Google के इस जाने माने फीचर को मात देने के लिए OpenAI ने खेला ये नया दांव.. देखें दोनों में कौन बेहतर

Updated on 15-Jan-2026

OpenAI ने बिना ज्यादा शोर शराबा किए एक नया स्टैंडअलोन ट्रांसलेशन टूल पेश कर दिया है। जिसका नाम ChatGPT Translate है। यह टूल सीधे तौर पर Google Translate को टक्कर देता नजर आ रहा है। वैसे तो ट्रांसलेशन की सुविधा पहले से ही ChatGPT में मौजूद थी, लेकिन अब OpenAI ने इसे अलग पहचान देते हुए एक डेडिकेटेड प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया है, ताकि रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए यूज़र्स को फास्ट और आसान अनुभव मिल सके। वेबसाइट खोलते ही इसका लेआउट जाना-पहचाना लगता है, ठीक वैसा जैसा आमतौर पर दूसरे ट्रांसलेशन टूल्स में देखने को मिलता है।

कितनी भाषाओं का मिलता है सपोर्ट

ChatGPT Translate में इनपुट और आउटपुट के लिए दो टेक्स्ट बॉक्स दिए गए हैं, ऑटोमैटिक लैंग्वेज डिटेक्शन की सुविधा है और यह 50 से ज्यादा भाषाओं में अनुवाद को सपोर्ट करता है। बेसिक लेवल पर यह वही सभी फीचर्स देता है, जिनकी उम्मीद किसी भी ट्रांसलेशन टूल से की जाती है। यानी अगर किसी यूज़र को सिर्फ एक भाषा से दूसरी भाषा में टेक्स्ट बदलना है, तो यह काम बिना किसी झंझट के हो जाता है।

Google के मुकाबले कितना अलग है ये नया टूल

हालांकि, OpenAI का यह नया टूल अपने प्रतिद्वंद्वियों से थोड़ा अलग भी है। ChatGPT Translate के इंटरफेस में कुछ वन-टैप ऑप्शन दिए गए हैं, जिनकी मदद से यूज़र ट्रांसलेट किए गए टेक्स्ट को तुरंत बेहतर बना सकते हैं। ऐसा कह सकते है कि, इसमें टेक्स्ट को ज्यादा नैचुरल बनाना, बिज़नेस-फ्रेंडली टोन में बदलना, बच्चों के लिए भाषा को आसान करना या अकैडमिक स्टाइल में री-राइट करना। जैसे ही यूज़र इनमें से कोई ऑप्शन चुनता है, वह सीधे मेन ChatGPT एक्सपीरियंस में पहुंच जाता है, जहां जेनरेटिव AI की मदद से ट्रांसलेशन को और भी बारीकी से एडजस्ट किया जा सकता है।

अपने इसी अप्रोच के साथ OpenAI का यह नया टूल सिर्फ शब्द-दर-शब्द अनुवाद पर फोकस नहीं करता, बल्कि संदर्भ, ऑडियंस और इंटेंट को समझने वाली एक ज्यादा फ्लेक्सिबल प्रोसेस देना चाहता है। इसी कारण ChatGPT Translate बाकी ट्रांसलेशन टूल्स से अलग हो जाता है, जहां टोन और यूज़-केस को भी उतनी ही अहमियत दी जाती है जितनी भाषा को।

प्लेटफॉर्म में अभी कुछ कमियाँ भी हैं!

हालांकि, फिलहाल इस नए प्लेटफॉर्म में कुछ कमियां भी नजर आती हैं। भले ही इमेज-आधारित ट्रांसलेशन के संकेत दिए गए हों, लेकिन अभी डेस्कटॉप वर्जन में सिर्फ प्लेन टेक्स्ट इनपुट ही सपोर्ट करता है। मोबाइल ब्राउज़र पर वॉयस इनपुट की सुविधा जरूर मिलती है, लेकिन डॉक्यूमेंट, हैंडराइटिंग, वेबसाइट ट्रांसलेशन या लाइव कन्वर्सेशन जैसी सुविधाएं अभी मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा, भाषा सपोर्ट का दायरा भी Google Translate के मुकाबले फिलहाल सीमित है।

गूगल भी अपने टूल को ज्यादा सशक्त बनाने में लगा है!

दूसरी तरफ, Google अपनी ट्रांसलेशन सर्विस को लगातार आगे बढ़ा रहा है। हालिया अपडेट्स में Gemini की मदद से मुहावरों, स्लैंग और रीजनल एक्सप्रेशन्स को बेहतर तरीके से समझने की क्षमता जोड़ी गई है। इसके साथ-साथ हेडफोन्स के जरिए रियल-टाइम स्पीच ट्रांसलेशन जैसी सुविधाओं पर भी टेस्टिंग चल रही है, जो इसे और ज्यादा एडवांस बनाती हैं।

कुल मिलाकर, ChatGPT Translate उन यूज़र्स के लिए एक दिलचस्प ऑप्शन बनकर उभर रहा है, जो सिर्फ अनुवाद नहीं, बल्कि भाषा के साथ-साथ टोन और संदर्भ पर भी कंट्रोल चाहते हैं। भले ही यह अभी फीचर्स के मामले में Google Translate से पीछे हो, लेकिन AI-ड्रिवन फ्लेक्सिबिलिटी इसे आने वाले समय में एक मजबूत दावेदार बना सकती है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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