PAN कार्ड भारत में टैक्स भरने और वित्तीय लेन-देन के लिए एक जरूरी दस्तावेज है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह कन्फ्यूजन रहती है कि यह कार्ड 10 साल बाद एक्सपायर हो जाता है। आइए इस कन्फ्यूजन को दूर करते हैं और PAN कार्ड से जुड़ी सारी कानूनी डिटेल्स जानते हैं।
PAN कार्ड जिंदगी भर के लिए कानूनी तौर पर मान्य होता है। इसमें दिए गए 10 अंकों के अल्फानयूमेरिक PAN नंबर को कभी बदला नहीं जाता और यह व्यक्ति के जीवन भर एक जैसा रहता है। हालांकि, आप अपने PAN कार्ड में नाम, पता या अन्य व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करा सकते हैं, लेकिन PAN नंबर नहीं बदलता।
किसी भी व्यक्ति के पास एक से ज्यादा PAN कार्ड रखना कानूनी तौर पर गलत है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 139A के अनुसार, एक से अधिक PAN कार्ड रखना कानून का उल्लंघन है। यदि किसी के पास एक से अधिक PAN कार्ड पाए जाते हैं, तो उस पर 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
PAN कार्ड कैसे बनवाएं?
ऑनलाइन प्रक्रिया:
इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट या NSDL/UTIITSL पोर्टल पर जाएं।
भारतीय नागरिकों के लिए फॉर्म 49A और विदेशी नागरिकों के लिए फॉर्म 49AA भरें।
जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करें।
ऑफलाइन प्रक्रिया:
फॉर्म 49A/49AA डाउनलोड करें या नजदीकी केंद्र से प्राप्त करें।
पहचान पत्र, पते का प्रमाण और जन्मतिथि जैसे जरूरी दस्तावेज Attach करें।
भरे हुए फॉर्म को अधिकृत PAN सेवा केंद्र में जमा करें।
e-PAN विकल्प
यदि आप तेज और पेपरलेस प्रक्रिया चाहते हैं, तो NSDL पोर्टल के माध्यम से ई-PAN कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह डिजिटल कार्ड कुछ ही समय में मिल जाता है।
PAN कार्ड एक जीवनभर के लिए लीगली मान्य दस्तावेज है जो भारत में वित्तीय गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कभी एक्सपायर नहीं होता, लेकिन जरूरी है कि इसमें दी गई जानकारी हमेशा अपडेट और सही बनी रहे। साथ ही, ध्यान रखें कि आपके पास केवल एक ही PAN कार्ड होना चाहिए, वरना आपको लीगल पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है।