RBI के नए Proposal से देश में मचा हाहाकार! देखें क्या है 10000 रुपये देर से मिलने वाला माजरा

HIGHLIGHTS

UPI यूजर्स के लिए एक नया अलर्ट सामने आया है।

RBI की ओर से एक नए प्रोपॉजल को रखा गया है।

RBI का ये प्रोपॉजल क्या है, इससे किसे समस्या होने वाली है और किसे मदद मिलने वाली है।

RBI ने डिजिटल पेमेंट फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए एक नई तरह का प्रपोज़ल दिया है। आरबीआई की ओर से यह कहा गया है कि किसी का भी पैसा UPI के माध्यम से तुरंत ही शेयर नहीं होने वाला है। इसमें 1 घंटे का डिले होना चाहिए। अब इस खबर को सुनते ही एक ओर देश में हाहाकार की स्थिति बन चुकी है दूसरी ओर इस पहल को एक जरूरत कहा जा रहा है। आइए पूरा माजरा समझते हैं, इसके अलावा आपके मन में उफान मार रहे कुछ सवालों के जवाब भी तलाशने की कोशिश करते हैं।

बढ़ते डिजिटल पेमेंट फ्रॉड को रोकने का अहम प्रयास

असल में, Reserve Bank of India यानि RBI की ओर से यह देखा गया है कि पिछले कुछ समय से डिजिटल पेमेंट फ्रॉड बड़े पैमाने पर बढ़ते जा रहे हैं। इसी कारण आरबीआई की ओर से एक डिस्कशन पेपर के माध्यम से एक नया प्रोपॉजल दिया गया है, जो कहता है कि UPI के माध्यम से होने वाली पेमेंट अब कुछ देरी से होने वाली है। इस बात को सुनते ही लोगों के मन में एक संशय पैदा हो गया है कि इसका क्या मतलब है। इतना ही नहीं, अनेकों अनेक सवाल भी लोगों के मन में उफान मरने लगे हैं। हालांकि, यह समझना बेहद ही ज्यादा जरूरी है कि आखिर ऐसा प्रोपॉजल दिया क्यों जा रहा है। इससे क्या नुकसान होने वाला है या इसके केवल फायदे ही फायदे हैं। मुझे जो समझ में आ रहा है, वह यही है कि डिजिटल पेमेंट फ्रॉड को रोकने के लिए इस तरह की बात को सामने लाया जा रहा है। असल में, आँकड़े भी इसी ओर इशारा कर रहे है कि ऐसा करना जरूरी है। आइए UPI के माध्यम से हुए कुछ फ्रॉड के आंकड़ों पर नजर डालते हैं।

NCRP के आँकड़े क्या कहते हैं?

अगर नैशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल यानि NCRP के आँकड़े इसी ओर इशारा करते हैं कि RBI की ओर से दिया जा रहा यह प्रोपॉजल यूजर्स के हित में होने वाला है। असल में 2021 में जहां लगभग लगभग 2.6 लाख मामले पोर्टल पर दर्ज हुए थे, 2025 में यह आँकड़े बढ़कर 28 लाख के आसपास पहुँच चुके हैं। इसके अलावा अगर इन फ्रॉड में पैसों की बात करें तो 551 करोड़ रुपये से 22,931 करोड़ का नुकसान ग्राहकों को हुआ है। अब इस आँकड़े को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि RBI सही कदम उठाने जा रहा है। अभी के लिए यह प्रोपॉजल मात्र है लेकिन मुझे आशा है कि जल्द ही इस पहल को एक मूर्त रूप भी दिया जाना चाहिए।

RBI के अनुसार कैसे पैसे उड़ाते हैं स्कैमर

RBI ने यह भी कहा है कि फ्रॉड करने वाले बोगस कॉल सेंटर, डीपफेक का इस्तेमाल करके और म्यूल अकाउंट नेटवर्क के जरिए इस तरह के फ्रॉड आदि को अंजाम दे रहे हैं। इसके अलावा RBI ने यह भी कहा है कि Authority Push Payment (APP) में फ्रॉड आदि होने के बाद किसी भी तरह से रिकवरी का कोई ऑप्शन नहीं होता है। इस पेपर को सभी के लिए डाल दिया गया है और 8 May तक सभी को इस प्रोपॉजल पर अपनी राय देने को कहा गया है।

अब आप जान चुके हैं कि आखिर इस प्रोपॉजल में क्या क्या दिया गया है। आइए अब जानते है कि अगर वाकई पेमेंट को डिले कर दिया जाता है तो यह कैसे काम करने वाला है। यह क्या आपके लिए फायदेमंद हो सकता है या नुकसानदायक, यहाँ हम इसपर भी चर्चा करने वाले हैं।

आरबीआई का यह डिले कैसे काम करेगा?

RBI की योजना कुछ ऐसी है, वह इंसटेंट पेमेंट पर फिर से विचार करना चाहता है, इसी कारण RBI ने ऐसा कहा भी है कि इसपर फिर से सोचा जाए। 10,000 रुपये से ज्यादा अकाउंट टू अकाउंट ट्रांसफर के लिए, जो UPI के माध्यम से की जा रही हैं, वह सेंट्रल बैंक के अकाउंट धारकों को 1 घंटे देरी से मिलने वाली हैं। इस सुझाव को RBI की ओर से दिया गया है। इस टाइम के दौरान पेमेंट अस्थायी रूप से भेजने वाले के खाते से डेबिट हो जाएगी, लेकिन तुरंत ट्रांसफर नहीं होगी। इसका मरलब है कि प्रोसेस में रहने वाली है, हो सकता है कि आपको मैसेज भी मिल जाए लेकिन पैसा 1 घंटे के बाद ही आपको मिलने वाला है। इसके बाद बैंक इसे चेक करेंगे, और अगर कुछ गड़बड़ मिलती है तो लेनदेन को रद्द भी किया जा सकता है। डिले के इस समय को बैंक रियल-टाइम टेस्टिंग के लिए करने वाले हैं। हालांकि, अगर सब सही रहता है तो पेमेंट हो जाने वाली है।

