ICICI Bank अपने ग्राहकों को एक चेतावनी दे रहा है। देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक जबरन वसूली घोटालों (Extortion Scam) को लेकर चेतावनी दे रहा है, जहां साइबर अपराधी व्यक्तियों या संगठनों को धमकाने वाले मेसेज भेजते हैं और संवेदनशील या शर्मिंदगी भरी जानकारी को न फैलाने के बदले में पैसों की मांग करते हैं। बैंक अपने ग्राहकों को ईमेल के जरिए इस घोटाले के बारे में सतर्क कर रहा है।
जबरन वसूली घोटाले (Extortion Scams) एक ईमेल के साथ शुरू होते हैं, जिसमें भेजनेवाला दावा करता है कि उसके पास प्राप्तकर्ता की कुछ संवेदनशील जानकारी जैसे फ़ोटोज़ या पर्सनल डेटा है। भेजनेवाला उस जानकारी को पैसे न मिलने पर प्राप्तकर्ता के दोस्तों, परिवार या सार्वजनिक तौर पर फैलाने की धमकी देता है।
इस तरह के ईमेल्स का लक्ष्य केवल प्राप्तकर्ता को उस हद तक डराना होता है जब तक कि वह मांगी गई रकम का भुगतान न कर दे। जबकि उनके पास रिलीज करने के लिए ऐसी कोई भी संवेदनशील जानकारी भी नहीं होती।
ICICI बैंक अपने ईमेल के अंदर चेतावनी के कुछ संकेतों पर प्रकाश डाल रहा है जो घोटाले को पहचानने में आपकी मदद कर सकते हैं। वह एक अनचाहा कॉल, मेसेज या ईमेल हो सकता है जिसे भेजनेवाला किसी सरकारी विभाग, ऋण वसूली एजेंसी या विश्वसनीय कंपनी की ओर से होने का दावा कर सकता है।
कॉल करने वाला यह दावा करेगा कि आपने पैसा उधार लिया है और कानूनी कार्रवाई करने या गिरफ़्तारी की धमकी देगा। फिर वह आपसे कहेगा कि इस मामले को सुलझाने के लिए आपको फीस या जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके अलावा वह आपकी निजी जानकारी, जैसे पासपोर्ट डिटेल्स, जन्म तारीख या बैंक डिटेल्स भी मांग सकता है। इतना ही नहीं, नकली अर्जेंसी दिखाने के लिए वह यह भी दावा कर सकता है कि अगर आपने अभी के अभी फीस या जुर्माना नहीं भरा तो पुलिस आपके घर पहुँच जाएगी और आपको गिरफ्तार कर लेगी।
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इन गाइडलाइंस को फॉलो करते हुए ICICI बैंक का उद्देश्य जबरन वसूली घोटालों से बचने में ग्राहकों की मदद करना और उनकी निजी और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखना है।