OTT प्लेटफॉर्म्स ने बीते कुछ सालों में साउथ सिनेमा को पूरे देश में पहुंचाने का सकारात्मक काम किया है। अब दर्शक सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि हर एक लैंग्वेज और हर जॉनर की फिल्मों को खुलकर देख रहे हैं। ऐसा कह सकते हैं कि सिनेमा की भाषा के बैरियर को कहीं न कहीं OTT Platforms ने तोड़कर रख दिया है। नए और अलग कंटेंट की तलाश में दर्शकों की यह बदलती पसंद ही वजह है कि साउथ की कई फिल्में थिएटर के बाद OTT पर आकर जबरदस्त पहचान बना लेती हैं। इसी कड़ी में अब एक साउथ क्राइम कॉमेडी फिल्म ने OTT पर एंट्री ली है, जिसने पहले ही सिनेमाघरों में लोगों का खूब मनोरंजन किया था और अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी चर्चा बटोर रही है।
यह फिल्म इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि इसकी IMDb रेटिंग ने हर किसी को चौंका दिया है। आमतौर पर इतनी ऊंची रेटिंग कम ही देखने को मिलती है, हमने पंचायत और गुल्लक की रेटिंग को देखा है, जो 9.0 और 9.1 है, लेकिन इस फिल्म को 9.6/10 की IMDb रेटिंग मिली है, जो साफ इशारा करती है कि इसे दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स का भी जबरदस्त प्यार मिला है। OTT पर रिलीज होते ही यह फिल्म उन लोगों की वॉचलिस्ट में शामिल हो गई है, जो हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश की गई डार्क कॉमेडी और क्राइम स्टोरीज़ पसंद करते हैं।
इस फिल्म का नाम Gurram Paapi Reddy है। जितना अलग और दिलचस्प इसका टाइटल है, उतनी ही मज़ेदार और अनोखी इसकी कहानी भी है। यह फिल्म क्राइम कॉमेडी यानी डार्क कॉमेडी जॉनर में आती है, जो भारतीय सिनेमा में अभी भी कम देखने को मिलता है। फिल्म में Naresh Agastya और Faria Abdullah लीड रोल में नजर आते हैं। निर्देशन की कमान Murali Manohar ने संभाली है। फिल्म में दिग्गज कॉमेडियन Brahmanandam जज के किरदार में दिखाई देते हैं, जबकि तमिल सिनेमा के मशहूर कॉमेडियन Yogi Babu ने इसी फिल्म के जरिए तेलुगु इंडस्ट्री में कदम रखा है।
कहानी Gurram Paapi Reddy के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार नरेश अगस्त्य निभाते हैं। Gurram एक चिट-फंड कंपनी में अपने पैसे लगाता है, लेकिन कंपनी के डूबते ही वह भारी कर्ज में फंस जाता है। इसी मुश्किल हालात में उसकी मुलाकात सौदामिनी से होती है, जिसका रोल फरिया अब्दुल्ला निभा रही हैं। यहीं से Gurram तीन और किरदारों गोयी, चिपीली और मिलिट्री के साथ मिलकर एक अजीब लेकिन खतरनाक मिशन का हिस्सा बन जाता है।
इस ग्रुप का प्लान सुनने में जितना आसान लगता है, असल में उतना है नहीं। इनका मिशन श्रीशैलम से एक लाश को हैदराबाद लाने का होता है, उसे कब्रिस्तान में दफन करना होता है और उसकी जगह दूसरी लाश का इंतज़ाम करना होता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, हालात उलझते चले जाते हैं। रास्ते में इन पांचों का सामना एक शाही परिवार से होता है और मामला एक जटिल प्रॉपर्टी विवाद में फंस जाता है। यहीं से फिल्म का टोन और भी दिलचस्प हो जाता है, जहां क्राइम, कॉमेडी और सिचुएशनल ह्यूमर का शानदार मेल देखने को मिलता है।
क्रिटिक्स ने फिल्म के अभिनय और स्क्रीनप्ले की जमकर तारीफ की है। खास तौर पर यह कहा गया है कि फिल्म आखिरी सीन तक दर्शकों को बांधे रखती है और हर मोड़ पर कुछ नया देखने को मिलता है। हल्की कॉमेडी के साथ गंभीर क्राइम एंगल को जिस तरह बैलेंस किया गया है, वही इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। यही वजह है कि थिएटर के बाद अब OTT पर भी यह फिल्म तेजी से लोकप्रिय हो रही है।