हमारे देश में गर्मी का मौसम अपने आप में एक चुनौती है! हवा में मॉइस्चर और गर्मी का मिश्रण होने के कारण माहौल चिपचिपा और असहज महसूस होने लगता है। ऐसे में ह्यूमिडिफायर (humidifier) और डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) के बीच चयन करना किसी भूलभुलैया में भटकने जैसा लग सकता है। आइए, जानते हैं कि इनमें से कौन सा डिवाइस गर्मी और मॉइस्चर के महीनों में आपके लिए एक बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।
आजकल सभी के मन में एक सवाल चल रहा है कि क्या हमें हवा में मॉइस्चर को बढ़ा देना चाहिए, या इसे कम करना चाहिए? ज्यादा मॉइस्चर पसीने को वाष्पीकृत होने से रोकती है, जिससे हमें सुस्ती, थकान, और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। साथ ही, यह मोल्ड, फंगस, और एलर्जी पैदा करने वाले करने के लिए भी बेस्ट हो सकता है। दूसरी ओर, बहुत शुष्क हवा स्किन और गले को रूखा और असहज कर सकती है। यही कारण है कि हवा में मॉइस्चर का सही लेवल बनाए रखना बेहद ही जरूरी हो जाता है। इसके थोड़े बढ़ने से क्या हो सकता है और कम होने से क्या हो सकता है। आप दोनों ही बातों को जान चुके हैं।
डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) अतिरिक्त मॉइस्चर को हटाकर हवा को हल्का और आरामदायक बनाता है।
ह्यूमिडिफायर (humidifier) हवा में मॉइस्चर जोड़कर स्किन और सांस लेने की प्रक्रिया को सुकून देता है।
हाई मॉइस्चर एयर कंडीशनर (AC) और फ्रिज को ज्यादा मेहनत करने पर मजबूर करती है। ये डिवाइस हवा को ठंडा करने और मॉइस्चर को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बिजली खर्च करते हैं, जिससे उनकी इफिशन्सी कम हो सकती है और बिजली का बिल बढ़ सकता है।
यह हवा से अतिरिक्त मॉइस्चर को हटाता है, जिससे AC और फ्रिज पर दबाव कम होता है। इसका मतलब है कि इस डिवाइस के माध्यम से प्रभावी ढंग से कूलिंग मिलती है और यह बिजली की खपत को भी कम कर देता है।
गर्मी का मौसम हर जगह एक जैसा नहीं होता है। समुद्र के आसपास के इलाकों (जैसे मुंबई, चेन्नई) में हवा गर्म और चिपचिपी होती है, जबकि लगातार AC के इस्तेमाल वाले घरों (जैसे दिल्ली के ऑफिस या मॉल) में हवा शुष्क हो सकती है।
डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier): नम इलाकों में हवा को हल्का करता है, मोल्ड और एलर्जी से बचाता है।
ह्यूमिडिफायर (humidifier): शुष्क इनडोर माहौल में मॉइस्चर जोड़कर स्किन, गले, और सांस लेने की प्रक्रिया को आराम देता है।
अब ऐसे में आपको अपने क्षेत्र के अनुसार एक डिवाइस को खरीदना चाहिए। एक ऐसा डिवाइस जिसे आप इन दोनों ही बातों को ध्यान में रखकर खरीदने वाले हैं। इन बातों को ध्यान में रखकर ही आपको यह डिवाइस खरीदना चाहिए।
डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier): टंकी को नियमित रूप से खाली और साफ करें ताकि बैक्टीरिया या फंगस न पनपे।
ह्यूमिडिफायर (humidifier): साफ पानी (अधिमानतः RO) का इस्तेमाल करें और हर 2-3 दिन में टंकी साफ करें।
ज्यादा इस्तेमाल से बचें: बहुत ज्यादा नमी से मोल्ड और बहुत कम नमी से रूखापन हो सकता है।
AC के साथ तालमेल: डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) AC के साथ मिलकर बिजली बचाता है, लेकिन ह्यूमिडिफायर (humidifier) का इस्तेमाल AC वाले कमरे में सावधानी से करें।