थिएटर्स में सादगी और भावनाओं से भरी कहानी के दम पर दर्शकों का दिल जीतने वाली फिल्म Binny and Family अब OTT पर रिलीज़ हो चुकी है। 27 सितंबर 2024 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद यह फिल्म अब Amazon Prime Video पर स्ट्रीम की जा सकती है। यह फिल्म उन लोगों के लिए किसी सुकून से कम नहीं, जो शोर-शराबे वाली फिल्मों से हटकर रिश्तों, भावनाओं और पीढ़ियों के टकराव को करीब से महसूस करना चाहते हैं।
Binny and Family असल में एक ऐसी फैमिली ड्रामा है, जो यह दिखाती है कि घर के अंदर पैदा होने वाली ज्यादातर दूरियां बात न करने की वजह से होती हैं, न कि नफरत से। फिल्म यह सवाल उठाती है कि बदलते वक्त में परिवार का मतलब क्या है और किस तरह समझदारी, धैर्य और बातचीत से टूटते रिश्तों को जोड़ा जा सकता है।
फिल्म का टोन बेहद सधा हुआ है, न ज़रूरत से ज़्यादा ड्रामा, न बनावटी इमोशन इस फिल्म में आपको देखने को मिलने वाले हैं। यही वजह है कि कहानी हर उम्र के दर्शक से कनेक्ट करती है। इस फिल्म को आप पंचायत और गुल्लक से भी ज्यादा शानदार मान सकते हैं?
कहानी की केंद्र में है बिन्नी, एक युवा लड़की जो अपने निजी सपनों और परिवार की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। जैसे-जैसे अलग अलग पीढ़ियों के बीच विचार टकराते हैं, बिन्नी खुद को उन सवालों के बीच पाती है जिनका सामना आज हर युवा कर रहा है, जैसे: आजादी बनाम परंपरा, खुद की पहचान बनाम परिवार की जिम्मेदारी आदि आदि।
डेब्यू कर रहीं Anjini Dhawan अपने किरदार में मासूमियत और सच्चाई दोनों लेकर आती हैं, जिससे बिन्नी का किरदार बेहद रियल लगता है।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट है। Pankaj Kapur और Himani Shivpuri जैसे दिग्गज कलाकार परिवार के बुजुर्ग किरदारों में जान फूंक देते हैं। उनकी परफॉर्मेंस फिल्म को एक अपनापन और भावनात्मक वजन देती है।
अन्य अहम भूमिकाओं में Rajesh Kumar, Charu Shankar, Naman Tripathy सहित कई कलाकार नजर आते हैं, जो फिल्म के फैमिली सेट-अप को और विश्वसनीय बनाते हैं।
फिल्म का निर्देशन Ssanjay Tripathy ने किया है और कहानी उन्होंने Naman Tripathy के साथ मिलकर लिखी है। फिल्म कहीं भी मेलोड्रामा का सहारा नहीं लेती, बल्कि छोटे-छोटे पलों और खामोश बातचीत के जरिए बड़ी बातें कह जाती है।
अगर आपको Yeh Meri Family, Gullak या Panchayat जैसी कहानियां पसंद हैं, तो Binny and Family आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। यह फिल्म याद दिलाती है कि परिवार सिर्फ साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने का नाम है।