बुजुर्ग और कमज़ोर वर्ग के लिए अतिरिक्त सुरक्षा का हो सकता है प्रावधान

RBI ने 70 साल और उससे ज्यादा की उम्र वाले लोगों के लिए इसके अलावा दिव्यांग उपयोगकर्ताओं के लिए 50,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए एक विश्वसनीय व्यक्ति के माध्यम से प्रमाणीकरण भी देना पड़ सकता है, इसे लेकर भी एक प्रस्ताव रखा गया है। ग्राहकों के पास इस सुरक्षा से बाहर निकलने का ऑप्शन भी रहने वाला है।

यूजर्स को ज्यादा कंट्रोल मिलने वाला है?

RBI के इस पेपर में एक एकीकृत ‘किल स्विच’ का भी प्रस्ताव है जिससे यूजर्स धोखाधड़ी की आशंका होने पर सभी डिजिटल पेमेंट आदि को उसी समय ब्लॉक भी कर सकते हैं। हालांकि, सेवाएं अगर फिर से शुरू करनी हैं तो आपको उसके लिए कड़ी जांच से भी गुजरना होगा।

संदिग्ध अकाउंट पर रहेगी कड़ी निगरानी

RBI ने असामान्य रूप से बड़े क्रेडिट प्राप्त करने वाले खातों विशेषकर म्यूल अकाउंट आदि पर बारीकी से निगरानी रखने की भी सलाह या प्रस्ताव दिया है। ऐसे अकाउंट्स पर सालाना लेनदेन की सीमा भी लगाई जा सकती है। इसके अलावा वेरीफिकेशन के लिए पेमेंट को भी रोका जा सकता है।

रोज़मर्रा के लेनदेन में छूट मिलेगी

व्यापारी भुगतान, सब्सक्रिप्शन, EMI और चेक-आधारित ट्रांसफर इस प्रस्तावित देरी से मुक्त रहने वाले हैं, इसका मतलब है कि यूजर्स के जीवन पर इसका असर तो होने वाला है लेकिन बड़े पैमाने पर नहीं।

आइए अब कुछ सवाल और उनके जवाब भी जान लेते हैं जो आपको इस समय RBI के इस प्रस्ताव के बाद मन में आ सकते हैं।

  • प्रश्न 1: क्या अगर मुझे 500 रुपये का पेमेंट करना होगा, तो किराये लेने वाले को क्या 1 घंटे का इंतज़ार करना होगा?

नहीं ऐसा नहीं होने वाला है। Merchant Payments यानी दुकानदार को पेमेंट, EMI और subscription आदि के लिए किसी भी तरह का कोई डिल नहीं होने वाला है। Delay केवल 10,000 रुपये से ऊपर के अकाउंट टू अकाउंट ट्रांसफर पर लग सकता है।

  • प्रश्न 2: अगर मेरे अकाउंट में 1 घंटे तक पेमेंट नहीं आता तो इसका क्या होने वाला है, या यह कहाँ रहने वाली है?

आप यहाँ गलत सोच रहे हैं। पैसे आपके अकाउंट में आएंगे लेकिन वह Provisionally डेबिट होने वाले हैं, इसका मतलब है कि पैसे का मैसेज आपको मिलेगा लेकिन यह कुछ समय के लिए होल्ड पर रहने वाले हैं। इसका मतलब है कि यह तो तो आपको मिलने वाले हैं और न ही सामने वाले के पास ही रहेंगे। यह बैंक के पास होंगे और अगर बैंक को कुछ गड़बड़ लगती है तो भेजने वाले को पैसे वापिस मिल जाने वाले हैं।

  • प्रश्न 3: अगर मुझे अर्जेंट किसी को पैसे भेजने हैं, कोई मेडिकल आपातकाल है तो क्या होगा?

अभी के लिए इस सवाल का जवाब आया नहीं है, क्योंकि अभी के लिए यह मात्र एक प्रस्ताव है लेकिन RBI को इसका स्पष्ट जवाब देना होगा। ऐसा हो सकता है कि आने वाले समय में इस सवाल को देखते हुए emergency exemption का option आ सकता है। फिलहाल आपका सवाल वैलिड है लेकिन इसका जवाब आना बाकी है।

  • प्रश्न 4: मेरी दादी 72 साल की हैं, क्या वह अकेले 50,000 रुपये मुझे नहीं भेज पाएंगी?

RBI का प्रस्ताव है कि 70+ उम्र के लोगों को 50,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांसफर के लिए एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत होने वाली है जो उनके लिए विश्वासयोग्य है। हालांकि, इस ऑप्शन को आप नहीं भी ले सकते हैं, यह पूरी तरह से आपपस निर्भर होने वाला है।

  • प्रश्न 5: RBI के प्रस्ताव में Kill Switch का जिक्र किया गया है? यह क्या है और कैसे काम करने वाला है?

मान लीजिए कभी आपको लगता है कि आपका अकाउंट हैक हो गया है , या आपके अकाउंट के साथ कोई फ्रॉड हो रहा है ऐसे में आप इस कील स्विच को इस्तेमाल में ले सकते हैं। इसे शुरू करते ही आपके सारे डिजिटल पेमेंट बंद हो जाने वाले हैं। हालांकि, यह फीचर काफी काम का हो सकता है लेकिन इसे फिर से शुरू करने के लिए स्ट्रिक्ट वेरीफिकेशन जरूर होगा।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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