Haunted 3D, बॉलीवुड की उन कम हॉरर फिल्मों में शामिल है, जिसने डर को सिर्फ चीख-पुकार और अचानक डराने वाले सीन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसमें प्यार, दर्द और बदले की गहरी परतें भी जोड़ीं। 3D टेक्नोलॉजी के साथ बनी यह फिल्म अपने दौर में इसलिए अलग नज़र आई क्योंकि इसने विज़ुअल डर के साथ एक भावनात्मक कहानी कहने की कोशिश की। आज भी हॉरर पसंद करने वाले दर्शकों के बीच Haunted 3D की चर्चा इसलिए होती है, क्योंकि यह सिर्फ भूत-प्रेत का खेल नहीं, बल्कि इंसानी भावनाओं और अधूरे इंसाफ की दास्तान भी है। निर्देशक Vikram Bhatt की यह फिल्म बॉलीवुड की उन चुनिंदा कोशिशों में गिनी जाती है, जहां 3D का इस्तेमाल दिखावे से ज्यादा अनुभव बनाने के लिए किया गया है।
फिल्म की कहानी रीहान खान के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अपने परिवार की एक पुरानी और रहस्यमयी हवेली का वारिस बनाया जाता है। पहली नज़र में यह हवेली जितनी खूबसूरत दिखती है, उतनी ही अंदर से डर और रहस्य से भरी हुई है। जैसे-जैसे रीहान वहां रहने लगता है, उसे अजीब आवाज़ें सुनाई देने लगती हैं, दरवाज़े अपने आप खुलते-बंद होते हैं और परछाइयाँ बिना वजह उसका पीछा करती नज़र आती हैं। शुरुआत में यह सब वह वहम समझता है, लेकिन धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि इस हवेली में कुछ ऐसा कैद है, जो सिर्फ डराने के लिए नहीं, बल्कि अपने साथ हुए अन्याय का हिसाब मांगने के लिए भटक रहा है।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, हवेली का एक दर्दनाक और खौफनाक अतीत सामने आता है। रीहान को पता चलता है कि यहां मौजूद आत्मा महज़ एक डरावना साया नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत है, जिसकी ज़िंदगी में प्यार, धोखा और बदले की आग शामिल रही है। यहीं से फिल्म का टोन बदलता है और हॉरर के साथ इमोशन जुड़ने लगता है। डर अब सिर्फ अंधेरे गलियारों से नहीं आता, बल्कि उस दर्द से आता है, जिसे आत्मा अब तक ढो रही है। यही भावनात्मक पहलू Haunted 3D को आम हॉरर फिल्मों से अलग बनाता है।
फिल्म में रीहान खान का किरदार Mahakshay Chakraborty ने निभाया है, जबकि महक के रोल में Tia Bajpai नज़र आती हैं। सहायक भूमिकाओं में Achint Kaur और Arif Zakaria जैसे कलाकार कहानी को मजबूती देते हैं। नए और कम देखे गए चेहरों की मौजूदगी ने फिल्म को एक फ्रेश फील दी, जिससे दर्शकों का ध्यान स्टारडम से ज्यादा कहानी और माहौल पर केंद्रित रहा।
Haunted 3D को खास बनाने में इसकी 3D टेक्नोलॉजी का बड़ा हाथ रहा है। इसे अक्सर भारत की पहली फुल-लेंथ 3D हॉरर फिल्म कहा जाता है और इसमें 3D इफेक्ट्स का इस्तेमाल सिर्फ आंखों को चौंकाने के लिए नहीं, बल्कि डर को महसूस कराने के लिए किया गया। अचानक सामने आती इमेज, कैमरे की गहराई से बाहर निकलते सीन, तंग और अंधेरे कॉरिडोर, ये सब दर्शकों को थिएटर की सीट पर बैठे-बैठे असहज कर देते हैं। उस वक्त के लिहाज़ से यह अनुभव बॉलीवुड के लिए बिल्कुल नया था।
फिल्म का म्यूज़िक और बैकग्राउंड स्कोर भी इसके माहौल को मजबूत बनाता है। रोमांटिक और सैड गानों के जरिए कहानी के इमोशनल पहलू को उभारा गया है, जबकि बैकग्राउंड म्यूज़िक धीरे-धीरे डर का स्तर बढ़ाता है और अचानक आने वाले सीन में दिल की धड़कन तेज कर देता है। यह संतुलन फिल्म को सिर्फ डरावनी नहीं, बल्कि महसूस करने लायक भी बनाता है।
बॉक्स ऑफिस पर Haunted 3D ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। 3D हॉरर जैसी नई थीम होने की वजह से खासकर युवा दर्शकों ने इसे पसंद किया। कम बजट में बनी इस फिल्म ने अपनी लागत निकाल ली और इसे एक सफल प्रयोग माना गया। भले ही यह मेगा ब्लॉकबस्टर न रही हो, लेकिन इसने बॉलीवुड हॉरर जॉनर को एक नई दिशा जरूर दी।
अगर आपको ऐसी हॉरर फिल्में पसंद हैं, जो सिर्फ डराने के बजाय कहानी में छुपे दर्द, रहस्य और इमोशन को भी सामने लाती हैं, अगर आप 3D में डर का अलग अनुभव लेना चाहते हैं और विक्रम भट्ट की हॉरर दुनिया आपको आकर्षित करती है, तो Haunted 3D एक अच्छी और देखने लायक फिल्म है। यह उन दर्शकों के लिए खास है, जो डर के पीछे छुपी कहानी को भी महसूस करना चाहते हैं और यही बात इसे बॉलीवुड हॉरर फिल्मों में एक अलग पहचान देती है।
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