आसमान से सीधे आपके घर के दरवाजे पर! इस जगह पर शुरू हुई Drone Delivery Service, ट्रैफिक जाम में भी टाइम पे मिलेगा पार्सल, देखें सम्पूर्ण डिटेल्स

भारत में AI इनोवेशन अब कुछ नया और अलग करने पर हैं, ऐसा भी कह सकते हैं कि देश में AI अब नई ही रफ्तार पकड़ रहा है। असल में, गुरुग्राम की ड्रोन डिलीवरी स्टार्टअप Skye Air Mobility ने आधिकारिक तौर पर ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले रोबोट के जरिए डोरस्टेप डिलीवरी की शुरुआत की है। इसका ऐलान नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान किया गया था। कंपनी के संस्थापक और CEO अंकित कुमार के अनुसार, बीते ढाई साल में Skye Air ने करीब 36 लाख ड्रोन डिलीवरी की हैं और इससे एक हजार टन से ज्यादा कार्बन उत्सर्जन बचाया गया है। आइए जानते है कि कंपनी की ड्रोन डिलीवरी सेवा कैसे काम करने वाली है। जानकारी के लिए यह भी यहीं पर बताते चलते हैं कि इस सेवा को देश की पहली ड्रोन डिलीवरी सेवा के तौर पर देखा जा रहा है?

कैसे काम करेगी ड्रोन डिलीवरी?

इस नए सिस्टम में ड्रोन सीधे हाउसिंग सोसायटी या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगाए गए स्मार्ट मेलबॉक्स तक पार्सल पहुंचाएंगे। इन मेलबॉक्स को Arrive Point कहा जा रहा है। ड्रोन पार्सल को सुरक्षित बॉक्स में छोड़ देगा। इसके बाद एक ऑटोनॉमस रोवर पार्सल को उठाकर सीधे ग्राहक के दरवाजे तक पहुंचाएगा। ग्राहक OTP डालकर अपना सामान प्राप्त कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से बिना किसी भी मैनुअल सहायता के काम करने वाली है। इस मॉडल को घनी आबादी वाले शहरी इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां ट्रैफिक जाम लगने से समय हमेशा ही चुनौती बना रहता है।

पहले गुरुग्राम से शुरुआत, फिर पूरे भारत में आएगा ये मॉडल?

Skye Air ने साफ किया है कि इस टेक्नोलॉजी का पायलट गुरुग्राम से शुरू होगा। इसके बाद इसे देश के अन्य बड़े शहरों में फैलाया जाएगा। कंपनी का दावा है कि भारत इस तरह की AI-इंटीग्रेटेड ड्रोन डिलीवरी शुरू करने वाला पहला देश बन सकता है। आने वाले समय में इसे ग्लोबल मार्केट तक ले जाने की भी योजना है।

अंतरराष्ट्रीय साझेदारी ने किया कमाल

Skye Air ने अमेरिकी कंपनी Arrive AI के साथ समझौता किया है, जो NASDAQ में लिस्टेड है। Arrive AI का स्मार्ट मेलबॉक्स सिस्टम इस मॉडल का अहम हिस्सा है। इसके अलावा कंपनी ने Autonomy के साथ भी साझेदारी की है, जो ऑटोनॉमस रोवर टेक्नोलॉजी विकसित करती है। यही रोवर लास्ट फेज में पार्सल को ग्राहक के दरवाजे तक पहुंचाएगा।

भारत के लिए क्यों है यह बड़ा कदम?

ड्रोन और AI आधारित डिलीवरी से ट्रैफिक कम होगा, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और डिलीवरी समय में भी कमी आएगी। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स के तेजी से बढ़ते बाजार में यह मॉडल लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बदल सकता है। अगर यह सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में पारंपरिक डिलीवरी सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। AI Impact Summit 2026 में यह ऐलान भारत की AI महत्वाकांक्षाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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