भारत सरकार की एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) ने Google Chrome यूजर्स को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. यह चेतावनी Windows, macOS और Linux प्लेटफॉर्म पर Chrome इस्तेमाल करने वालों के लिए है. 13 अगस्त को जारी इस ‘High-Severity’ अलर्ट में बताया गया है कि ब्राउजर के कई कंपोनेंट्स में गंभीर कमजोरियां (vulnerabilities) मिली हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस का कंट्रोल ले सकते हैं या संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं.
CERT-In के मुताबिक, ये खतरे Google Chrome के Desktop वर्ज़न में पाए गए हैं. इनमें Heap buffer overflow in libaom, Race condition in V8, Out of bounds write in ANGLE, Inappropriate implementation in File Picker, Use after free in Aura शामिल हैं.
इन खामियों का इस्तेमाल करके साइबर अटैकर्स सिस्टम को हैंग कर सकते हैं, डिवाइस का कंट्रोल ले सकते हैं, या बिना अनुमति डेटा एक्सेस कर सकते हैं.
एजेंसी ने साफ किया है कि Google Chrome वर्ज़न 139.0.7258.127/.128 (Windows और Mac के लिए) और 139.0.7258.127 (Linux के लिए) से पुराने वर्जन सबसे ज्यादा खतरे में हैं. ये खतरा व्यक्तिगत यूज़र्स के साथ-साथ बिजनेस यूज़र्स के लिए भी समान रूप से गंभीर है.
CERT-In ने Chrome यूजर्स को तुरंत अपने ब्राउजर का लेटेस्ट वर्जन अपडेट करने की सलाह दी है.
ऊपर दाईं ओर तीन डॉट्स (मेन्यू) पर क्लिक करें. फिर Help सेक्शन में जाएं. इसके बाद About Google Chrome पर क्लिक करें. फिर Chrome अपने-आप लेटेस्ट अपडेट चेक कर लेगा और इंस्टॉल कर देगा. Google ने भी इन कमजोरियों को ठीक करने के लिए अपडेट जारी किया है और अपनी वेबसाइट पर इसका पूरा डिटेल शेयर किया है.
Chrome दुनियाभर में सबसे पॉपुलर वेब ब्राउज़रों में से एक है, और इसी वजह से यह हैकर्स का पसंदीदा टारगेट भी है. जब भी कोई सिक्योरिटी खामी मिलती है, हैकर्स इसे तुरंत एक्सप्लॉइट करने की कोशिश करते हैं. इसलिए, लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करना ही सबसे आसान और असरदार सुरक्षा उपाय है.
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