क्या आपके फोन पर भी अचानक ‘बिजली कटने’, ‘KYC अपडेट’ या ‘रिवॉर्ड पॉइंट्स एक्सपायर’ होने के धड़ाधड़ मैसेज आ रहे हैं? सावधान हो जाइए! यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि आपके पास मौजूद किसी साइबर ठग की करतूत हो सकती है. आजकल जालसाज ‘SMS Blaster’ नाम का एक डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो आपके फोन को हाईजैक कर नकली मैसेज भेजता है. यह इतना खतरनाक है कि असली बैंक और नकली मैसेज में फर्क करना मुश्किल हो जाता है.
यदि आपका फोन अचानक जरूरी मैसेज से भर जाता है, तो यह संयोग नहीं हो सकता है. साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह SMS Blaster या IMSI Catcher नाम के डिवाइस का काम हो सकता है. एसएमएस ब्लास्टर एक नकली मोबाइल टावर की तरह काम करता है. सामान्य रूप से, मोबाइल फोन नेटवर्क एक्सेस के लिए निकटतम वैलिड टावर से जुड़ते हैं. साइबर अपराधी इन पोर्टेबल उपकरणों का उपयोग करके असली सिग्नल को अस्थायी रूप से बाधित करते हैं और लगभग 500 मीटर के दायरे में मौजूद फोनों को अपने नेटवर्क से कनेक्ट करने के लिए मजबूर करते हैं.
यह डिवाइस फोन को सुरक्षित 4G या 5G नेटवर्क से पुराने 2G नेटवर्क पर स्विच करने के लिए मजबूर करता है. 2G पर सुरक्षा बहुत कमजोर होती है, जिससे हमलावरों के लिए सेंडर की जानकारी (Sender ID) में हेरफेर करना आसान हो जाता है. जिससे फोन नंबर दिखने के बजाय, मैसेज “HDFC-BANK”, “SBI-SEC” या “INCOME-TAX” जैसे नामों से आते हैं, जिससे वे वैध लगते हैं और लोग उन पर भरोसा कर लेते हैं.
हाल के महीनों की जांच बताती है कि ऐसे स्कैम तेजी से फैल रहे हैं. सीबीआई ने दिल्ली, नोएडा और चंडीगढ़ में छापे मारकर एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो रोजाना लाखों लोगों को फर्जी संदेश भेज रहा था. सैकड़ों USB हब, सर्वर और हजारों फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए. हैदराबाद में पुलिस ने एक विदेशी-लिंक्ड गिरोह का भंडाफोड़ किया और 25 लोगों को गिरफ्तार किया. आरोपी भीड़भाड़ वाली जगहों पर एसएमएस ब्लास्टर ले जाते थे. इनका कनेक्शन कंबोडिया और चीन जैसे देशों से था.
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि 2024 और 2025 के बीच टेलीकॉम फ्रॉड के मामलों में लगभग 300% की वृद्धि हुई है.I4C के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में नागरिकों को 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ और 40 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं. अधिकारियों का अनुमान है कि वर्तमान में खोए हुए पैसे का केवल 10-12% ही वापस मिल पाता है.
Disable 2G: अपने फोन की सेटिंग्स (SIM या नेटवर्क विकल्प) में जाकर 2G कनेक्टिविटी को डिसेबल (बंद) कर दें, क्योंकि स्कैमर्स अक्सर एक्सेस पाने के लिए 2G का फायदा उठाते हैं.
लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी लिंक वाले मैसेज को संदेह की दृष्टि से देखें, भले ही वह बैंक के नाम से आया हो. हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का उपयोग करें.
सिग्नल चेक करें: अगर आपके फोन से अचानक 4G या 5G सिग्नल गायब हो जाए और केवल 2G दिखाई दे, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है.
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