए एक साइबर अटैक के दौरान चुराया गया था, जिसकी जिम्मेदारी Everest ransomware gang ने ली है।
यह मामला तब चर्चा में आया जब मशहूर डेटा ब्रीच नोटिफिकेशन वेबसाइट Have I Been Pwned को अंडर आर्मर का लीक हुआ डेटाबेस मिला। इसके बाद वेबसाइट ने करीब 7.2 करोड़ यूजर्स को ईमेल के जरिए अलर्ट भेजा कि उनकी जानकारी से समझौता हो चुका है। Have I Been Pwned के अनुसार, इस डेटा में यूजर्स के ईमेल एड्रेस, नाम, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर और ZIP कोड जैसी जानकारियां शामिल हैं। कुछ रिकॉर्ड्स में तो ग्राहकों की खरीदारी से जुड़ी डिटेल्स भी मौजूद बताई जा रही हैं।
डेटा बेचने वाले हैकर ने TechCrunch को लीक हुए डेटा का एक सैंपल भी दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह डेटा उसी लिस्ट से मेल खाता है, जिसे Have I Been Pwned ने फ्लैग किया है। चिंता की बात यह है कि इस लीक में सिर्फ ग्राहकों का ही नहीं, बल्कि Under Armour के कुछ कर्मचारियों के ईमेल एड्रेस भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक पासवर्ड या बैंकिंग डिटेल्स के लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है।
Under Armour की ओर से जारी एक बयान में कंपनी ने कहा है कि, ‘कंपनी को इस बात की जानकारी है कि किसी अनधिकृत थर्ड पार्टी ने कुछ डेटा तक पहुंच बनाई है। उन्होंने साफ किया कि कंपनी बाहरी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर इस पूरे मामले की जांच कर रही है।’ कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि UA.com, पेमेंट प्रोसेसिंग सिस्टम या कस्टमर पासवर्ड स्टोरेज प्रभावित हुए हैं। कंपनी का दावा है कि जिन ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी प्रभावित हुई है, उनकी संख्या कुल यूजर बेस का बहुत छोटा हिस्सा है और करोड़ों लोगों का गंभीर डेटा लीक होने की बात बेबुनियाद है।
अगर आपने कभी Under Armour की वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल किया है, तो सबसे पहले Have I Been Pwned की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना ईमेल चेक करें। अगर वहां आपका डेटा लीक दिखता है, तो तुरंत अपने अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें और जहां संभव हो वहां Two-Factor Authentication (2FA) ऑन करें। इसके अलावा, भविष्य में किसी भी प्लेटफॉर्म पर जरूरत से ज्यादा पर्सनल या कार्ड डिटेल्स शेयर करने से बचें। आज के डिजिटल दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।