WhatsApp भारत में यूजर्स के लिए अनिवार्य SIM वेरिफिकेशन फीचर पर काम कर रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार यह कदम भारत के संचार मंत्रालय के अंतर्गत दूरसंचार विभाग द्वारा जारी नए नियमों के अनुरूप उठाया जा रहा है. नए नियमों के तहत सभी मैसेजिंग सेवाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि यूजर का अकाउंट एक सक्रिय SIM कार्ड से जुड़ा रहे.
रिपोर्ट में कहा गया है कि Meta के स्वामित्व वाला यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भारत में इन नियमों के पालन के लिए तकनीकी बदलाव करेगा और भविष्य के अपडेट में इसे जारी करेगा. यह फीचर Android के लिए WhatsApp 2.26.8.6 बीटा अपडेट में Google Play Store पर देखा गया है. फिलहाल यह डेवलपमेंट स्टेज में है. नए नियम के अनुसार, 28 फरवरी आखिरी तारीख है तो कंपनी को हर हाल में 1 मार्च से यह नियम जारी करना होगा.
WABetaInfo के मुताबिक, फिलहाल भारत में यूजर्स बिना किसी रेगुलर कंफर्मेशन के अपने WhatsApp अकाउंट का उपयोग कर सकते हैं. वे केवल 6 अंकों के कोड के जरिए लॉग इन कर लेते हैं. दूरसंचार विभाग का कहना है कि यह सिस्टम शुरुआती लॉग इन के बाद यह जांच नहीं करता कि संबंधित SIM कार्ड अब भी एक्टिव है या नहीं. इससे साइबर अपराधियों को उन फोन नंबरों का दुरुपयोग करने का मौका मिल सकता है जो बंद हो चुके हैं या दोबारा किसी और को जारी कर दिए गए हैं.
इसी समस्या को दूर करने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जिनके तहत मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को समय-समय पर SIM आधारित वेरिफिकेशन करना होगा ताकि डिजिटल सुरक्षा मजबूत हो सके. रिपोर्ट में कहा गया है कि हर 6 घंटे में कंपनी को चेक करना होगा और लॉग करना होगा. अगर मोबाइल में सिम नहीं है तो अकाउंट हमेशा के लिए लॉगआउट हो जाएगा.
रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp बैकग्राउंड में वेरिफिकेशन प्रक्रिया चलाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रजिस्टर्ड SIM कार्ड उसी डिवाइस में मौजूद और सक्रिय है. यह बदलाव उन यूजर्स को प्रभावित कर सकता है जो Bluestacks जैसे एमुलेटर का उपयोग करके WhatsApp चलाते हैं. ऐसे मामलों में अकाउंट पर पाबंदी या पूरी तरह ब्लॉक होने की संभावना हो सकती है.
जब यह फीचर लागू होगा, तब यूजर्स को दोबारा 6 अंकों का नया कोड दर्ज करना पड़ सकता है, जिससे पुष्टि होगी कि संबंधित SIM अभी भी डिवाइस में लगी है. इसका मतलब यह भी है कि WhatsApp का पास-की सिस्टम, जिसमें बिना 6 अंकों के कोड के लॉग इन किया जा सकता है, नए SIM आधारित नियमों को पूरा नहीं करेगा. यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका फोन नंबर सक्रिय रहे और सही SIM कार्ड से जुड़ा हो, वरना अकाउंट एक्सेस में रुकावट आ सकती है.
रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव केवल उन अकाउंट्स पर लागू होगा जो भारत के +91 इंटरनेशनल डायलिंग कोड से रजिस्टर्ड हैं. भारत के बाहर के यूजर्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और वे बिना अतिरिक्त वेरिफिकेशन के WhatsApp का उपयोग कर सकेंगे. रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा टू-स्टेप वेरिफिकशन सिस्टम पहले की तरह काम करता रहेगा और उसमें कोई बदलाव नहीं होगा.
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