WhatsApp काफी पॉपुलर मैसेजिंग ऐप है. जिसकी वजह से स्कैमर्स की भी नजर इसके यूजर्स पर होती है. साइबर ठगों ने अब आपकी भावनाओं और जरूरतों को अपना हथियार बना लिया है. गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने मंगलवार को देश के नागरिकों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है.
एजेंसी ने तीन नए और खतरनाक ट्रेंड्स की पहचान की है जो लोगों को कंगाल बना रहे हैं. इनमें मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जीवाड़ा, 21 कोड वाला कूरियर स्कैम और WhatsApp अकाउंट किराए पर लेने का झांसा देना शामिल हैं. सरकार ने अक्टूबर 2025 तक हजारों फर्जी अकाउंट्स ब्लॉक किए हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है.
शादी की वेबसाइट्स पर अब दूल्हा-दुल्हन से ज्यादा ठग सक्रिय हैं. ठग हाई-प्रोफाइल नौकरियां (जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, विदेश में सेटल) और चोरी की गई आकर्षक तस्वीरें लगाकर फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं. वे प्लेटफॉर्म के फिल्टर का उपयोग करके विशेष रूप से ज्यादा कमाने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं.
पहले वे लगातार बात करके इमोशनल इंटीमेसी और भरोसा बनाते हैं. लेकिन जैसे ही भरोसा कायम होता है, वे अचानक किसी ‘आर्थिक संकट’ का बहाना बनाते हैं या कोई “एक्सक्लूसिव” क्रिप्टोकरेंसी निवेश स्कीम बताते हैं. शिकार को लगता है कि उसे अमीर बनने का मौका मिल रहा है, जबकि असल में वह अपनी जमा पूंजी लुटा रहा होता है.
I4C ने साफ कहा है कि अगर कोई स्कीम “सच होने के लिए बहुत अच्छी” लगे, तो पैसा न लगाएं. बिना जाने समझे पैसे ट्रांसफर करना सबसे बड़ी बेवकूफी है.
यह स्कैम सबसे ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसमें एक छोटी सी गलती से आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर के पास चला जाता है. ठग डिलीवरी बॉय बनकर कॉल करते हैं और कहते हैं कि आपका पार्सल रिशेड्यूल करना है. वे आपको एक कोड डायल करने को कहते हैं जो 21 से शुरू होता है और उसके बाद एक मोबाइल नंबर होता है.
जैसे ही आप यह कोड डायल करते हैं, आपके फोन पर ‘कॉल फॉरवर्डिंग’ (Call Forwarding) एक्टिवेट हो जाती है. इसके बाद आपके सारे कॉल, बैंक OTP और व्हाट्सएप/टेलीग्राम के वेरिफिकेशन कोड सीधे ठग के नंबर पर जाने लगते हैं. इससे वे आसानी से आपका बैंक खाता खाली कर सकते हैं या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर सकते हैं.
क्या आपने ऐसे विज्ञापन देखे हैं जो WhatsApp अकाउंट लिंक करने पर “ऑटोमैटिक कमाई” का वादा करते हैं? मेटा या फेसबुक पर ऐसे विज्ञापन दिखाए जाते हैं जो WhatsApp के जरिये बिना कुछ किए पैसे कमाने का झांसा देते हैं.
यूजर्स को एक QR कोड स्कैन करने के लिए कहा जाता है (लिंक्ड डिवाइस फीचर के जरिए). जैसे ही आप स्कैन करते हैं, आपका अकाउंट हैक हो जाता है. ठग आपके अकाउंट का इस्तेमाल दूसरे लोगों को ठगने, फर्जी स्कीम फैलाने या अवैध सामग्री भेजने के लिए करते हैं. आप अनजाने में अपराधी बन जाते हैं.
I4C ने सक्रिय रूप से कार्रवाई करते हुए अक्टूबर 2025 में 3,962 स्काइप आईडी और 83,668 WhatsApp अकाउंट्स को ब्लॉक किया है. किसी भी थर्ड-पार्टी ऐप को इंस्टॉल न करें जो WhatsApp से कमाई का वादा करे. और याद रखें, कोई भी असली डिलीवरी एजेंट आपसे कोड डायल नहीं करवाएगा.