गाजियाबाद में एक-एक करके तीन बच्चियों ने अपनी जान ले ली. इस दिल दहला देने वाली घटना ने सबको चौंका दिया है. बाद में जब सच्चाई सामने आई तो हर कोई एक गेम के बारे में बात कर रहा है. इस गेम का नाम है कोरियन लव. यह कोई सामान्य गेम नहीं है. इस गेम की वजह से ही गाजियाबाद में तीनों बच्चियों ने सुसाइड किया. पहले ब्लू व्हेल और अब कोरियन लवर..आखिर इन गेमों मे क्या होता है जो बच्चे आसानी से इसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं और अपनी जान तक दे देते हैं, आइए समझते हैं.
अगर आपको याद हो तो साल 2016-17 में एक गेम काफी चर्चा में था. इस गेम के दिवाने युवा थे, वे इसमें दिए गए टास्क को पूरा करते थे. लेकिन गेम का आखिरी टास्क खुद को मारना होता था. यानी हर हाल में मृत्यु की आखिरी ऑप्शन होता था. हालांकि, बाद में चर्चा में आने के बाद गेम को बैन कर दिया गया. लेकिन, उसकी जगह एक और गेम ने ले ली है. गेम जिसकी वजह से कल तीन मासूम बच्चियों ने अपनी जान ले ली.
हमें नहीं पता कोरियन लवर गेम कितने बच्चों के मोबाइल में इंस्टॉल है लेकिन इसकी खतरनाक स्थिति को देखते हुए हर मां-बाप को जरूर सावधान हो जाना चाहिए. यह ऐसा गेम नहीं है जो केवल एंटरटेनमेंट के उद्देश्य से बनाया गया हो. यह गेम कोरियन कल्चर से प्रेरित है और इसको खेलने वाले यूजर्स को टास्क दिए जाते हैं. ऐसे गेम पहले बच्चों के साथ इमोशनल अटैचमेंट बनाते है फिर अपना खुंखार खेल शुरू कर देते हैं.
K-ड्रामा का क्रेज आज के यंगस्टर में काफी ज्यादा है. खासतौर पर लड़कियां K-ड्रामा को काफी पसंद करती हैं. K-ड्रामा यानी कोरियन बेस्ड मूवी या शोज. जिसकी वजह से वे ऐसे गेम की ओर भी बहुत जल्दी आकर्षित हो जाते हैं. इन गेम का पैटर्न भी वैसा ही होता है जैसा हम पहले ब्लू व्हेल जैसे गेम में देख चुके हैं.
शुरुआत में आसान टास्क जैसे पड़ोसी के दरवाजे की घंटी बजाकर भागना या अन्य शरारतपूर्ण काम दिए जाते हैं. इसका मकसद इमोशनली अटैचमेंट पैदा करना होता है. एक बार यूजर को इसकी लत लग जाती है तो वे रोज इसमें लॉगिन करने लग जाते हैं. इसके बाद गेम के डेवलपर असली खेल शुरू करते हैं. वे टास्क को हार्मफुल या खतरनाक बनाने लग जाते हैं. खिलाड़ी यह महसूस करने लगता है कि अगर उसने टास्क पूरा नहीं किया तो उसका वर्चुअल पार्टनर नाराज हो सकता है.
धीरे-धीरे ऐप उनको अपने वश में ले लेता है. फिर ऐप खतरनाक टास्क देने लगता है. जिसमें कभी हाथ पर ब्लेड से काटना तो किसी पालतू जानवर की हत्या करना होता है. और आखिरी स्टेप खुद की जान लेने के लिए ऐप मजबूर कर देता है. इस केस में भी पुराने ब्लू व्हेल जैसा ही तरीका यह गेम अपनाता है.
अब आखिरी सवाल है अगर ऐसे गेम गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर पर नहीं होते हैं तो आखिर यूजर्स कहां से इनको डाउनलोड कर लेते हैं. दरअसल इन ऐप को किसी खास ग्रुप के जरिए प्रोमोट किया जाता है. जिसके बाद उन्हें मोबाइल इस गेम को इंस्टॉल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. जैसे ही ऐप इंस्टॉल होता है जिज्ञासावश बच्चे अंधेरी दुनिया में फंसते चले जाते हैं.
ऐसे ही खतरे को देखते हुए आस्ट्रेलिया, फ्रांस, स्पेन जैसे देशों में कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और अन्य पाबंदियां लगाई जा रही हैं. लेकिन भारत में अभी ऐसा कोई कानून नहीं है. गेम के बंद होने के बाद भी उसके दूसरे रूप मौजूद होते हैं जो खतरनाक हैं. सामाजिक अलगाव और टास्क-बेस्ड जुड़ाव नए डिजिटल रूपों में मौजूद है. Roblox जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म भी अब जांच के दायरे में हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने बच्चे की एक्टिविटी पर नजर जरूर रखें, खासतौर पर वह मोबाइल कौन-सा ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं यह पता पैरेंट्स को होना जरूरी है.