हर साल सितंबर में नया आईफोन आता है, यह एक परंपरा बन गई है. लेकिन अगर आप इस साल iPhone 18 का इंतजार कर रहे हैं, तो आपको थोड़ा झटका लग सकता है. रिपोर्ट्स की मानें तो चिप्स की कमी और AI की बढ़ती मांग के चलते Appleइस साल अपना ‘स्टैण्डर्ड’ मॉडल लॉन्च नहीं करेगा. लेकिन निराश न हों, क्योंकि जहाँ एक तरफ आईफोन 18 में देरी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ Apple इस साल अपना बहुप्रतीक्षित ‘फोल्डेबल फोन’ (Foldable iPhone) लाकर सबको चौंका सकता है.
Apple इस साल अपने स्टैण्डर्ड iPhone 18 की लॉन्चिंग को छोड़ सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी फिलहाल मेमोरी चिप्स की वैश्विक कमी (Global Shortage) और सप्लाई चेन की बाधाओं से जूझ रही है. मामले से जुड़े लोगों का हवाला देते हुए निक्की एशिया ने दावा किया है कि Apple ने नियमित आईफोन 18 को 2027 की पहली छमाही (First Half) तक टालने का फैसला किया है. इसके बजाय, इस साल का आईफोन लाइनअप प्रीमियम मॉडल्स और कंपनी के बहुप्रतीक्षित पहले फोल्डेबल आईफोन (First Foldable iPhone) पर केंद्रित होने की उम्मीद है.
Apple द्वारा अपने आईफोन लॉन्च में देरी करने की योजना ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में मेमोरी चिप्स की कीमतें बढ़ रही हैं. इसका मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर्स से बढ़ती मांग है. मेमोरी निर्माता मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे ऐसी बाधाएं पैदा हो रही हैं जो अब Apple सहित कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री पर असर डाल रही हैं.
Apple के सीईओ टिम कुक (Tim Cook) ने कंपनी की कमाई कॉल (Earnings Call) के दौरान चुनौतियों को स्वीकार किया. उन्होंने कहा, “हमारे पास जो बाधाएं हैं वे उन ‘एडवांस्ड नोड्स’ की उपलब्धता से प्रेरित हैं जिन पर हमारे SoCs (System on Chips) का उत्पादन होता है. इस समय, हम सप्लाई चेन में सामान्य से कम लचीलापन (Flexibility) देख रहे हैं.” कुक ने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति आंशिक रूप से अत्याधुनिक चिप्स के लिए Apple की अपनी बढ़ती मांग का परिणाम है.
iPhone 18 में देरी सिर्फ चिप की कमी के बारे में नहीं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple का यह फैसला रणनीतिक (Strategic) भी है. बढ़ती सामग्री लागत (Material Costs) और फोल्डेबल आईफोन विकसित करने की तकनीकी जटिलता ने कथित तौर पर Apple को उच्च-मार्जिन (Higher-margin) वाले प्रीमियम उपकरणों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया है.
एक आईफोन सप्लायर के कार्यकारी ने निक्की एशिया को बताया, “सप्लाई चेन की सुगमता (Smoothness) इस साल की प्रमुख चुनौतियों में से एक है, और मार्केटिंग रणनीति में बदलाव ने भी इस निर्णय में भूमिका निभाई है.”
दिलचस्प बात यह है कि Apple की सप्लाई चुनौतियों के केंद्र में एडवांस्ड चिप उत्पादन के लिए TSMC (Taiwan Semiconductor Manufacturing Co.) पर उसकी निर्भरता है. जबकि TSMC अग्रणी विनिर्माण पर हावी है, यह मांग को पूरा करने के लिए तनाव का सामना कर रही है क्योंकि AI कंपनियां उन्हीं ‘एडवांस्ड नोड्स’ के लिए आक्रामक रूप से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. कुक के अनुसार, Apple सप्लाई तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए काम कर रहा है.
इस बीच, Apple धीरे-धीरे अपनी घरेलू चिप सोर्सिंग (Domestic Chip Sourcing) का विस्तार कर रहा है. कंपनी ने खुलासा किया कि उसने 2025 में अमेरिका में लगभग 20 बिलियन चिप्स की खरीद की, जो पिछले साल 19 बिलियन थी.
हालांकि Apple ने कहा कि पिछली तिमाही में बढ़ती मेमोरी कीमतों का प्रभाव “न्यूनतम” (Minimal) था, लेकिन सीईओ ने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में दबाव अधिक ध्यान देने योग्य हो जाएगा. उन्होंने यह भी नोट किया कि कंपनी स्थिति का प्रबंधन करने के लिए “कई विकल्पों” (Range of options) की खोज कर रही है.
iPhone 18 के लॉन्च में देरी की योजना तब आई है जब Apple ने अपनी नवीनतम तिमाही में उम्मीद से बेहतर कमाई (Better-than-expected earnings) दर्ज की है. कंपनी ने मजबूत आईफोन मांग की सूचना दी, विशेष रूप से चीन में, जिससे राजस्व ने वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों को पछाड़ दिया.