गूगल ने आखिरकार भारत के लोगों के लिए (चुनिंदा यूजर्स) के लिए AI मोड उपलब्ध करा दिया है। इस फीचर को सबसे पहले गूगल I/O 2025 में दिखाया गया था। इसके बाद इसे अमेरिका में उपलब्ध कराया गया था, अब यह इंडिया में भी आ चुका है। इंडिया में अब इसे आप सर्च लैब्स के जरिए एक्सेस किया जा सकता है। यह AI मोड जेमिनी 2.5 के कस्टम वर्जन पर बेस्ड है और इसका उद्देश्य आपके मुश्किल से मुश्किल और बहुत से अलग अलग सवालों का जवाब देना है, जिसमें तर्क, मल्टीमॉडलिटी, और डीप वेब एक्सप्लोरेशन का उपयोग होता है।
गूगल के अनुसार, AI मोड के शुरुआती यूजर्स के व्यवहार में बदलाव देखा गया है। वे पारंपरिक सर्च टर्म्स की तुलना में 2-3 गुना लंबे सवाल पूछ रहे हैं, खासकर प्रोडक्ट कंपेरिजन, ट्रैवल प्लानिंग, और शैक्षिक तौर पर काम में आने वे How tos से जुड़े यूजर्स की ओर से किए जा रहे हैं। भारत की बात करें तो, गूगल इस फीचर को वॉयस और इमेज-बेस्ड इंटरैक्शन की बढ़ती मांग के जवाब के रूप में पेश कर रहा है, क्योंकि भारत में गूगल लेंस का उपयोग अब तक के हाई लेवल पर पहुंच चुका है।
कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा, “यह लॉन्च सर्च पर जानकारी खोजने और एक्सेस करने को और आसान बनाने का एक आसान तरीका होने वाला है। AI में हमारी नवीनतम प्रगति के साथ, हमने देखा है कि लोग गूगल सर्च का उपयोग तेजी से जटिल और बारीक सवालों को हल करने के लिए कर रहे हैं।”
जो लोग इसके बारे में नहीं जानते, उनके लिए बता दें कि यह टूल मल्टीमॉडल इनपुट्स को सपोर्ट करता है, यानी यूजर्स टाइप करके, बोलकर, या इमेज अपलोड करके सवाल पूछ सकते हैं।
AI मोड जेमिनी 2.5 की शक्ति का उपयोग करके जटिल सवालों के लिए विश्लेषण और सटीक जवाब देने में सक्षम है। यह खासकर उन कार्यों के लिए उपयोगी है जहां कई पहलुओं (जैसे कीमत, फीचर्स, रिव्यूज़) की तुलना या डीप रिसर्च की जरूरत होती है।
शुरुआती चरण: AI मोड अभी परीक्षण फेज में है, यह भारत में केवल सर्च लैब्स के जरिए उपलब्ध है।
किस भाषा में उपलब्ध: केवल अंग्रेजी में उपलब्ध इस समय उपलब्ध है।
प्लेटफॉर्म: Android और iOS पर गूगल ऐप के जरिए इस फीचर को इस्तेमाल किया जा सकता है।
सम्पूर्ण रोलआउट कब: गूगल ने अभी सम्पूर्ण रोलआउट का समय नहीं बताया है।
भारत में AI मोड को एक्टिवेट करने के लिए आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
मुश्किल से मुश्किल सवालों का जवाब: प्रोडक्ट कंपेरिजन, ट्रैवल प्लानिंग, या शैक्षिक सवालों के लिए डीप और सटीक जानकारी देने में सक्षम।
मल्टीमॉडल इंटरैक्शन: टेक्स्ट, वॉयस, और इमेज के जरिए सवाल पूछने की सुविधा भी इसमें मिलती है।
भारतीयों के लिए फायदे: गूगल लेंस की लोकप्रियता को देखते हुए, यह फीचर भारत में वॉयस और विजुअल सर्च की मांग को पूरा करता है।
पर्सनलाइज्ड अनुभव: AI के द्वारा मिलने वाले जवाब यूजर की जरूरतों के हिसाब से होते हैं।