साइबर ठग अब लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, और इस बार उन्होंने लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली साइबर जागरूकता एजेंसी ‘साइबर दोस्त (I4C’ ने इस नए फ्रॉड के बारे में लोगों को सतर्क किया है और बताया है कि हर पेमेंट से जुड़ा अलर्ट असली नहीं होता।
एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। इस पोस्ट में चेतावनी दी गई कि एक छोटी सी गलती या गलत लिंक पर क्लिक करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी साझा की गई, जिसमें दो उदाहरण (A और B) दिखाए गए हैं और लोगों से असली और नकली मैसेज पहचानने को कहा गया है। पहली नजर में दोनों में फर्क समझना काफी मुश्किल होता है।
ऐसे मामलों से बचने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि किसी भी तरह का पेमेंट केवल नेटफ्लिक्स के आधिकारिक ऐप या उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉगिन करके ही किया जाए। किसी भी लिंक के जरिए सीधे पेमेंट करने से बचना चाहिए।
फर्जी और असली मैसेज की पहचान करने के लिए कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है:
1. अगर किसी मैसेज में “Dear User” या “Hi Customer” जैसी सामान्य ग्रीटिंग लिखी हो, तो वह संदिग्ध हो सकता है, क्योंकि असली कंपनियां आमतौर पर यूजर का नाम इस्तेमाल करती हैं।
2. इसके अलावा पेमेंट करने से पहले दिए गए लिंक या URL को ध्यान से चेक करें, क्योंकि ठग अक्सर असली जैसी दिखने वाली लेकिन अलग डोमेन वाली वेबसाइट बनाते हैं।
3. जल्दबाजी में कार्रवाई करने के लिए कहने वाले मैसेज से भी सावधान रहना चाहिए। कई बार ऐसे संदेशों में तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है, जो फ्रॉड का संकेत हो सकता है। हमेशा लिंक पर क्लिक करने की बजाय खुद ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर ही भुगतान करें।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी अनजान नंबर या संदिग्ध मैसेज पर भरोसा करके पेमेंट न करें। ओटीटी प्लेटफॉर्म और अन्य सेवाएं अपने आधिकारिक ऐप और वेबसाइट के जरिए ही भुगतान की सुविधा देती हैं। इसलिए सुरक्षित रहने के लिए हमेशा आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।
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