आखिर क्या है ChatGPT? अभी जानें इसके सभी लाभ डीटेल में

Updated on 07-Dec-2022
HIGHLIGHTS

Elon Musk और Sam Altman ने मिलकर एक स्वतंत्र रिसर्च बॉडी, OpenAI की खोज की है जिसका नाम ChatGPT रखा गया है।

ChatGPT (Generative Pre-Trained Transformer) एक बोलने वाले रोबोट की तरह एक "conversational dialogue model" है

यूजर्स OpenAI की वेबसाइट पर जाकर 'Try ChatGPT' बटन पर क्लिक करके इसका इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं।

Elon Musk और Sam Altman ने मिलकर एक स्वतंत्र रिसर्च बॉडी, OpenAI की खोज की है पिछले हफ्ते ChatGPT नाम का एक चैटबॉट लॉन्च किया है, और सिर्फ एक हफ्ते के अंदर ही यह सर्विस 1 मिलियन यूजर्स तक पहुँच चुकी है। ऐसा भी कह सकते है कि अपने लॉन्च के साथ ही इसने इंटरनेट पर मानो खलबली सी मचा दी है।  

यह चैटबॉट इंटरनेट पर बहुत अधिक चर्चा में आ चुका है। इंसानों के जैसे और परफेक्ट जवाब देने वाले इस प्लैटफॉर्म ने इंटरनेट को काफी क्यूरियस बना दिया है। आइए जानते हैं इसके बारे में, आखिर यह क्या है और कैसे काम करता है? 

ChatGPT क्या है?

ChatGPT (Generative Pre-Trained Transformer) एक बोलने वाले रोबोट की तरह एक "conversational dialogue model" है जो कि आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग द्वारा ट्रेन किया गया है। यह साधारण इंसानों की भाषा को समझता है और उनके सवालों का जवाब देता है। यह एक डीप-लर्निंग लैंगुएज मॉडल है जिसकी खासियत इंसानों के जैसी भाषा में जवाब देना है। डीप-लर्निंग एक मशीन लर्निंग मेथड है। 

https://twitter.com/elonmusk/status/1599669552081960960?ref_src=twsrc%5Etfw

लेकिन यह Siri और Alexa से किस तरह से अलग है जो कि, बोल सकते हैं, सवाल का जवाब दे सकते हैं, जोक सुना सकते हैं और यहाँ  कि कविता भी सुना सकते हैं? ChatGPT किस तरह अन्य सभी उपलब्ध AI मॉडल्स से अलग है?

ChatGPT अन्य AI मॉडल्स से अलग है क्योंकि यह पुरानी कंवरजेशन को याद रखता है, अपनी गलतियों को स्वीकार करता है और कभी कभी जवाब देने से माना भी करता है। 

ChatGPT किस तरह काम करता है?

यूजर्स OpenAI की वेबसाइट पर जाकर 'Try ChatGPT' बटन पर क्लिक करके इसका इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। 

OpenAI ने ChatGPT को एक ट्रेनिंग मेथड "Reinforcement Learning from Human Feedback" या RLHF का इस्तेमाल करके ट्रेनिंग दी है। यह AI को ट्रेन करने के लिए एक रिवॉर्ड और पनिशमेंट सिस्टम का उपयोग करता है। इसलिए जब भी कोई ऐक्शन लिया जाता तो यह  डिजायरेबल और पनिशेबल में बांटा जाता है डिजायर्ड ऐक्शन को  रिवॉर्ड दिया जाता है जबकि अनडिजायर्ड को पनिश किया जाता है। इस trial-and-error मेथड के साथ यह सीखने में मदद मिलती है कि, क्या काम करेगा और क्या नहीं। 

OpenAI ने इस AI मॉडल के ट्रेनर के रूप में इंसानों का भी उपयोग किया है। इस तरह से इन ट्रेनर्स ने एक यूजर और AI असिस्टेंट दोनों का ही रोल निभाया है। लेकिन इस मेथड से थोड़ी परेशानी आने की संभावना है, क्योंकि इससे मॉडल को अक्सर गलत ट्रेनिंग भी मिल सकती है। एक आइडियल जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि मॉडल कितना जनता है, बजाए इसके कि ह्यूमन को उसके बारे में कितनी जानकारी है। इस नए AI मॉडल की यही कुछ सीमाएं हो सकती हैं।

अगर कोई यूजर किसी भी तरह का मुश्किल सवाल पूछता है या अपने सवाल को ठीक तरीके से नहीं पूछता तो ChatGPT उसका जवाब देने से मना कर सकता है। अगर किसी यूजर का सवाल उचित न हो तब भी जवाब को  डिकलाइन किया जा सकता है।

e-कॉमर्स कंपनी Meesho के कोफाउंडर Vidit Atrayee ने LinkedIn के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि, AI सिर्फ दोहराए जाने वाले जवाब नहीं देता। ChatGPT के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा  कि AI क्रिएटिव काम भी करता है।

https://twitter.com/ahmedsalims/status/1599669367549046785?ref_src=twsrc%5Etfw

अभी के लिए, सिर्फ रिसर्च के समय तक ChatGPT मुफ्त में उपयोग किया जा सकता है। CEO Sam Altman ने पहले ही इसका संकेत दे दिया है कि, कंपनी भविष्य में इस प्लैटफॉर्म को मुफ्त नहीं रखेगी। जब उनसे यह सवाल किया गया कि, क्या यह सेवा हमेशा मुफ्त रहेगी, तब उन्होने एक ट्वीट के माध्यम से इसके जवाब में कहा कि, “हमें कभी न कभी इस प्लैटफॉर्म को मोनेटाइज़ करना ही होगा; क्योंकि इसका कम्प्यूट कॉस्ट आँखों में पानी ला देने वाला है।"

Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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