आपका सिम कार्ड ब्लॉक होने वाला है? क्या आपको भी आया ऐसा मैसेज/कॉल.. सरकार की सतर्क रहने की चेतावनी

Updated on 02-Jul-2025

भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश भर के मोबाइल यूजर्स से सिम कार्ड सेवाओं के प्रतिनिधि बनकर ठगी करने वाले फ्रॉडस्टर्स से सावधान रहने की अपील की है। यह चेतावनी DoT के आधिकारिक X अकाउंट के जरिए दी गई है। विभाग ने यूजर्स से अनजान नंबरों से आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल्स या मैसेज की रिपोर्ट करने को भी कहा है। DoT ने खास तौर पर सिम स्वैप फ्रॉड को लेकर सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि हाल ही में कई यूजर्स ने बताया कि उन्हें टेलीकॉम विभाग के नाम से फर्जी कॉल्स आए, जिसमें उनकी सिम बंद करने की बात कही गई। DoT ने स्पष्ट किया कि न तो दूरसंचार विभाग, TRAI, और न ही कोई टेलीकॉम कंपनी यूजर्स को सिम बंद करने के लिए कॉल या मैसेज करती है। ऐसी कॉल्स या मैसेज को नजरअंदाज करें। इसके अलावा, KYC मांगने वाले मैसेज या संदिग्ध लिंक्स वाले ईमेल से भी सावधान रहें, इनपर क्लिक न करें।

सिम स्वैप फ्रॉड क्या है?

आज के डिजिटल युग में, यूजर्स अपने बैंक खातों और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) से सुरक्षित रखते हैं। इसके लिए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) की जरूरत होती है, चाहे वह बैंक ट्रांजैक्शन हो या सोशल मीडिया लॉगिन आदि।

लेकिन साइबर अपराधी इस सिस्टम का दुरुपयोग करते हैं। वे सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके यूजर के मोबाइल नंबर पर नई सिम कार्ड एक्टिवेट करवा लेते हैं। इसके बाद, यूजर के लिए आने वाले सभी OTP फ्रॉडस्टर के पास चले जाते हैं, जिससे वे आसानी से ठगी कर लेते हैं। हाल ही में सिम कार्ड जारी करने के नियमों में बदलाव किए गए हैं ताकि सुरक्षा बढ़ाई जा सके। फिर भी, कई यूजर्स को तब तक पता नहीं चलता कि वे इस फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं, जब तक बहुत देर हो चुकी होती है।

नए नियम क्या हैं?

बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: अब नई सिम कार्ड जारी करने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (जैसे फिंगरप्रिंट या आधार) अनिवार्य है।
24 घंटे का SMS ब्लॉक: नई सिम एक्टिवेशन के बाद 24 घंटे तक इनकमिंग SMS बंद रहेंगे। इससे फ्रॉडस्टर को तुरंत OTP मिलने से रोका जा सकेगा।

यूजर्स खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं?

DoT ने सलाह दी है कि सतर्कता ही फ्रॉड से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। आप कुछ टिप्स को अपनाकर सुरक्षित हो सकते हैं।

पर्सनल डिटेल्स किसी के भी साथ शेयर न करें: अनजान लोगों के साथ आधार, बैंक डिटेल्स, या अन्य संवेदनशील जानकारी शेयर करने से पूरी तरह बचें।
सोशल मीडिया पर सावधानी बरतना भी जरूरी: सोशल मीडिया पर जानकारी केवल दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें। प्रोफाइल को प्राइवेट रखें तो यह ज्यादा सुरक्षित है।
अनजान कॉल्स/मैसेज नजरअंदाज करें: अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स या मैसेज को संदिग्ध मानें और जवाब न दें।
लिंक्स पर क्लिक न करें: पुरस्कार, लॉटरी, या गिफ्ट का लालच देने वाले मैसेज में आने वाले लिंक्स पर क्लिक न करें। ये मैलवेयर हो सकते हैं, जो आपके डिवाइस से सभी तरह की जानकारी चुरा सकते हैं।
संदिग्ध कॉल्स की रिपोर्ट करें: DoT की वेबसाइट या संचार साथी पोर्टल (www.sancharsaathi.gov.in) पर फ्रॉड कॉल्स की शिकायत दर्ज करें।
सिम एक्टिविटी चेक करें: अगर आपकी सिम अचानक काम करना बंद कर दे या नेटवर्क गायब हो, तो तुरंत अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें।
2FA शुरू करें: बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए ईमेल-बेस्ड OTP या ऑथेंटिकेशन ऐप्स (जैसे Google Authenticator) का भी उपयोग किया जा सकता है।

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Ashwani Kumar

Ashwani Kumar has been the heart of Digit Hindi for nearly nine years, now serving as Senior Editor and leading the Vernac team with passion. He’s known for making complex tech simple and relatable, helping millions discover gadgets, reviews, and news in their own language. Ashwani’s approachable writing and commitment have turned Digit Hindi into a trusted tech haven for regional readers across India, bridging the gap between technology and everyday life.

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