भारत के अलग-अलग हिस्सों से हर कुछ महीनों में एक जैसी खबरें सामने आती हैं। बाथरूम में नहाते समय गैस गीजर से निकली जहरीली गैस, दम घुटना और फिर अचानक बाथरूम में नहाने वाले की मौत हो जाना। ये खबरें चौंकाती जरूर हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद भुला दी जाती हैं। यही भूल सबसे खतरनाक है। क्योंकि गैस गीजर कोई अचानक खराब होने वाली मशीन नहीं, बल्कि एक ऐसा खामोश खतरा है, जो ज़रा-सी लापरवाही पर जान ले सकता है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के बदायूं में ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। असल में, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शाहबाजुर जफा में रहने वाले सलीम अहमद के दो बेटे 11 साल का सयान और 4 साल का रयान, रोज़ की तरह सुबह करीब 10 बजे बाथरूम में नहाने गए थे। बाथरूम अंदर से बंद था और गैस गीजर चालू था।
घर में मां रूखसार और अन्य बच्चे मौजूद थे। सलीम अहमद उस वक्त पास के सैलून में शेविंग कराने चले गए थे। काफी देर तक जब दोनों बच्चे बाहर नहीं आए, तो परिवार को चिंता हुई। आवाज़ दी गई, दरवाज़ा खटखटाया गया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार दरवाज़ा तोड़ा गया। अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए, दोनों बच्चे बेसुध हालत में फर्श पर पड़े थे।
परिजन तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने छोटे बेटे रयान को मृत घोषित कर दिया, जबकि बड़े बेटे सयान की हालत गंभीर देखते हुए उसे बरेली के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। यह घटना एक दर्दनाक दृश्य होने के साथ साथ एक सबक भी देती है। कुछ सवाल भी खड़े करती है कि क्या आखिर हमें अपने घर में गैस वाला गीजर इस्तेमाल करना चाहिए? आखिर किस कारण यह मौत की वजह बन सकता है, किस तरह से हम सुरक्षित रह सकते हैं। इसके अलावा सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या हमें अपने घर में गैस वाला गीजर लगवाना चाहिए? आइए इससे जुड़े सभी खतरों के साथ साथ यह भी जानते है कि आखिर इसे इस्तेमाल करने के दौरान किन बातों का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए।
गैस गीजर LPG से पानी गर्म करता है। इस प्रक्रिया में आंशिक दहन होता है, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है। यह गैस न दिखती है, न सूंघी जा सकती है। यानी इंसान को पता ही नहीं चलता कि वह ज़हर सांस के साथ अंदर ले रहा है। बंद बाथरूम में यह गैस कुछ ही मिनटों में जानलेवा स्तर तक पहुंच जाती है। पहले चक्कर, फिर घबराहट, बेहोशी और कई मामलों में मौत से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। एक सबसे खतरनाक हादसे के बारे में हम पढ़ चुके हैं और यह पहला और आखिरी मामला नहीं है। आइए अब जानते है कि आखिर अपने बाथरूम में लोग खुद से मौत लेकर क्यों आते हैं?
इसका सबसे बड़ा कारण यह हो सकता है कि लोग बिजली के बढ़ते बिल से बचने के लिए इसे लगवाते हैं। असल में, बिजली नहीं खपत करता और बड़े परिवारों को किफायती लगता है। लेकिन यही किफायत तब भारी पड़ जाती है, जब बाथरूम में वेंटिलेशन नहीं होता, एग्जॉस्ट फैन बंद रहता है और गीजर लंबे समय तक चालू छोड़ा जाता है।
अधिकतर हादसों में एक जैसी लापरवाहियां सामने आती हैं:
बाथरूम पूरी तरह बंद, न खिड़की न रोशनदान, गीजर नहाते वक्त चालू, कोई एग्जॉस्ट नहीं और नियमित सर्विस का अभाव। बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए यह जोखिम और भी ज्यादा हो जाता है।
गैस गीजर को कभी भी पूरी तरह बंद बाथरूम में न लगाएं। वेंटिलेशन और एग्जॉस्ट फैन हमेशा चालू रखें। नहाने से पहले पानी गर्म करें और उसके बाद गीजर बंद कर दें। लंबे समय तक गीजर चालू न छोड़ें। समय-समय पर लीकेज और सर्विस जरूर कराएं। अगर नहाते समय घबराहट, चक्कर या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो तो तुरंत खुले स्थान में जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें, इसका कोई घरेलू इलाज नहीं है।
देश में अभी हालिया मामला बदायूं से सामने आया है, और यह घटना यह साफ बताती हैं कि गैस गीजर कोई मामूली घरेलू डिवाइस नहीं है। यह सही इस्तेमाल पर सुविधा है, लेकिन गलत इस्तेमाल पर मौत का कारण भी।