WhatsApp यूजर्स के एक्सपीरियंस को बढ़ाने के लिए नए-नए फीचर्स पेश करता रहता है. अब कंपनी ऐसे फीचर पर काम कर रही है जिससे Arattai ऐप को भी फायदा मिलेगा. यूजर्स वॉट्सऐप से ही Arattai यूजर्स को मैसेज सेंड कर पाएंगे. आइए आपको इस नए फीचर के बारे में डिटेल्स से बताते हैं.
भारत में बनी Arattai ऐप को चेन्नई की कंपनी Zoho ने विकसित किया है, अब WhatsApp के सबसे बड़े लोकल ऑप्शन में शामिल हो गई है. हाल ही में ऐप ने रिकॉर्ड डाउनलोड दर्ज किए, जिसके बाद कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) ने कहा था कि “मैसेजिंग ऐप्स को भी UPI या ईमेल की तरह एक-दूसरे से इंटरऑपरेबल होना चाहिए.”
अब ऐसा लगता है कि WhatsApp खुद इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है. WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp इस वक्त एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जो यूजर्स को दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स को डायरेक्ट मैसेज भेजने की सुविधा देगा. इसका मतलब है कि भविष्य में कोई यूजर WhatsApp से ही Arattai यूजर को मैसेज भेज पाएगा. इसके लिए उन्हें Arattai ऐप खोलने की भी जरूरत नहीं है.
फिलहाल यह फीचर यूरोप के बीटा वर्जन में सीमित रूप से उपलब्ध है. रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम इस समय केवल BirdyChat नामक थर्ड-पार्टी ऐप के साथ काम कर रहा है, लेकिन आने वाले महीनों में अन्य ऐप्स भी इससे जुड़ सकते हैं. इसके लिए ऐप डेवलपर्स को WhatsApp के साथ इंटीग्रेशन रिक्वेस्ट भेजनी होगी और एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल्स को पूरा करना होगा.
Meta ने इस फीचर को मुख्य रूप से European Union (EU) के Digital Markets Act (DMA) के अनुपालन के तहत शुरू किया है. इस कानून का उद्देश्य बड़ी टेक कंपनियों के मोनोपॉली व्यवहार को रोकना और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के बीच ओपन कम्युनिकेशन सुनिश्चित करना है.
Zoho के श्रीधर वेम्बू ने इसी इंटरऑपरेबिलिटी की जरूरत को सबसे पहले रेखांकित किया था. उन्होंने X पर लिखा था, “मैसेजिंग सिस्टम्स को भी UPI की तरह एक साझा नेटवर्क की तरह काम करना चाहिए, न कि WhatsApp की तरह बंद इकोसिस्टम की तरह. हम कभी भी मोनोपोली नहीं बनना चाहते हैं.”
हालांकि, WhatsApp ने फिलहाल इस फीचर को केवल यूरोप में टेस्ट करना शुरू किया है, भारत में इसके लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. WhatsApp की प्राथमिकता इस वक्त EU रेग्युलेशन के अनुपालन पर केंद्रित है.
रिपोर्ट यह भी बताती है कि WhatsApp इस फीचर के तहत आने वाले थर्ड-पार्टी ऐप्स से सख्त एन्क्रिप्शन मानकों की मांग करेगा ताकि यूजर डेटा की सुरक्षा बनी रहे. वर्तमान में Arattai ऐप में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पूरी तरह सक्रिय नहीं है, लेकिन कंपनी ने कहा है कि यह फीचर जल्द ही जारी किया जाएगा.
अगर WhatsApp इस फीचर को भारत में भी लाता है, तो यह देश की डिजिटल कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव होगा. इससे यूजर्स को WhatsApp, Arattai, Signal या Telegram जैसे ऐप्स के बीच सीधे चैट करने की स्वतंत्रता मिल सकती है. यह ठीक वैसा ही होगा जैसे आज UPI पर PhonePe, Paytm और Google Pay एक-दूसरे के साथ काम करते हैं. यह कदम WhatsApp के लिए भी रणनीतिक रूप से अहम होगा, क्योंकि भारत उसका सबसे बड़ा बाजार है.
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