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क्या आपने कभी गौर किया है कि हर आईफोन (iPhone), आईपैड (iPad) या मैकबुक (MacBook) के विज्ञापन में घड़ी हमेशा 9:41 AM का समय ही क्यों दिखाती है? यह कोई संयोग नहीं है और न ही किसी ग्राफिक डिजाइनर की गलती. इसके पीछे Apple के संस्थापक स्टीव जॉब्स और उस एक ‘मैजिक मिनट’ की कहानी छिपी है जिसने पूरी दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया. आखिर 9:41 ही क्यों? 9:40 या 9:42 क्यों नहीं? चलिए, इस दिलचस्प राज से पर्दा उठाते हैं.
जब भी Apple कोई नया iPhone, iPad, या MacBook लॉन्च करता है, तो पैनी नज़र रखने वाले प्रशंसक हर विज्ञापन और प्रोडक्ट की तस्वीर में कुछ असामान्य देखते हैं, घड़ी हमेशा 9:41 AM पर सेट होती है. स्टैंडर्ड घड़ी या फोन विज्ञापनों के विपरीत, जो रैंडम समय का उपयोग कर सकते हैं, Apple का टाइमस्टैम्प कभी नहीं बदलता है.
इस जिज्ञासु परंपरा ने तकनीकी उत्साही लोगों और नियमित यूजर्स के बीच समान रूप से सवाल खड़े कर दिए हैं कि 9:41 ही क्यों, और कोई अन्य समय क्यों नहीं? जैसा कि यह पता चला है, यह छोटा सा विवरण Apple के सबसे महत्वपूर्ण क्षण में निहित है, जो MacWorld 2007 में संस्थापक स्टीव जॉब्स की लीडेंजरी प्रजेंटेशन से जुड़ा है.
इस महत्व की शुरुआत तब हुई जब स्टीव जॉब्स ने MacWorld Expo 2007 में पहला iPhone दुनिया के सामने पेश किया. उन्होंने अपने डेमोनेस्ट्रेशन को 9:41 AM के साथ टालमेल बैठाने के लिए समयबद्ध किया, ताकि जब दर्शकों ने डिवाइस को स्क्रीन पर देखा, तो वह उनके वास्तविक समय से मेल खाए.
Apple के पूर्व कार्यकारी स्कॉट फॉरस्टॉल के अनुसार, कंपनी अपनी कीनोट्स को इस तरह डिजाइन करती है कि सबसे नाटकीय खुलासा कार्यक्रम के लगभग 40 मिनट बाद हो. लक्ष्य यह होता है कि डिवाइस और दर्शकों की घड़ियों, दोनों पर समय सटीक हो.
आज, दुनिया भर में iPhones, iPads, MacBooks और अन्य Apple उपकरणों के विज्ञापनों में लगातार यह विशिष्ट 9:41 टाइमस्टैम्प दिखाई देता है. यह विकल्प Apple को उन अन्य कंपनियों से अलग करता है जो आमतौर पर रैंडम समय या पारंपरिक घड़ी विज्ञापन समय, जैसे 10:09, का उपयोग करती हैं.
भले ही यह एक मामूली विवरण लग सकता है, लेकिन यह टाइमस्टैम्प प्रौद्योगिकी के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक को श्रद्धांजलि (Tribute) के रूप में कार्य करता है. Apple के लिए, 9:41 सिर्फ एक समय से कहीं अधिक है; यह उस दिन का प्रतीक है जिसने स्मार्टफोन उद्योग को हमेशा के लिए बदल दिया.
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