पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के तनावों के बीच दुनिया भर के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर आपूर्ति की चिंता सबसे बड़े मुद्दों में से एक बनती जा रही है. अमेरिका, इज़राइल और ईरान के टकरावों के बाद से दुनिया भर के ऊर्जा बाज़ारों में अनिश्चितता फैल गई है. भारत भी इस वैश्विक संकट से बचा नहीं है, यहां भी इस स्थिति ने एलपीजी सिलेंडर सप्लाई में संभावित देरी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. बढ़ती मांग के साथ कई उपभोक्ता अपने पास एडवांस में एलपीजी सिलेंडर रखने की कोशिश कर रहे हैं. इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि इस स्थिति ने साइबर अपराधियों और काला बाज़ारों को एलपीजी ग्राहकों को निशाना बनाते हुए नए घोटाले करने का मौका दे दिया है.
अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच हालिया टकराव ने भारत को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है. प्राधिकारी घोटालेबाज़ों से बचकर रहने की चितावनियां दे रहे हैं क्योंकि वे उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो एलपीजी सिलेंडर रीफिल की तलाश में हैं. उपभोक्ता इन दिनों तेज़ डिलीवरी की तरफ भाग रहे हैं क्योंकि सिलेंडरों की कमी और अनिश्चितता की ख़बरें सामने आ रही हैं. स्कैमर्स न सिर्फ इस अर्जेंसी का फायदा उठा रहे हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को भी निशाना बना रहे हैं.
साइबर अपराधी अक्सर पॉपुलर ऑनलाइन सर्च और सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाएं ट्रैक करते रहते हैं, जहां फिलहाल उपभोक्ता एक विशेष प्रोडक्ट की तलाश में लगे हुए हैं. जैसे ही उन्होंने ने नोटिस किया की एलपीजी बुकिंग्स से जुड़े सर्च बढ़ रहे हैं, वे ऐसे घोटाले और दांव-पेच लेकर आ गए हैं जो शुरुआत में मदद जैसे लगते हैं, लेकिन असल में बेहद खतरनाक हैं और यूज़र्स का पैसा चोरी करने के लिए बनाए गए हैं.
कथित तौर पर, हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स पर कुछ नकली एडवर्टाइज़मेंट देखे गए हैं, जो इस संकट के दौरान एलपीजी गैस सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी का दावा करते हैं. अगर आपको कहीं भी ‘Immediate Gas Cylinder Delivery’ या ‘Emergency Gas Supply’ जैसे वाक्य दिखें तो समझ जाइए कि वह एक स्कैम है. इस तरह के शब्द घबराहट पैदा करते हैं और यूज़र्स को तुरंत एक्शन लेने पर मजबूर करते हैं. एक और ध्यान देने वाली बात यह है कि इस तरह के मैसेजेस अक्सर WhatsApp, SMS और ऑनलाइन पोस्ट के जरिए फैलाए जाते हैं, जिससे वे भरोसेमंद लगते हैं.
स्कैमर्स यूज़र्स को नकली लिंक भेजकर एडवांस पेमेंट करने को कह रहे हैं, जो नकली वेबसाइट्स पर खुलते हैं. इन साइट्स को कुछ इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये आधिकारिक एलपीजी बुकिंग पोर्टल जैसी दिखती हैं. जैसे ही यूज़र्स इन वेबसाइट्स पर पहुंचते हैं, तेज़ डिलीवरी के लिए उनसे एडवांस पेमेंट मांगा जाता है. घोटालेबाज़ यूज़र्स के अंदर डर और अर्जेंसी पैदा करते हैं और यहीं लोग गलती कर देते हैं, वेबसाइट असली है या नहीं यह जाने बिना ही पेमेंट कर देते हैं. पैसे ऐंठने के बाद स्कैमर्स गायब हो जाते हैं और पीड़ितों को अपने पैसे गंवाने के बाद कोई सिलेंडर डिलीवरी नहीं मिलती।
प्राधिकारी लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहने और ध्यान रखने की चेतावनी दे रहे हैं जहां उनसे आपातकालीन स्थितियों में एलपीजी डिलीवर करने के वादे किए जा रहे हैं. एक्सपर्ट्स ने यह स्पष्ट कर दिया है कि असली और आधिकारिक एजेंसियां अनजान लिंक्स के जरिए कभी भी एडवांस पेमेंट नहीं मांगती हैं. लोगों को व्हाट्सएप मैसेज और सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लीक न करने की सलाह दी जा रही है.
यूज़र्स को केवल आधिकारिक एलपीजी सिलेंडर बुकिंग वेबसाइट्स से ही सिलेंडर बुक करने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा आप यह काम आधिकारिक मोबाइल ऐप्स या अधिकृत एलपीजी कंपनियों की रजिस्टर्ड गैस एजेंसियों से भी कर सकते हैं. ध्यान रखें कि कोई भी संवेदनशील वित्तीय जानकारी ऑनलाइन साझा न करें, जैसे की UPI का OTP, बैंक अकाउंट का PIN क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स।
अगर किसी भी तरह आप इस घोटाले के शिकार बन जाते हैं, तो आपको तुरंत एक्शन लेने की सलाह दी जाती है. तुरंत शिकायत करने से कभी-कभार वित्तीय नुक्सान में कमी की जा सकती है और समय से इन्वेस्टिगेशन में मदद मिल सकती है. इसके लिए आप 1930 पर कॉल करके नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं या फिर आप नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
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