LPG Crisis में Induction हुए स्टॉक आउट? खरीद लें Infrared चूल्हा, देखें इंडक्शन से कैसे है बेहतर

मध्य पूर्व में चल रहे तनावों के नतीजे भारत को भी झेलने पड़ रहे हैं, देश में LPG की किल्लत से हर घर परेशान है. ऐसे में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें लगा रहे हैं. इसी बीच कई लोग ऐसे भी हैं जो इंडक्शन चूल्हों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन इस हड़बड़ी में इंडक्शन भी लगातार स्टॉक आउट होते जा रहे हैं. यहां तक कि कंपनियों ने इनकी कीमतें भी बढ़ा दी हैं लेकिन फिर भी ऑर्डर्स रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ऐसे में अगर आपको कहीं पर भी इंडक्शन नहीं मिल रहा है तो हम आपके लिए इसका एक ऑल्टरनेटिव लेकर आए हैं जो कुछ मामलों में इससे बेहतर भी है.

यहां हम बात कर रह हैं इंफ्रारेड चूल्हे की, जो इंडक्शन की ही तरह बिजली से चलता है और खाना पकाता है. अगर आप इंडक्शन और इंफ्रारेड चूल्हे में कन्फ्यूज़ हैं, तो बता दें कि इंडक्शन सीधे बर्तन को गर्म करता है, वहीं इंफ्रारेड चूल्हा इंफ्रारेड लाइट के माध्यम से गर्मी पैदा करके बर्तन तक पहुंचाता है. आइये इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

इंफ्रारेड चूल्हा क्या है?

इंफ्रारेड चूल्हा इंडक्शन की तरह बिजली के कनेक्शन से चलता है, लेकिन अपनी इंफ्रारेड लाइट या रेडिएशन के जरिए गर्मी पैदा करके बर्तन की सतह को गर्म करता है. यह पुरे बर्तन को गर्म करके खाने को अच्छी तरह गर्म करता है. इसकी एक खासियत यह है कि यह कम तेल में भी खाना बना सकता है. अगर आप इसे खरीदना चाहें तो यह आपको किसी भी प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक ब्रांड के पास मिल जाएगा।

किसमें जल्दी पकता है खाना?

इन्‍फ्रारेड कुकटॉप में खाना पकने में इंडक्शन के मुकाबले थोड़ी देर लग सकती है। दोनों बिजली से चलते हैं लेकिन इंफ्रारेड की कांच की सतह गर्म होने में थोड़ा समय लेती है। हालांकि, इसमें एक अच्‍छी बात है कि यह पूरे बर्तन को गर्म करता है, जिससे खाना एक बराबर पकता है। इंफ्रारेड चूल्हा इंडक्शन जितना तेज़ नहीं है लेकिन इसे टक्कर ज़रूर देता है.

हर बर्तन के साथ काम करता है इन्‍फ्रारेड

इंडक्शन लेने वालों की एक टेंशन यह रहती है कि अब उन्हें इंडक्शन वाले ही बर्तन लेने होंगे। ऐसे में इंफ्रारेड चूल्हा बहुत काम का है, क्योंकि इस पर आप हर उस बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं जो साधारण गैस पर करते हैं. चाहे एल्युमिनियम हो, कॉपर, स्टील या फिर लोहा, हर तरह का बर्तन इस पर गर्म हो जाता है, इसके लिए आपको दूसरे बर्तन नहीं खरीदने होंगे।

इंफ्रारेड की बिजली खपत कैसी है

इंफ्रारेड की एक खामी यह है कि यह इंडक्शन के मुकाबले थोड़ी ज्यादा बिजली लेता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह रेडिएंट हीट का इस्तेमाल करता है, जिस कारण वह गर्म और ठंडा दोनों ही देर में होता है. लेकिन वहीं एक खूबी यह है कि इंफ्रारेड चूल्हे के शुरुआती मॉडल आपको इंडक्शन से सस्ते मिल जाएंगे।

इंफ्रारेड चूल्हा लेना चाहिए या नहीं

हमारी राय में प्राथमिकता इंडक्शन चूल्हा होना चाहिए क्योंकि इसका इस्तेमाल आसान और तेज़ है. हर कोई इसका इस्तेमाल कर सकता है कर सकता है और यह बिजली भी कम खाता है. हालांकि, इंफ्रारेड चूल्हा दूसरे कुछ मामलों में इस पर बढ़त लेता है, जैसे इसके लिए आपको अलग से बर्तन नहीं खरीदने होंगे और कुछ खर्चा वहां बच जाएगा।

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Faiza Parveen

फाईज़ा परवीन डिजिट हिंदी में एक कॉपी एडिटर हैं। वह 2023 से डिजिट में काम कर रही हैं और इससे पहले वह 6 महीने डिजिट में फ्रीलांसर जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, और उनके पसंदीदा तकनीकी विषयों में स्मार्टफोन, टेलिकॉम और ओटीटी शामिल हैं। उन्हें हमारे हिंदी पाठकों को वेब पर किसी डिवाइस या सेवा का उपयोग करने का तरीका सीखने में मदद करने के लिए लेख लिखने में आनंद आता है। सोशल मीडिया की दीवानी फाईज़ा को अक्सर अपने छोटे वीडियो की लत के कारण स्क्रॉलिंग करते हुए देखा जाता है। वह थ्रिलर फ्लिक्स देखना भी काफी पसंद करती हैं।

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